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कश्मीर में युवाओं को अब न अलगाववादियों की चिंता न आतंकियों का खौफ
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Thu, 29 Dec 2016 11:04 AM IST
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यूथ मेले में पहुंचे युवा
- फोटो : ADGPI- Indian Army
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अलगाववादियों के कैलेंडर तथा बंद से आम कश्मीरी ऊब चुका है। अब उनके आदेशों की नाफरमानी शुरू हो गई है। अलगाववादियों के बंद की परवाह न करते अब आम कश्मीरी सामान्य कामकाज में जुट गया है।
पांच महीनों से कश्मीर हिंसा की आग में जल रहा था। पर अब अवाम और खासकर युवाओं ने अलगाववादियों की नीतियों का विरोध करना शुरू कर दिया है। घाटी में सेना द्वारा भी माहौल को सामान्य बनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
यही वजह है कि डल झील किनारे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित यूथ मेले में युवाओं का हुजूम उमड़ा। चार हजार से अधिक युवा इसमें शामिल हुए, जिसमें युवतियों और महिलाओं की भी खासी भागीदारी रही। महिला कलाकारों ने कई प्रस्तुतियां भी दीं।
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आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की पाश्चात्य परंपरा से दूर रहने की धमकी की परवाह न करते हुए युवक-युवतियां फिल्मी गीतों पर जमकर झूमे। यूथ मेला में युवाओं ने अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। पेटिंग, गायन, वाद्य यंत्र वादन के साथ ही डांस में भी अपना हुनर दिखाया।
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पांच महीनों से कश्मीर हिंसा की आग में जल रहा था। पर अब अवाम और खासकर युवाओं ने अलगाववादियों की नीतियों का विरोध करना शुरू कर दिया है। घाटी में सेना द्वारा भी माहौल को सामान्य बनाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
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यही वजह है कि डल झील किनारे शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कांफ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में आयोजित यूथ मेले में युवाओं का हुजूम उमड़ा। चार हजार से अधिक युवा इसमें शामिल हुए, जिसमें युवतियों और महिलाओं की भी खासी भागीदारी रही। महिला कलाकारों ने कई प्रस्तुतियां भी दीं।
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आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन की पाश्चात्य परंपरा से दूर रहने की धमकी की परवाह न करते हुए युवक-युवतियां फिल्मी गीतों पर जमकर झूमे। यूथ मेला में युवाओं ने अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया। पेटिंग, गायन, वाद्य यंत्र वादन के साथ ही डांस में भी अपना हुनर दिखाया।
भर्ती रैलियों में भी उमड़ी थी भीड़
सेना द्वारा आयोजित यूथ मेला
- फोटो : ADGPI- Indian Army
खास बात यह रही कि फिल्मी गानों पर थिरकते हुए उन्हें न तो आतंकी संगठनों और न ही अलगाववादियों का खौफ सता रहा था। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार 4 हजार से अधिक कश्मीरी युवाओं ने अलगाववादियों के बंद की परवाह न करते हुए मेले में भागीदारी की।
मेले का उद्देश्य कश्मीर हिंसा की वजह से मुख्य धारा से कट गए युवाओं को जोड़ना था जो इसकी इच्छा रखते हैं। बीते पांच महीने से ठप पड़ी शैक्षिक गतिविधियों को फिर से पटरी पर लाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
कश्मीर हिंसा के दौरान पिछले दिनों आयोजित भर्ती मेले में भी युवाओं की खासी भीड़ उमड़ी थी। सेना के साथ ही सीआरपीएफ की भर्ती रैली में भी हिंसा ग्रस्त दक्षिणी कश्मीर से भी सैकड़ों की संख्या में युवा जुटे थे।
मेले का उद्देश्य कश्मीर हिंसा की वजह से मुख्य धारा से कट गए युवाओं को जोड़ना था जो इसकी इच्छा रखते हैं। बीते पांच महीने से ठप पड़ी शैक्षिक गतिविधियों को फिर से पटरी पर लाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
कश्मीर हिंसा के दौरान पिछले दिनों आयोजित भर्ती मेले में भी युवाओं की खासी भीड़ उमड़ी थी। सेना के साथ ही सीआरपीएफ की भर्ती रैली में भी हिंसा ग्रस्त दक्षिणी कश्मीर से भी सैकड़ों की संख्या में युवा जुटे थे।