{"_id":"58a45e8e4f1c1b0c6dd83e64","slug":"wireless-set-found-near-international-border","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: भारत-पाक सीमा के पास वायरलेस सेट मिलने से हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: भारत-पाक सीमा के पास वायरलेस सेट मिलने से हड़कंप
ब्यूरो,अमर उजाला/कठुआ
Updated Wed, 15 Feb 2017 07:28 PM IST
विज्ञापन
कठुआ में मिला वायरलेस से
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाके में वायरलेस सेट मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। लोंडी गांव के पास जिस जगह वायरलेस सेट मिला है, वहां से जीरो लाइन की दूरी दो किलोमीटर से भी कम है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की संभावित घुसपैठ या फिर मददगारों की मौजूदगी को लेकर जांच में जुट गई हैं।
जापानी कंपनी आईकॉम निर्मित वी8 माडल के इस वायरलेस सेट को लोंडी निवासी अश्विनी कुमार ने अपने खेतों में पड़ा पाया। दोपहर डेढ़ बजे के लगभग अश्विनी कुमार पीर बाबा मजार से सटे अपने खेतों में फसल में स्प्रे कर रहा था, इसी बीच उसकी नजर वायरलेस सेट पर पड़ी।
उसने तुरंत इसकी जानकारी अपने एक रिश्तेदार को दी जो पूर्व सैनिक था। उसकी मदद से उन्होंने वायरलेस सेट बीएसएफ की 173 बटालियन के जवानों को सौंप दिया जो लोंडी में तैनात थे।
विज्ञापन
बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार ग्रामीणों ने वायरलेस सेट उन्हें सौंपा था जो पास के ही खेतों में पड़ा मिला था। बीएसएफ ने देर शाम वायरलेस सेट जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया। उधर आईबी से सटे इलाके में वायरलेस सेट मिलने से सुरक्षा एजेंसियां फिर सतर्क हो गई हैं।
खुफिया सूत्रों के अनुसार हीरानगर और सांबा सेक्टर में आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। बीते दिन ही सांबा के रामगढ़ इलाके में पाकिस्तान की मदद से भारतीय सीमा तक आईबी पर बनाई गई सुरंग का भी खुलासा हुआ था।
विज्ञापन
जापानी कंपनी आईकॉम निर्मित वी8 माडल के इस वायरलेस सेट को लोंडी निवासी अश्विनी कुमार ने अपने खेतों में पड़ा पाया। दोपहर डेढ़ बजे के लगभग अश्विनी कुमार पीर बाबा मजार से सटे अपने खेतों में फसल में स्प्रे कर रहा था, इसी बीच उसकी नजर वायरलेस सेट पर पड़ी।
विज्ञापन
उसने तुरंत इसकी जानकारी अपने एक रिश्तेदार को दी जो पूर्व सैनिक था। उसकी मदद से उन्होंने वायरलेस सेट बीएसएफ की 173 बटालियन के जवानों को सौंप दिया जो लोंडी में तैनात थे।
विज्ञापन
बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार ग्रामीणों ने वायरलेस सेट उन्हें सौंपा था जो पास के ही खेतों में पड़ा मिला था। बीएसएफ ने देर शाम वायरलेस सेट जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया। उधर आईबी से सटे इलाके में वायरलेस सेट मिलने से सुरक्षा एजेंसियां फिर सतर्क हो गई हैं।
खुफिया सूत्रों के अनुसार हीरानगर और सांबा सेक्टर में आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। बीते दिन ही सांबा के रामगढ़ इलाके में पाकिस्तान की मदद से भारतीय सीमा तक आईबी पर बनाई गई सुरंग का भी खुलासा हुआ था।
नगरोटा सैन्य कैंप पर हमले के बाद हीरानगर में मिला था वायरलेस सेट
नगरोटा में आतंकी हमला
- फोटो : FILE PHOTO
दो महीने के भीतर हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में दूसरी बार वायरलेस सेट मिलना संवेदनशील है। ऐसा तब और भी संवेदनशील हो जाता है जब आतंकी लगातार सांबा और हीरानगर सेक्टर में घुसपैठ को लेकर कोशिशें कर रहे हों।
इससे पहले तीस नवंबर की शाम मेला मोड़ के नजदीक त्यागी बाबा मंदिर से सटे क्षेत्र में मिला वायरलेस सेट भी आईकॉम (जापान) निर्मित था। पुलिस के हाथ लगा वायरलेस सेट एक्टिव कंडीशन में था। बरामदगी के समय सेट स्विच ऑफ था, लेकिन उसकी बैटरी फुल थी। ईयरफोन भी लगे थे।
वायरलेस सेट की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियां इसे नगरोटा हमले से जोड़कर भी देख रही थीं। चूंकि 29 नवंबर को आतंकियों ने नगरोटा और रामगढ़ सेक्टर में आतंकी वारदातों को अंजाम दिया था।
इससे पहले तीस नवंबर की शाम मेला मोड़ के नजदीक त्यागी बाबा मंदिर से सटे क्षेत्र में मिला वायरलेस सेट भी आईकॉम (जापान) निर्मित था। पुलिस के हाथ लगा वायरलेस सेट एक्टिव कंडीशन में था। बरामदगी के समय सेट स्विच ऑफ था, लेकिन उसकी बैटरी फुल थी। ईयरफोन भी लगे थे।
वायरलेस सेट की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियां इसे नगरोटा हमले से जोड़कर भी देख रही थीं। चूंकि 29 नवंबर को आतंकियों ने नगरोटा और रामगढ़ सेक्टर में आतंकी वारदातों को अंजाम दिया था।