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Jammu News: तीन लाख की आबादी तक दावे पहुंचे, पानी नहीं, 10 वार्डों में दूसरे तो कभी सातवें दिन मिल रहा पानी
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जम्मू। शहर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। स्थिति यह है कि शहर के 10 वार्डों में दूसरे तो कभी सातवें दिन पानी की आपूर्ति हो पा रही है। मौजूदा समय में करीब तीन लाख लोगों तक पानी की जगह रोज सिर्फ दावे पहुंचे रहे हैं। नगर निगम में नए वार्ड तो जोड़ दिए गए लेकिन नई पेयजल पाइप बिछाने और टैंक बनाने के लिए बजट नहीं मिला। यही कारण है कि आज भी शहर को पहले की तरह ग्रामीण इलाकों से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है।
छह लाख आबादी को एक घंटे की जगह केवल 40 से 45 मिनट ही पानी मिल पा रहा है। पूरे शहर में महज दो लाख लोग ही ऐसे हैं जिन्हें हर रोज सवा घंटा पर्याप्त पानी मिल रहा है। गर्मी बढ़ने के कारण पानी की मांग में भारी उछाल आया है। वहीं अघोषित बिजली कटौती ने किल्लत को और बढ़ा दिया है। कई इलाकों में ट्रांसफार्मर जलने और तकनीकी खराबी आने के कारण पेयजल आपूर्ति ठप हो रही है। इस संकट के बीच मुट्ठी, रूपनगर, सैनिक कॉलोनी, त्रिकुटा नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, जानीपुर, तालाब तिल्लो, बेलीचराना और गंग्याल की झुग्गियों में रहने वाले प्रवासी लोग लीक पाइप से पानी भरकर गुजारा करने को मजबूर हैं।
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नए जुड़े चार वार्डों में ढांचागत सुधार की कमी
वर्ष 2018 में नगर निगम में शामिल किए गए वार्ड नंबर 72 से 75 तक में आज भी पानी का संकट है। इन इलाकों में ग्रामीण क्षेत्रों से ही पानी की सप्लाई हो रही है और 2018 से अब तक हालात में सुधार नहीं हुआ है। सुजवां, बठिंडी, नरवाल, अकलपुर, रेलवे रोड और नानक नगर जैसे इलाकों में न तो नए ओवरहेड टैंक बन पाए हैं और न ही नई पाइप लाइन बिछाई जा सकी है। बजट की बात करें तो नगर निगम ने जल शक्ति विभाग को 2018 और 2019 में 5-5 लाख रुपये, 2020, 2021 और 2022 में 10-10 लाख रुपये और 2023 में 30 लाख रुपये की राशि जारी की। इसके बाद अमृत-2 चरण का काम तो शुरू हुआ लेकिन बजट के अभाव में पेयजल किल्लत दूर नहीं हो सकी।
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क्षतिग्रस्त पाइप के कारण भी समस्या
लक्ष्मीपुर, रूपनगर, चिनौर और राजेंद्र नगर में बीते साल आई बाढ़ के कारण नाले में पाइप क्षतिग्रस्त हो गए थे जिससे भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। यहां कभी सातवें तो कभी आठवें दिन पानी मिल रहा है। इसी तरह कालिका कॉलोनी, कासिम नगर और राजीव नगर में सातवें दिन जबकि बठिंडी, सुजवां और मझीन में पांचवें दिन पानी आ रहा है। बनतालाब, दुर्गा नगर, पटोली और प्लौड़ा में भी लोग परेशान हैं। पूर्व पार्षद रेखा मन्हास (वार्ड 62) के अनुसार नाला क्षतिग्रस्त होने से किल्लत बढ़ी है। पूर्व पार्षद शौकत अली (वार्ड 74) का कहना है कि वार्ड में सुविधाएं ग्रामीण स्तर की हैं। पूर्व पार्षद शामा अख्तर (वार्ड 71) ने बताया कि पानी की किल्लत को लेकर कई बार प्रदर्शन हुए हैं और अब नया ट्यूबवेल लगाने का आश्वासन मिला है।
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कुछ इलाकों में पानी का संकट है जिसका निदान किया जा रहा है। बिजली बाधित रहने से भी आपूर्ति में परेशानी आ रही है।
-संजीव गुप्ता, एक्सईएन, जल शक्ति विभा
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छह लाख आबादी को एक घंटे की जगह केवल 40 से 45 मिनट ही पानी मिल पा रहा है। पूरे शहर में महज दो लाख लोग ही ऐसे हैं जिन्हें हर रोज सवा घंटा पर्याप्त पानी मिल रहा है। गर्मी बढ़ने के कारण पानी की मांग में भारी उछाल आया है। वहीं अघोषित बिजली कटौती ने किल्लत को और बढ़ा दिया है। कई इलाकों में ट्रांसफार्मर जलने और तकनीकी खराबी आने के कारण पेयजल आपूर्ति ठप हो रही है। इस संकट के बीच मुट्ठी, रूपनगर, सैनिक कॉलोनी, त्रिकुटा नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, जानीपुर, तालाब तिल्लो, बेलीचराना और गंग्याल की झुग्गियों में रहने वाले प्रवासी लोग लीक पाइप से पानी भरकर गुजारा करने को मजबूर हैं।
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नए जुड़े चार वार्डों में ढांचागत सुधार की कमी
वर्ष 2018 में नगर निगम में शामिल किए गए वार्ड नंबर 72 से 75 तक में आज भी पानी का संकट है। इन इलाकों में ग्रामीण क्षेत्रों से ही पानी की सप्लाई हो रही है और 2018 से अब तक हालात में सुधार नहीं हुआ है। सुजवां, बठिंडी, नरवाल, अकलपुर, रेलवे रोड और नानक नगर जैसे इलाकों में न तो नए ओवरहेड टैंक बन पाए हैं और न ही नई पाइप लाइन बिछाई जा सकी है। बजट की बात करें तो नगर निगम ने जल शक्ति विभाग को 2018 और 2019 में 5-5 लाख रुपये, 2020, 2021 और 2022 में 10-10 लाख रुपये और 2023 में 30 लाख रुपये की राशि जारी की। इसके बाद अमृत-2 चरण का काम तो शुरू हुआ लेकिन बजट के अभाव में पेयजल किल्लत दूर नहीं हो सकी।
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क्षतिग्रस्त पाइप के कारण भी समस्या
लक्ष्मीपुर, रूपनगर, चिनौर और राजेंद्र नगर में बीते साल आई बाढ़ के कारण नाले में पाइप क्षतिग्रस्त हो गए थे जिससे भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। यहां कभी सातवें तो कभी आठवें दिन पानी मिल रहा है। इसी तरह कालिका कॉलोनी, कासिम नगर और राजीव नगर में सातवें दिन जबकि बठिंडी, सुजवां और मझीन में पांचवें दिन पानी आ रहा है। बनतालाब, दुर्गा नगर, पटोली और प्लौड़ा में भी लोग परेशान हैं। पूर्व पार्षद रेखा मन्हास (वार्ड 62) के अनुसार नाला क्षतिग्रस्त होने से किल्लत बढ़ी है। पूर्व पार्षद शौकत अली (वार्ड 74) का कहना है कि वार्ड में सुविधाएं ग्रामीण स्तर की हैं। पूर्व पार्षद शामा अख्तर (वार्ड 71) ने बताया कि पानी की किल्लत को लेकर कई बार प्रदर्शन हुए हैं और अब नया ट्यूबवेल लगाने का आश्वासन मिला है।
कुछ इलाकों में पानी का संकट है जिसका निदान किया जा रहा है। बिजली बाधित रहने से भी आपूर्ति में परेशानी आ रही है।
-संजीव गुप्ता, एक्सईएन, जल शक्ति विभा