{"_id":"571b9a704f1c1b2e228b47cb","slug":"why-cant-india-pak-become-friends","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'ईरान-अमेरिका दोस्त हो सकते हैं तो भारत-पाक क्यों नहीं?'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'ईरान-अमेरिका दोस्त हो सकते हैं तो भारत-पाक क्यों नहीं?'
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 23 Apr 2016 09:24 PM IST
सार
- महबूबा ने कहा, दुश्मनी खबर बन सकती है तो खुशमिजाजी भी
- मुख्यमंत्री ने चमलियाल और सुचेतगढ़ का दौरा किया
- पिता के सपनों को साकार करने को सुचेतगढ़ को वाघा सीमा बनाना चाहती हैं सीएम
- मीडिया से दोनों देशों के लोगों में मौजूद सांस्कृतिक सौहार्द को हाईलाइट करने की अपील
विज्ञापन
रियासत की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : PTI
विस्तार
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारत और पाकिस्तान में रिश्ते सुधरने से रियासत को सीधा लाभ होगा। माहौल खुशनुमा होगा। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका और ईरान की दुश्मनी खत्म हो सकती है तो भारत-पाकिस्तान में सुलह क्यों नहीं हो सकती। उन्होंने उम्मीद जताई कि पड़ोसी मुल्क भी इस संबंध में सकारात्मक रवैया अपनाएगा।
महबूबा ने हंदवाड़ा की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे। शनिवार को सीमांत इलाकों का दौरा करने के दौरान उन्होंने मीडिया से यह बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सीमांत इलाकों सुचेतगढ़ और चमलियाल का दौरा किया।
उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों की दुश्मनी खबर बन सकती है तो दोनों देशों की जो साझा संस्कृति है उसे हम क्यों हाईलाइट नहीं कर सकते। महबूबा ने मीडिया से भी दोनों देशों के लोगों के सांस्कृतिक सौहार्द को हाईलाइट करने की अपील की। महबूबा ने कहा कि वह चाहती हैं कि सुचेतगढ़ जम्मू-कश्मीर का वाघा बने और सियालकोट के लोगों से पीपल टू पीपल संपर्क शुरू हो सके।
विज्ञापन
सीमांत इलाकों का दौरा करने के दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह भी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने शनिवार को ही मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी, महाराजा हरि सिंह पार्क, तवी ब्रिज और जम्मू हाट का भी दौरा किया।
विज्ञापन
महबूबा ने हंदवाड़ा की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि जल्द ही हालात सामान्य होंगे। शनिवार को सीमांत इलाकों का दौरा करने के दौरान उन्होंने मीडिया से यह बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सीमांत इलाकों सुचेतगढ़ और चमलियाल का दौरा किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर दोनों देशों की दुश्मनी खबर बन सकती है तो दोनों देशों की जो साझा संस्कृति है उसे हम क्यों हाईलाइट नहीं कर सकते। महबूबा ने मीडिया से भी दोनों देशों के लोगों के सांस्कृतिक सौहार्द को हाईलाइट करने की अपील की। महबूबा ने कहा कि वह चाहती हैं कि सुचेतगढ़ जम्मू-कश्मीर का वाघा बने और सियालकोट के लोगों से पीपल टू पीपल संपर्क शुरू हो सके।
विज्ञापन
सीमांत इलाकों का दौरा करने के दौरान उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह भी उनके साथ थे। मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने शनिवार को ही मुबारक मंडी हेरिटेज सोसायटी, महाराजा हरि सिंह पार्क, तवी ब्रिज और जम्मू हाट का भी दौरा किया।
Trending Videos
जम्मू को आदर्श पर्यटक स्थल बनाने का किया वादा
अधिकारियों से बात करतीं महबूबा मुफ्ती
- फोटो : PTI
महबूबा मुफ्ती ने जम्मू को पर्यटकों के लिए आदर्श स्थल बनाने का वादा किया। मुख्यमंत्री के पास ही पर्यटन मंत्रालय का भी प्रभार है। उन्होंने कहा कि अगर सही नीति अपनाई जाए तो मंदिरों के शहर जम्मू में मुबारक मंडी, राजोरी में मुगल सराय, बसोहली में रंजीत सागर बांध, सीमांत सुचेतगढ़ और आरएस पुरा को पत्नीटाप, भद्रवाह और वारवान वादी की तरह प्राकृतिक पर्यटक स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उनका वादा है कि वे पर्यटन को जम्मू के सभी कोनों तक पहुंचाएंगी और इसे अलग टूरिस्ट सर्किट बनाने का प्रस्ताव भी जल्द ही तैयार किया जाएगा।
बाबा चमलियाल की दरगाह पर टेका माथा
मुख्यमंत्री ने बाबा चमलियाल की दरगाह पर माथा टेका। उन्होंने पर्यटन सचिव को लंगर अपग्रेड करने और दरगाह परिसर को भी विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री स्वांखा के पास बाबा सिद्ध गोरिया मंदिर भी गईं। महबूबा इसके बाद जीरो लाइन पर भी गईं।
यहां उन्होंने पर्यटक सुविधा केंद्र की जांच की और अधिकारियों से सुचेतगढ़ और सीमांत इलाकों को और अधिक प्रचार देने को कहा ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां का रुख करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत इलाकों में संपर्क सुविधा बेहतर बनाने को वे केंद्र सरकार से आरएस पुरा-सुचेतगढ़ सड़क मार्ग को फोर लेन करने के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगी। इसकी अनुमानित लोग 44 करोड़ रुपये आंकी गई है।
उन्होंने कहा कि उनका वादा है कि वे पर्यटन को जम्मू के सभी कोनों तक पहुंचाएंगी और इसे अलग टूरिस्ट सर्किट बनाने का प्रस्ताव भी जल्द ही तैयार किया जाएगा।
बाबा चमलियाल की दरगाह पर टेका माथा
मुख्यमंत्री ने बाबा चमलियाल की दरगाह पर माथा टेका। उन्होंने पर्यटन सचिव को लंगर अपग्रेड करने और दरगाह परिसर को भी विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री स्वांखा के पास बाबा सिद्ध गोरिया मंदिर भी गईं। महबूबा इसके बाद जीरो लाइन पर भी गईं।
यहां उन्होंने पर्यटक सुविधा केंद्र की जांच की और अधिकारियों से सुचेतगढ़ और सीमांत इलाकों को और अधिक प्रचार देने को कहा ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां का रुख करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत इलाकों में संपर्क सुविधा बेहतर बनाने को वे केंद्र सरकार से आरएस पुरा-सुचेतगढ़ सड़क मार्ग को फोर लेन करने के प्रस्ताव पर चर्चा करेंगी। इसकी अनुमानित लोग 44 करोड़ रुपये आंकी गई है।