HP Budget Session Live: सियासी हलचल के बीच विक्रमादित्य का सुबह मंत्री पद से इस्तीफा, शाम को पड़े नरम
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के पास बहुमत होने के बावजूद राज्यसभा की सीट भाजपा की झोली में जाने से प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सुबह मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया, लेकिन शाम को वापस ले लिया। भाजपा के 15 विधायक सदन ने निलंबित कर दिए गए। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स
लाइव अपडेट
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पर्यवेक्षकों के साथ बैठक संपन्न होने के बाद कहा कि हमारी सरकार सुरक्षित है। कहा कि बैठक में चुनाव से संबंधित चर्चा हुई।
#WATCH शिमला में कांग्रेस नेताओं की बैठक खत्म हुई।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 28, 2024
बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "...चुनाव से संबंधित चर्चा है, हमारी सरकार सुरक्षित है..." pic.twitter.com/TX2vWvpe9m
उधर, शिमला हिमाचल प्रदेश के शिमला में बीजेपी विधायक दल की बैठक चल रही है। पार्टी विधायक रीना कश्यप ने कहा कि जो सरकार व्यवस्था परिवर्तन की बात कर रही है, अब उनके जाने का समय आ गया है।
#WATCH शिमला: भाजपा नेताओं की बैठक के समापन के बाद पार्टी विधायक रीना कश्यप ने कहा, "...जो सरकार व्यवस्था परिवर्तन की बात कर रही है, अब उनके जाने का समय आ गया है..." pic.twitter.com/id23lV0O2J
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 28, 2024
दल-बदल कानून में राज्य सरकार की ओर से की दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा गया। बागी छह कांग्रेस विधायकों राजेंद्र राणा, सुधीर शर्मा, चैतन्य शर्मा, देवेंद्र कुमार भुट्टो, इंद्र दत्त लखनपाल और रवि ठाकुर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सतपाल जैन विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया के समक्ष पेश हुए। सरकार के अधिवक्ता भी उनके समक्ष उपस्थित हुए। वहीं, सुनवाई के बाद प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि दोनों पक्षों को विस्तृत रूप से सुना है। उसके बाद उन्होंने अपने फैसले को अपने पास सुरक्षित रखा है। भाजपा की ओर से पेश हुए वकील सतपाल जैन ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने सुबह छह विधायकों को दल-बदल कानून के तहत कारण बताओ नोटिस दिया था। डेढ़ बजे उन्होंने पेश होना था तो उस वक्त छहों विधायकों की ओर से वह पेश हुए। उन्होंने लिखकर उनसे निवेदन किया कि याचिका की प्रति नहीं मिली है। केवल नोटिस मिला है। सात दिन का वक्त दिया जाए, जिससे कि वे जवाब दायर कर सकें। विधानसभा की ओर से बनाए गए एंटी डिफेक्शन रूल-7 के तहत जिसके खिलाफ याचिका आती है, उसे जवाब देने के लिए सात दिन का वक्त देने का प्रावधान है। उन्होंने डेढ़ बजे लिखकर दरख्वास्त दी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कोई भी ऐसा व्यवहार नहीं किया, जो इस नियम के तहत आता हो। डेढ़ बजे सुनवाई शुरू हुई। चार बजे रिकॉर्ड का निरीक्षण करने को कहा। याचिका की प्रति बहस खत्म होने के बाद दी गई है। उन्हें कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं को बात करने का अधिकार है। उन्होंने अपनी याचिका को रिजर्व किया है। उन्हें पूरा विश्वास है कि स्पीकर पद की गरिमा का ध्यान रखेंगे। राज्यसभा चुनाव में कौन कहां वोट डालता है, इसके आधार पर डिस्कवालिफिकेशन नहीं किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का इस्तीफा स्वीकार करने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य सिंह उनके छोटे भाई हैं। सीएम ने कहा कि उनकी जो नाराजगी है, उसे दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक भी बुलाई है। पत्रकारों से बातचीत में सीएम सुक्खू ने विक्रमादित्य के इस्तीफा देने से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य सिंह से बात हुई है। ऐसी कोई बात नहीं है। वह मेरे छोटे भाई हैं। निश्चित रूप से किसी को गुस्सा आता है तो वह इस्तीफा दे देता है। उनका इस्तीफा स्वीकार करने का कोई औचित्य ही नहीं है। बजट सत्र के दौरान उनसे आज हमारी बात हुई लेकिन इस बीच सदन में स्पीकर आ गए। उनकी जो भी नाराजगी है उसे दूर किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में मची सियासी घमासान को थामने के लिए कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा शिमला पहुंच गए हैं। राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान स्थित होटल में पार्टी पर्यवेक्षकों ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ सबसे पहले बैठक की। इसके बाद विक्रमादित्य सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी पर्यवेक्षकों से मिले। कांग्रेस हाईकमान की ओर से हिमाचल में भेजे गए दोनों पर्यवेक्षक सभी कांग्रेस विधायकों और मंत्रियों से एक-एककर उनकी राय जान रहे हैं।
इस्तीफा स्वीकार नहीं होने पर कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। मैं दबाव नहीं लेता बल्कि दबाव देता हूं। सीएम को बदलना चाहिए या नहीं, पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह उनका अधिकार क्षेत्र नहीं है, यह पार्टी हाईकमान तय करेगा।
#WATCH शिमला, हिमाचल प्रदेश: इस्तीफा स्वीकार नहीं होने पर कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह ने कहा, "यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है... मैं दबाव नहीं लेता बल्कि मैं दबाव देता हूं..." pic.twitter.com/cBUvD1SkLb
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 28, 2024
नवजोत सिंह सिद्धू ने एक्स पर लिखा- हिमाचल की विफलता देश की सबसे पुरानी पार्टी के लिए संपत्तियों और उत्तरदायित्व के आकलन की मांग करती है। बड़े पदों पर बैठे छद्मवेशी गुप्त रूप से सीबीआई, ईडी और आईटी जैसी एजेंसियों की धुनों पर नाच रहे हैं जो कई बार हमारे लिए विनाशकारी दिन लेकर आए हैं। पार्टी में मौजूद ऐसे लोगों को बाहर निकालना जरूरी है जो सामूहिक भलाई के ऊपर अपने व्यक्तिगत हित को प्राथमिकता देते हैं। उनके कृत्यों से पार्टी के अस्तित्व पर गहरी चोट लगी है। घाव ठीक हो सकते हैं लेकिन मानसिक आघात बरकरार रहेंगे। उनका लाभ ही कांग्रेस कार्यकर्ता का सबसे बड़ा दर्द है।
The Himachal fiasco calls for an assessment of assets and liabilities for The Grand Old Party ??? …. “Masqueraders” on plum posts covertly dancing to the tunes of agencies like CBI, ED and IT have spelt dooms day for us many a times !
— Navjot Singh Sidhu (@sherryontopp) February 28, 2024
The loss is not @DrAMSinghvi Sahb’s but…
क्रॉस वोटिंग करने वाले कांग्रेस के छह विधायक फिर से हरियाणा के पंचकूला पहुंच गए हैं। हरियाणा पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले के साथ कड़ी सुरक्षा में लाया गया। इनमें राजेंद्र राणा, सुधीर शर्मा, देवेंद्र भुट्टो, आईडी लखनपाल, रवि ठाकुर और चैतन्य शर्मा शामिल हैं।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा, बीजेपी के पास 25 विधायक हैं। राज्यसभा में वोटिंग के बाद यह संख्या बढ़कर 34 हो गई। इससे सरकार के ऊपर बहुत बड़ा संकट आ गया है...उन्हें किसी तरह बजट पास कराना था, वरना सरकार गिर जाती। इसके लिए उनके पास एक ही तरीका था कि बीजेपी विधायकों का नंबर वो कैसे कम कर सके। आज बिना किसी कारण के 15 विधायकों को निलंबित कर दिया गया है। उन विधायकों में मैं भी शामिल हूं। कांग्रेस की सरकार बचाई जा सके इसलिए 15 विधायकों को निलंबित किया गया है। हमारे निलंबन के बाद उन्होंने बजट पारित किया।
#WATCH शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा से 15 विधायकों के निलंबन पर एलओपी जयराम ठाकुर ने कहा, "बीजेपी के पास 25 विधायक हैं। राज्यसभा में वोटिंग के बाद यह संख्या बढ़कर 34 हो गई। इससे सरकार के ऊपर बहुत बड़ा संकट आ गया है...उन्हें किसी तरह बजट पास कराना था वरना सरकार गिर जाती। इसके लिए… pic.twitter.com/KFrCWkRlFl
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 28, 2024
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सहित सभी मंत्री और विधायक ओकओवर रवाना हो गए हैं। इससे पहले सीएम कई मंत्रियों और विधायकों के साथ तारा देवी मंदिर गए। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हम उनके (कांग्रेस विधायक जिन्होंने राज्यसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार को वोट दिया था) खिलाफ अयोग्यता प्रस्ताव लाए हैं और उस पर सुनवाई चल रही है। आज बजट पारित हो गया और हमारी सरकार को गिराने की जो साजिश की गई हम उसका भंडाफोड़ करेंगे। हमारी सरकार 5 साल पूरे करेगी।
#WATCH शिमला (हिमाचल प्रदेश): सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, "हम उनके (कांग्रेस विधायक जिन्होंने राज्यसभा चुनावों में भाजपा उम्मीदवार को वोट दिया था) खिलाफ अयोग्यता प्रस्ताव लाए हैं और उस पर सुनवाई चल रही है। आज बजट पारित हो गया और हमारी सरकार को गिराने की जो साजिश की गई हम… pic.twitter.com/KUJED99mwp
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 28, 2024