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Jammu News: मौसम की चेतावनी ने शहरवासियों की फिर बढ़ाई चिंता
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बाढ़ प्रभावित पीरखो, गुज्जर नगर, राजीव नगर, गोरखा नगर, बेलीचराना, योगी गेट जैसे इलाके अभी भी उभर नहीं पाए
- कई इलाकों में गली-मोहल्लों में अभी भी मलबा जमा, घरों में वापस सामान शिफ्ट कर रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में हाल में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही थी। अभी बाढ़ प्रभावित इलाके पूरी तरह से उबर भी नहीं पाए हैं उस पर मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर की चार से सात अक्तूबर के बीच मौसम खराब होने की चेतावनी ने शहरवासियों को फिर चिंता में डाल दिया है। इस कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश की आशंका जताई गई है। लोगों को डर सता रहा है कि अगर पहले जैसी बारिश की स्थिति रहती है तो पहले से प्रभावित हुए इलाकों में फिर भीषण तबाही हो सकती है।
तवी से सटे शहर के पीरखो इलाके की बात करें तो बाढ़ से प्रभावित होने के बाद अभी यहां जीवन पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट पाया है। लोगों ने घरों से मलबा निकालने के साथ साफ-सफाई कर दी है। सामान वापस शिफ्ट कर रहे हैं। इलाके की नालियां पूरी तरह से मलबे से बंद पड़ी हैं।
पीरखो सामान शिफ्ट कर रहे हैं। नालियों में अभी भी मलबा है। इस इलाके में पीरखो मंदिर के आगे पहाड़ी गिरने से क्षतिग्रस्त हुआ मार्ग अभी बंद है। मार्ग खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तरह राजीव नगर की गली मोहल्लों में कई जगह अभी भी गाद जमा है। घरों में किसी तरह से साफ सफाई की गई है, मगर अब भीषण बारिश होती तो स्थानीय लोगों को फिर रोजी रोटी के लाले पड़ सकते हैं। यहां अधिकांश दिहाड़ीदार लोग रहते हैं। स्थानीय निवासी रमेश शर्मा ने कहा कि हम पहले ही मौसम की मार झेल चुके हैं। अगस्त में हुई भारी बारिश ने क्षेत्र में अधिकांश घरों में तबाही का मंजर छोड़ा। घरों को साफ करने में कई हफ्ते लग गए और अब फिर मौसम खराब होने की चेतावनी ने हमारी चिंता बढ़ा दी है। इसमें खासतौर पर तवी से सटे और निचले क्षेत्र वाले इलाकों के लोगों में अधिक दहशत बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर की ओर से जिन चार जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें एक जम्मू जिला भी है।
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पहले से प्रभावित केंद्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित होगा
नगर निगम जम्मू के स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. विनोद के अनुसार आगामी मौसम को देखते हुए नगर निगम ने तैयारी की है। इसमें खासतौर पर पहली हुई बारिश में प्रभावित हुए इलाकों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अधिक बारिश होने की सूरत में युद्धस्तर पर साफ सफाई का काम करवाया जाएगा।
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- कई इलाकों में गली-मोहल्लों में अभी भी मलबा जमा, घरों में वापस सामान शिफ्ट कर रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर में हाल में भारी बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही थी। अभी बाढ़ प्रभावित इलाके पूरी तरह से उबर भी नहीं पाए हैं उस पर मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर की चार से सात अक्तूबर के बीच मौसम खराब होने की चेतावनी ने शहरवासियों को फिर चिंता में डाल दिया है। इस कुछ इलाकों में भारी से भारी बारिश की आशंका जताई गई है। लोगों को डर सता रहा है कि अगर पहले जैसी बारिश की स्थिति रहती है तो पहले से प्रभावित हुए इलाकों में फिर भीषण तबाही हो सकती है।
तवी से सटे शहर के पीरखो इलाके की बात करें तो बाढ़ से प्रभावित होने के बाद अभी यहां जीवन पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट पाया है। लोगों ने घरों से मलबा निकालने के साथ साफ-सफाई कर दी है। सामान वापस शिफ्ट कर रहे हैं। इलाके की नालियां पूरी तरह से मलबे से बंद पड़ी हैं।
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पीरखो सामान शिफ्ट कर रहे हैं। नालियों में अभी भी मलबा है। इस इलाके में पीरखो मंदिर के आगे पहाड़ी गिरने से क्षतिग्रस्त हुआ मार्ग अभी बंद है। मार्ग खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तरह राजीव नगर की गली मोहल्लों में कई जगह अभी भी गाद जमा है। घरों में किसी तरह से साफ सफाई की गई है, मगर अब भीषण बारिश होती तो स्थानीय लोगों को फिर रोजी रोटी के लाले पड़ सकते हैं। यहां अधिकांश दिहाड़ीदार लोग रहते हैं। स्थानीय निवासी रमेश शर्मा ने कहा कि हम पहले ही मौसम की मार झेल चुके हैं। अगस्त में हुई भारी बारिश ने क्षेत्र में अधिकांश घरों में तबाही का मंजर छोड़ा। घरों को साफ करने में कई हफ्ते लग गए और अब फिर मौसम खराब होने की चेतावनी ने हमारी चिंता बढ़ा दी है। इसमें खासतौर पर तवी से सटे और निचले क्षेत्र वाले इलाकों के लोगों में अधिक दहशत बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर की ओर से जिन चार जिलों में ओरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें एक जम्मू जिला भी है।
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पहले से प्रभावित केंद्रों पर अधिक ध्यान केंद्रित होगा
नगर निगम जम्मू के स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. विनोद के अनुसार आगामी मौसम को देखते हुए नगर निगम ने तैयारी की है। इसमें खासतौर पर पहली हुई बारिश में प्रभावित हुए इलाकों पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अधिक बारिश होने की सूरत में युद्धस्तर पर साफ सफाई का काम करवाया जाएगा।