दवाइयों के बिना एक-एक कर टूट रही सांसों की डोर
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डा. खान ने बताया कि अस्पताल में कार्य कर रहे डाक्टर, स्टाफ नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ मिलकर अस्पताल के परिसर और आपरेशन थियेटर में फैली गंदगी से मरीजों को संक्रमण से बचाने के लिए एकजुट होकर साफ-सफाई कर रहे हैं।
पानी की कमी होने के कारण उन्हें अपने स्टाफ सदस्यों को जल विभाग में भेजकर पानी का टैंकर हाईजैक करके लाना पड़ा। अस्पताल में कार्यरत अन्य डा. इकबाल ने बताया कि दवाइयों के अभाव के कारण कई लोगों की जानें जा रही हैं।
25 बेड वाले अस्पताल में जगह और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों का इलाज करने में परेशानी आ रही है। पिछले कुछ दिनों से बिगड़े हालात में अब तक इस अस्पताल में 82 के करीब सीजेरियन आपरेशन किए जा चुके हैं।
पानी के टैंकर को करना पड़ा हाईजैक
दवाइयों के अभाव में घाटी में अब तक कई जिंदगियां खत्म हो गईं। जिंदगी बचाने के लिए जल विभाग में पहुंचकर पानी के टैंकर को हाईजैक करना पड़ा। यह बात सुनने में कितनी अजीब लगती है लेकिन यह सच है।
घाटी में स्थित प्राइवेट अहमद अस्पताल में मौजूद मरीजों के स्वास्थ्य की चिंता कर रहे डाक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ सदस्यों को अपने मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है।
मीडियाकर्मियों से आपबीती सुनाते हुए डा. खान ने बताया कि अस्पताल में फैली गंदगी और दवाई, अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें अपने मरीजों का इलाज करने में कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।