Kisan Andolan Live: सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल, घायल किसानों को मुआवजा और पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग
Kisan Andolan Live Updates News in Hindi: जींद की खनौरी सीमा पर किसान शुभकरण सिंह की मौत के विरोध में किसान आज काला दिवस मनाएंगे। गुरुवार को बॉर्डरों पर दिन भर शांति रही। सोमवार (26 मार्च) को देशभर के राजमार्गों पर ट्रैक्टर आक्रोश रैली निकालने और 14 मार्च को दिल्ली में किसान-मजदूर महापंचायत का एलान किया गया है। जानें पल-पल के अपडेट...
लाइव अपडेट
किसान आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल
एसएचओ को आई चोट
पथराव में एसएचओ चंद्रभान को चोट आई है। किसान नेता सुरेश कोथ समेत कुछ किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस की कार्रवाई में किसान भी घायल हुए हैं।हिसार में किसानों ने किया पथराव, पुलिस ने बल प्रयोग कर रोका
हिसार के खेड़ी चौपटा के पक्के मोर्चे पर किसानों ने दोपहर 2 बजे आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने सड़क पर दोनों ओर बेरिकेड्स लगाए हुए हैं। मौके पर गाड़ियां भी अड़ा दी गई हैं। किसान कच्चे रास्तों की ओर से निकलने लगे तो पुलिस ने वहां भी रोकने का प्रयास किया। पुलिस तथा किसानों के बीच काफी देर तक बहस हुई। इस बीच पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो किसानों ने भी पुलिस पर पथराव किया। इसके बाद पुलिस पीछे हट गई। पुलिसकर्मी मौके से दौड़ते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे। बाद में पुलिस कर्मियों ने भी किसानों पर पथराव करना शुरू कर दिया।भारतीय किसान यूनियन के सूबेदार चरण सिंह, सुनील प्रधान, तेजबीर प्रधान, नीरज सिलाना,सीटू की सरोज दुजाना, रिटायर्ड कर्मचारी नेता मास्टर बलबीर सिंह कोट तथा एसकेएस जिला प्रधान रामबीर, आशा वर्कर नेत्री, अनीता भागलपुरी ने भी धरने को संबोधित किया व पंजाब की सीमा पर किसानों पर चलाए जा रहे क्रूर पुलिस दमन, ट्रैक्टरों को तोड़ने पर आक्रोश व्यक्त किया और इसकी न्यायिक जांच कराने, 9 दिसंबर 2021 को दिल्ली बॉर्डर से किसानों की घर वापसी के समय एसकेएम से किए गए वायदों को पूरा करने की मांग केंद्र सरकार से की।
इस अवसर पर ओमप्रकाश बाघपुर,ओमबीर सिंह, महेंद्र सिंह, बलबीर सिंह, सुनील माजरा,पवन, हंसराज, होश्यार सिंह, सुरेंद्र, रमेश, काले प्रधान,सतबीर सिंह, सतपाल सभ्रवाल, संसार सुरहेती, किशन तथा अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा नेशनल कोर्डिनेशन कमेटी के सदस्य एवं ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि युवा किसान शुभकरण सिंह की हत्या के अपराध में मुख्यमंत्री हरियाणा और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। किसान सभा के दिलबाग सिंह दलाल ने कहा कि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच करवाई जाए। सतबीर सिंह कादियान, जगबीर सिंह सोलंकी तथा रमेश जाखड़ ने शहीद शुभ करण सिंह के परिवार को एक करोड रुपए मुआवजा देने की मांग की।
किसान संगठनों तथा विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने जलाए सरकार के पुतले
खनौरी बॉर्डर पर चौथे किसान की मौत पर पंधेर का बयान
खनौरी बॉर्डर पर एक और किसान की मौत पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि वह खनौरी बॉर्डर पर थे और इस किसान आंदोलन के चौथे शहीद हैं। उनकी पहचान दर्शन सिंह (62) के रूप में हुई है, उनकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। पिछले तीन शहीदों के समान ही मुआवजा दिया गया है और एक उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जानी चाहिए। उन्होंने पहले प्रत्येक को मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपये प्रदान किए हैं।#WATCH | Patiala, Punjab | Farmer leader Sarwan Singh Pandher speaks on the death of a farmer.
— ANI (@ANI) February 23, 2024
He says, "He was at the Khanauri border and is the fourth martyr of this farmers' agitation. He has been identified as Darshan Singh (62), he died of a heart attack. Compensation… pic.twitter.com/m61OcrZUcL
हिसार से किसान खनौरी बॉर्डर कूच करने पर अड़े, प्रशासन अलर्ट
हिसार के खेड़ी चौपटा के पक्के मोर्चे पर किसानों ने दोपहर 2 बजे के बाद खनौरी बॉर्डर की ओर कूच करने का एलान किया है। इस एलान को लेकर प्रशासन ने वीरवार को किसानों से बातचीत की थी जिसमें समाधान नहीं निकल सका था। किसान खनौरी बॉर्डर पर जाने की जिद पर अड़े रहे। प्रशासन ने मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है। फायर ब्रिगेड की गाड़ी, वाटर कैनन, एंबुलेंस मौके पर तैनात हैं।
किसान नेता सुरेश कोथ व विकास सीसर ने बताया कि किसान दोपहर करीब दो बजे खनौरी बॉर्डर के लिए कूच करेंगे। अगर प्रशासन ने कोई खलल डालने की कोशिश की, तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसान शांतिपूर्वक अपना आंदोलन कर रहे हैं। प्रशासन भी शांतिपूर्वक तरीके से किसानों का सहयोग करे। सरकार किसानों की सभी मांगें जल्द से जल्द पूरी करें अन्यथा आंदोलन और तेज किया जाएगा। खनौरी बॉर्डर जाने के लिए किसानों ने अपनी तैयारी कर रखी है सभी किसान राशन के साथ पूरे इंतजाम करके यहां से चलेंगे। ट्रैक्टर के साथ ट्रॉली के अंदर ही रहने का अस्थाई ठिकाना भी बनाया गया है। बॉर्डर पर पहुंच कर जो किसान नेताओं के आदेश होंगे, उसी के अनुसार काम किया जाएगा। इस बार किसान अपनी मांगें पूरी करवाए बगैर घर नहीं लौटेगा।
कमेटी में यह किसान हैं शामिल
कमेटी में विकास सिसर, कुलदीप खरड़, प्रधान अमन डाटा, रणवीर उमरा, सतीश राजली, जय नारायण, सुरेश, बिजेंदर, सुंदर, राकेश, मनीष, जगदीश, विकास, कृष्ण, मनजीत, सतीश, गोलू, अभिमन्यु, धर्मवीर, रामपाल, रणधीर, ओमप्रकाश, रामकुमार, कृष्णा मान, सुंदर, जोरा सिंह, कर्मवीर, संदीप, रोहतास, वारिस डाटा, जगदीप, राजेंद्र, संदीप, सुंदर पनिहारी, मनजीत, रामचंद्र, कृष्ण मसूदपुर, कुलदीप, काला गामडा, शिवलाल राजली, रामपाल, रवि, अनिल, सुनील राखी, प्रदीप ढांडा, सुरेश, रणधीर खेड़ी, दरबारा, अनिल, सूरजमल, सत्ता, कुलदीप पुनिया, आजाद, सोनू ,राम मेहर, रौनक, नफे सिंह, राजपाल, नरेश, मनोज, दीपक, महेंद्र खेड़ी, ओम प्रकाश, परवीन नाडा, विनोद दुहन, दीपक मोर, वीरेंद्र, मांगेराम, सिद्धू मिर्चपुर इत्यादि शामिल किए गए हैं।
किसान साथियों को जोड़ने के लिए बनाई समन्वय समिति
एमकेएम ने सभी पुराने किसान साथियों को साथ जोड़ने के लिए उन्होंने छह सदस्यीय समिति बनाई है, जो इन किसानों से जाकर बात करेगी। समिति बॉर्डर पर डटे किसान यूनियनों से भी बात करेगी और प्रयास रहेगा कि वह सभी साथ मिलकर ही किसानी मुद्दों को लेकर आगे बढ़ें। मोर्चे ने डीसी ऑफिस और भाजपा नेताओं के घरों के बाहर दिए जा रहे धरने को समाप्त करने का फैसला लिया है।सुनील जाखड़ ने शुभकरण की मौत को बताया दुखद
जाखड़ ने लिखा-मैं ऐसी दुर्घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं क्योंकि आज भी विरोध स्थल पर हमारे हजारों शुभकरण मौजूद हैं। दोनों पक्षों को याद रखना चाहिए कि हर जीवन मायने रखता है। सरकारों और सुरक्षा बलों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए संयम और संवेदनशीलता का पालन करना चाहिए, वहीं किसान संगठनों को भी हमारे युवाओं के जुनून और ऊर्जा को सही दिशा में ले जाना चाहिए। इस आंदोलन के नेताओं को यह महसूस करना चाहिए कि हमारे युवा हमारे राष्ट्र की संपत्ति हैं और उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी के संकीर्ण राजनीतिक उद्देश्यों के लिए युवाओं का दुरुपयोग न किया जाए। सभी मांगों का समाधान बातचीत के माध्यम से आना चाहिए और दोनों पक्षों को बातचीत के माध्यम से मुद्दों को हल करने की दिशा में काम करना चाहिए।