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ट्रायल का पहला दिन : चालकों को किया जागरूक, कल से दूसरे जोन में गए तो चालान
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ब्लू जोन ई-रिक्शा कैनाल रोड जम्मू से गुजर रहा है।संवाद
- एक जोन से दूसरे में प्रवेश नहीं कर पाए ई-रिक्शा और ऑटाे
- निर्धारित जगहों पर सुविधा न मिलने से दूसरे विकल्पों से गंतव्य तक पहुंचीं सवारियां
- जम्मू में बनाए गए हैं छह जोन, एक माह तक चलेगा ट्रायल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू जिले में ई-रिक्शा व ई-ऑटो चलाने के लिए बुधवार से ट्रायल शुरू हो गया। पहले दिन चालकों को जागरूक किया जाएगा। शुक्रवार से दूसरे जोन में प्रवेश करने पर पुलिस चालान काटेगी।
इस बारे में 11 अक्तूबर को डीसी राकेश मन्हास ने आदेश जारी किया था। ट्रायल एक माह तक चलेगा। जम्मू जिले को छह जोन में बांटा गया है। इनमें मढ़, नगरोटा, जम्मू उत्तर, दक्षिण, आरएस पुरा और अखनूर शामिल हैं। पहले दिन नियमों का पालन हुआ। एक जोन का ऑटो दूसरे जोन में नहीं चला। दिन भर हालत यह रही कि अन्य दिनों की अपेक्षा ई-रिक्शा व ऑटो चालकों को कम कमाई हुई है।
स्टैंड पर सवारियां ई-रिक्शा व ऑटो आने का इंतजार करती रहीं। गांधीनगर जोन से सवारियां दूसरी जगहों पर जाने के लिए कहती रही लेकिन चालकों ने जोन आवंटित होने का हवाला दिया। सवारियों को आवाजाही के लिए अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ा। आरटीओ जम्मू जसमीत वीर ने कहा कि ट्रायल शुरू हो गया है। दो दिनों के बाद चालान काटे जाएंगे। ई रिक्शा, ऑटो को नियमों के तहत ही चलाया जाएगा। इसमें छूट नहीं दी जाएगी।
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चालक बोले - पहले की अपेक्षा घाटा हुआ
गांधीनगर जोन के ई-आटो चालक मुज्जफरदीन ने कहा कि दोपहर तक कोई कमाई नहीं हुई है। अन्य दिनों के मुकाबले काफी घाटा हुआ है। अकबर ने कहा कि सवारियां दूसरे जोन में जाने के लिए कह रही हैं। यहां पर जाना प्रतिबंधित है। सीमा तक छोड़ने के लिए कहा जा रहा है लेकिन सवारियां अन्य विकल्पों से गंतव्य को रवाना हो रही हैं। ज्वेल चौक में ऑटो चलाने वाले मनोज ने कहा कि पहले दिन ई-ऑटो की लंबी लाइन लगी है। सवारियां आने का इंतजार किया जा रहा है। दिन में सवारियां मेटाडोर से ज्यादा सफर करती हैं। इक्का-दुक्का सवारियां मिलती थीं। आज कोई जाने को तैयार नहीं है। तालाब तिल्लो से हरिया ने कहा कि दो साल पहले ई-रिक्शा चलाने पर काम शुरू किया था। एक जगह से दूसरी जगह से सवारियां ले जाकर दिन में पांच से छह सौ रुपये तक दिहाड़ी बन जाती थी। अब शर्त लागू होने से सवारियां कम बैठ रही हैं।
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- एयरपोर्ट में ई-ऑटो चलाने वाले हरमीत सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट पर सुबह आठ बजे ऑटो लगाया। दोपहर 12 बजे तक दो फ्लाइट आईं। सवारियां ज्वेल चौक, गुम्मट के लिए मिलीं। तवी पुल पर छोड़ने की शर्त के कारण ऑटो किराये पर नहीं लिया। शाम तक दस रुपये की कमाई नहीं हुई है। एयरपोर्ट से सवारियां रेलवे सहित अन्य जगहों के लिए आती हैं।
- गुम्मट में ई रिक्शा चलाने वाले अरुण कुमार ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक सिर्फ इंतजार किया। सवारियां कभी तालाब तिल्लो, अखनूर और एयरपोर्ट के लिए मिलीं। रास्ते में उतारने की शर्त पर मेटाडोर से गंतव्य तक पहुंचीं। अन्य दिनों में 1200 से 1500 रुपये तक कमाई होती थी। आज सिर्फ 100 रुपये ही बने।
- गांधीनगर से सुनील कुमार, सुजवां से युसुफ और बटिंडी से अल्ताफ ने कहा कि सुबह से लेकर शाम छह बजे तक कोई सवारी नहीं मिली है। पहले एयरपोर्ट, तालाब तिल्लो सहित अन्य इलाकों के लिए सवारियां मिलती थीं। लोग एक जोन से दूसरे जोन में उतरने की शर्त पर ऑटो किराये पर नहीं ले रहे हैं।
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इन इलाकों में जाने की कोई पाबंदी नहीं
- अंबफला अस्पताल क्रॉसिंग से जिला जेल की ओर
- बख्शीनगर क्रॉसिंग पुराने शकुंतला थिएटर की ओर
- थिएटर (पीछे की ओर) क्रॉसिंग शालामार चिल्ड्रन हॉस्पिटल की ओर
- टेल एशिया क्रॉसिंग जिला पुलिस लाइन की ओर
- शास्त्री नगर श्मशानघाट क्रॉसिंग शिक्षा निकेतन स्कूल की ओर
- मार्बल मार्केट क्रॉसिंग ग्रेटर कैलाश की ओर
- कुंजवानी क्रॉसिंग ग्रेटर कैलाश की ओर
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यहां से आवाजाही पर रहा प्रतिबंध
ई-रिक्शा, ई-ऑटो व ई-कार्ट का संचालन फ्लाईओवर, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग में प्रतिबंधित रहा। पहले दिन कोई भी ई-आटो या रिक्शा यहां से नहीं गुजरा।
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कब क्या हुआ
- 11 नवंबर को डीसी ने आदेश जारी किया
- 23 नवंबर से ट्रायल शुरू होना था। पांच दिन छूट मिली
- 29 नवंबर से ट्रायल शुरू हुआ
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पहले दिन चालकों को काफी नुकसान हुआ
श्रीमाता वैष्णो देवी ई-रिक्शा, ई-ऑटो यूनियन के अध्यक्ष गौरव कपूर ने कहा कि पहले दिन चालकों को काफी नुकसान हुआ है। एक माह तक देखा जाएगा। इसके बाद आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
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- निर्धारित जगहों पर सुविधा न मिलने से दूसरे विकल्पों से गंतव्य तक पहुंचीं सवारियां
- जम्मू में बनाए गए हैं छह जोन, एक माह तक चलेगा ट्रायल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू जिले में ई-रिक्शा व ई-ऑटो चलाने के लिए बुधवार से ट्रायल शुरू हो गया। पहले दिन चालकों को जागरूक किया जाएगा। शुक्रवार से दूसरे जोन में प्रवेश करने पर पुलिस चालान काटेगी।
इस बारे में 11 अक्तूबर को डीसी राकेश मन्हास ने आदेश जारी किया था। ट्रायल एक माह तक चलेगा। जम्मू जिले को छह जोन में बांटा गया है। इनमें मढ़, नगरोटा, जम्मू उत्तर, दक्षिण, आरएस पुरा और अखनूर शामिल हैं। पहले दिन नियमों का पालन हुआ। एक जोन का ऑटो दूसरे जोन में नहीं चला। दिन भर हालत यह रही कि अन्य दिनों की अपेक्षा ई-रिक्शा व ऑटो चालकों को कम कमाई हुई है।
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स्टैंड पर सवारियां ई-रिक्शा व ऑटो आने का इंतजार करती रहीं। गांधीनगर जोन से सवारियां दूसरी जगहों पर जाने के लिए कहती रही लेकिन चालकों ने जोन आवंटित होने का हवाला दिया। सवारियों को आवाजाही के लिए अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ा। आरटीओ जम्मू जसमीत वीर ने कहा कि ट्रायल शुरू हो गया है। दो दिनों के बाद चालान काटे जाएंगे। ई रिक्शा, ऑटो को नियमों के तहत ही चलाया जाएगा। इसमें छूट नहीं दी जाएगी।
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चालक बोले - पहले की अपेक्षा घाटा हुआ
गांधीनगर जोन के ई-आटो चालक मुज्जफरदीन ने कहा कि दोपहर तक कोई कमाई नहीं हुई है। अन्य दिनों के मुकाबले काफी घाटा हुआ है। अकबर ने कहा कि सवारियां दूसरे जोन में जाने के लिए कह रही हैं। यहां पर जाना प्रतिबंधित है। सीमा तक छोड़ने के लिए कहा जा रहा है लेकिन सवारियां अन्य विकल्पों से गंतव्य को रवाना हो रही हैं। ज्वेल चौक में ऑटो चलाने वाले मनोज ने कहा कि पहले दिन ई-ऑटो की लंबी लाइन लगी है। सवारियां आने का इंतजार किया जा रहा है। दिन में सवारियां मेटाडोर से ज्यादा सफर करती हैं। इक्का-दुक्का सवारियां मिलती थीं। आज कोई जाने को तैयार नहीं है। तालाब तिल्लो से हरिया ने कहा कि दो साल पहले ई-रिक्शा चलाने पर काम शुरू किया था। एक जगह से दूसरी जगह से सवारियां ले जाकर दिन में पांच से छह सौ रुपये तक दिहाड़ी बन जाती थी। अब शर्त लागू होने से सवारियां कम बैठ रही हैं।
- एयरपोर्ट में ई-ऑटो चलाने वाले हरमीत सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट पर सुबह आठ बजे ऑटो लगाया। दोपहर 12 बजे तक दो फ्लाइट आईं। सवारियां ज्वेल चौक, गुम्मट के लिए मिलीं। तवी पुल पर छोड़ने की शर्त के कारण ऑटो किराये पर नहीं लिया। शाम तक दस रुपये की कमाई नहीं हुई है। एयरपोर्ट से सवारियां रेलवे सहित अन्य जगहों के लिए आती हैं।
- गुम्मट में ई रिक्शा चलाने वाले अरुण कुमार ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक सिर्फ इंतजार किया। सवारियां कभी तालाब तिल्लो, अखनूर और एयरपोर्ट के लिए मिलीं। रास्ते में उतारने की शर्त पर मेटाडोर से गंतव्य तक पहुंचीं। अन्य दिनों में 1200 से 1500 रुपये तक कमाई होती थी। आज सिर्फ 100 रुपये ही बने।
- गांधीनगर से सुनील कुमार, सुजवां से युसुफ और बटिंडी से अल्ताफ ने कहा कि सुबह से लेकर शाम छह बजे तक कोई सवारी नहीं मिली है। पहले एयरपोर्ट, तालाब तिल्लो सहित अन्य इलाकों के लिए सवारियां मिलती थीं। लोग एक जोन से दूसरे जोन में उतरने की शर्त पर ऑटो किराये पर नहीं ले रहे हैं।
इन इलाकों में जाने की कोई पाबंदी नहीं
- अंबफला अस्पताल क्रॉसिंग से जिला जेल की ओर
- बख्शीनगर क्रॉसिंग पुराने शकुंतला थिएटर की ओर
- थिएटर (पीछे की ओर) क्रॉसिंग शालामार चिल्ड्रन हॉस्पिटल की ओर
- टेल एशिया क्रॉसिंग जिला पुलिस लाइन की ओर
- शास्त्री नगर श्मशानघाट क्रॉसिंग शिक्षा निकेतन स्कूल की ओर
- मार्बल मार्केट क्रॉसिंग ग्रेटर कैलाश की ओर
- कुंजवानी क्रॉसिंग ग्रेटर कैलाश की ओर
यहां से आवाजाही पर रहा प्रतिबंध
ई-रिक्शा, ई-ऑटो व ई-कार्ट का संचालन फ्लाईओवर, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग में प्रतिबंधित रहा। पहले दिन कोई भी ई-आटो या रिक्शा यहां से नहीं गुजरा।
कब क्या हुआ
- 11 नवंबर को डीसी ने आदेश जारी किया
- 23 नवंबर से ट्रायल शुरू होना था। पांच दिन छूट मिली
- 29 नवंबर से ट्रायल शुरू हुआ
पहले दिन चालकों को काफी नुकसान हुआ
श्रीमाता वैष्णो देवी ई-रिक्शा, ई-ऑटो यूनियन के अध्यक्ष गौरव कपूर ने कहा कि पहले दिन चालकों को काफी नुकसान हुआ है। एक माह तक देखा जाएगा। इसके बाद आगामी रणनीति बनाई जाएगी।