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रिहायशी इलाकों में बढ़ेंगे जंगली जानवरों के हमले
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 02 Nov 2015 12:05 PM IST
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पर्वतीय चोटियों पर बर्फबारी का असर वन्यजीवों पर भी पड़ेगा। बर्फ गिरने से इन इलाकों में भोजन का संकट पैदा हो जाता है। इसके चलते जंगली जानवर रिहायशी इलाकों का रुख करने लगते हैं। हर साल सर्दियों में मैदानी इलाकों में जंगली जानवरों के हमले बढ़ जाते हैं।
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पीर पंजाल और त्रिकुटा पर्वत पर होने वाली बर्फ की वजह से जानवरों ने रिहायशी इलाकों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। इनमें तेंदुआ और भालू मुख्य रूप से शामिल हैं। एक दिन पहले ही उधमपुर में तेंदुए और भालू को हमला हुआ है।
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जानकारी के अनुसार राजोरी, पुंछ, रियासी, उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, बारामुला, शोपियां आदि जिलों के ऊपरी इलाकों पर बर्फ गिरने पर यहां के जंगलों से जानवर रिहायशी इलाकों का रुख कर लेते हैं।
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बर्फ गिरने पर इन जानवरों को जंगलों में भोजन नहीं मिल पाता। इसकी वजह से यह रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। यहां आम लोग इनका शिकार बन जाते हैं। हमलों में करीब 20 फीसदी इजाफा हो जाता है।
सबसे ज्यादा गुज्जर-बक्करवाल की भेड़-बकरियां इन जानवरों का शिकार बनती हैं। विंटर सीजन के दौरान इन इलाकों में तेंदुए के हमले में बड़ी संख्या में भेड़-बकरियां मारी जाती हैं। हालांकि, वन्यजीव विभाग ने जागरूक करना शुरू कर दिया है। गांव में जानवरों के घुसने पर विभाग को सूचित करें।