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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   WhatsApp chat of jailed PDP leader Para will reveal the secret of connection with terrorists, has been very close to former CM Mehbooba

टेरर फंडिंग: आतंकियों से कनेक्शन का राज खोलेगी जेल में बंद पीडीपी नेता पारा की व्हाट्सएप चैट, महबूबा के रहे हैं बेहद करीबी

Sun, 14 Nov 2021 06:53 PM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sun, 14 Nov 2021 06:53 PM IST
सार

आतंकियों से साठगांठ में जेल में बंद महबूबा के करीबी पीडीपी नेता वहीद-उर-रहमान पारा के व्हाट्सएप चैट और अन्य डाटा जम्मू-कश्मीर पुलिस को शीघ्र मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने गूगल से गूगल ड्राइव व क्लाउड अकाउंट में पारा के मोबाइल से जुड़े व्हाट्सएप चैट और अन्य डाटा उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया था। 


 

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WhatsApp chat of jailed PDP leader Para will reveal the secret of connection with terrorists, has been very close to former CM Mehbooba
महबूबा मुफ्ती, वहीद पारा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आतंकियों से साठगांठ के आरोप में जेल में बंद महबूबा के करीबी पीडीपी नेता वहीद-उर-रहमान पारा के व्हाट्सएप चैट और अन्य डाटा जम्मू-कश्मीर पुलिस को शीघ्र मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने गूगल से गूगल ड्राइव व क्लाउड अकाउंट में पारा के मोबाइल से जुड़े व्हाट्सएप चैट और अन्य डाटा उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया था। इस बीच उसके ई-मेल रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के लिए गूगल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस से और सूचनाएं मांगी हैं। पारा को पाकिस्तान के अलगाववादी नेताओं और आतंकियों से गठजोड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 

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सीमापार बैठे अपने आकाओं व अन्य को सूचनाएं भेजने के लिए ई-मेल का करना था इस्तेमाल 
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अमेरिका आधारित सेवा प्रदाता कंपनी की मांग पर हाल ही में पुलिस ने जवाब भेजा है ताकि ई-मेल संदेशों के जरिये सबूत जुटाए जा सकें। पिछले साल जून माह में दाखिल चार्जशीट में आतंकवाद निरोधक खुफिया तंत्र कश्मीर (काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर) ने कहा था कि पारा सीमापार बैठे अपने आकाओं व अन्य को सूचनाएं भेजने के लिए ई-मेल का इस्तेमाल करता था। पारा द्वारा इस्तेमाल की गईं ई-मेल में से तीन आईडी को सबूत के रूप में रिकॉर्ड पर लाया गया है। पुलिस ने गूगल को सेवा शर्तों के मुताबिक आग्रह भेजकर इन तीन ई-मेल आईडी का विस्तृत ब्योरा मांगा था।
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कंपनी से जवाब मिलने के बाद पुलिस पूरक आरोपपत्र दाखिल करेगी
इस पर अमेरिकी सेवा प्रदाता कंपनी ने कुछ सवाल खड़े करते हुए कुछ और जानकारी मांगी थी। इसका जवाब हाल ही में भेज दिया गया है। कंपनी से जवाब मिलने के बाद पुलिस पूरक आरोपपत्र दाखिल करेगी। हालांकि, पारा के वकील और पीडीपी ने आरोपों को नकारते हुए कहा था कि यह सब राजनीतिक प्रतिशोध में की गई कार्रवाई है। पुलिस ने आरोप पत्र में कहा है कि कानूनी सहायता संधि के तहत विदेश मंत्रालय के माध्यम से अमेरिकी कंपनी से संपर्क साधा गया है।
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गूगल से पारा के ई-मेल के ब्योरे को संरक्षित रखने का आग्रह किया
गूगल से पारा के ई-मेल के ब्योरे को संरक्षित रखने का आग्रह किया गया था जिसे उसने स्वीकार कर लिया था। आरोप पत्र में यह भी कहा गया था कि प्राथमिक सबूत मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त हैं जिससे यह स्थापित किया जा सके कि पारा के आतंकियों से साठगांठ थे। यह राजनीतिक लाभ के लिए था। बदले में आतंकियों की मदद की जाती थी जिससे आतंकी हमलों को अंजाम दिया जाता था। 

पारा ने हिंसा के लिए गिलानी के पोते को दिए थे पांच करोड़
एनआईए ने पारा को पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया था। इस साल जनवरी में एनआईए कोर्ट से उसे जमानत मिल गई, लेकिन इसके तत्काल बाद काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (सीआईके) हिरासत में लेकर श्रीनगर ले आई। अब वह न्यायिक हिरासत में है। सीआईके ने पिछले साल अज्ञात राजनीतिज्ञों व अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था जो सत्ता की शक्तियों का दुरुपयोग कर आतंकियों को मदद पहुंचाते हैं।


मार्च में एनआईए ने आरोप पत्र दाखिल किया जिसमें कहा गया था कि हिजबुल आतंकी बुरहान वानी के 2016 में मारे जाने के बाद भड़की हिंसा की आग को जारी रखने के लिए उसने कट्टरपंथी अलगाववादी सैय्यद अली शाह गिलानी के पोते को पांच करोड़ रुपये दिए थे। 

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