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Jammu News: फाइलों में अटकी 37 किमी पाइपलाइन, 50 साल पुराने पाइप रास्ते में उगल रहे पानी
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- मई से जून तक तीन बार हुए टेंडर, एक भी फाइनल नहीं, लीकेज से शहर में पेयजल किल्लत
- प्रति वार्ड होना है 10-10 लाख रुपये का काम, जरूरत एक-एक करोड़ की
सतीश वालिया
जम्मू। शहर में पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम अभी तक फाइलों में अटका है। कुल 37 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है। जलशक्ति विभाग ने मई से जून तक तीन बार टेंडर आमंत्रित किए, लेकिन एक भी फाइनल नहीं हुआ। शहर में 50 साल पुराने पाइप बदले जाने हैं। इनमें जगह-जगह लीकेज से पानी व्यर्थ बह रहा है। हर वार्ड में पाइप डालने के लिए एक-एक करोड़ रुपये की जरूरत है, लेकिन पांच से दस लाख में काम निपटा दिया जा रहा है। पिछले साल पांच-पांच लाख का काम हुआ, इस बार भी हर वार्ड को दस-दस लाख रुपये ही जारी हुए हैं।
लीकेज से नलों में पानी का प्रेशर कम हो जा रहा है। इससे लोगों की जरूरत पुरी नहीं हो पाती। कुछ पाइपें नालियों में हैं। इनमें गंदा पानी आता है। बीते साल 2022 में पाइप बदलने के लिए राशि जारी हुई थी। इस बार भी अप्रैल में ही बजट मिल गया था, लेकिन टेंडर नहीं हो पाए। विभाग के अनुसार तीन बार टेंडर करवाए गए। तीनों ही बार शर्तों को ठेकेदारों द्वारा पूरा नहीं किया गया। अब इसी माह चौथी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जहां पर नई पाइपलाइन बिछाई गई है। उन इलाकों में पेयजल आपूर्ति सुचारू है। मौजूदा समय में तालाब तिल्लो, जानीपुर, न्यू प्लॉट, बाहु फोर्ट, राजीव नगर, प्रेम नगर, पलौड़ा, मट्ठी, कुंजवानी, सैनिक कॉलोनी आदि इलाकों में पेयजल किल्लत है।
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रोजाना 75 लाख गैलेन पानी व्यर्थ बह रहा
शहर में 50 साल पुराने पाइपों के कारण जलशक्ति विभाग को 30 फीसदी का नुकसान हो रहा है। लीकेज के कारण हर रोज 75 लाख गैलेन पानी व्यर्थ वह जाता है। शहर में दो करोड़ 50 लाख गैलेन पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा
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इन इलाकों में भी पेयजल किल्लत
पुराने शहर के जुलाका मोहल्ला, मस्तगढ़, लोअर मस्तगढ़, ढक्की सराजन, लिंक रोड, सर्कुलर रोड और आसपास इलाकों में पेयजल किल्लत है। पीरखो में ट्यूबवेल की मोटर खराब थी। पानी की आपूर्ति शाम को हो पाई। बुधवार सुबह लोगों को पानी नहीं मिला। इससे परेशानी आई है।
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पुराने पाइप बदलने का काम धीमी गति से चल रहा है। इस बार बजट मिलने के बावजूद टेंडर फाइनल नहीं हुए हैं। इस कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। लोग पेयजल किल्लत से परेशान हैं।
- द्वारका चौधरी, पार्षद, वार्ड-46
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कई बार सदन में मसले को उठाया गया। इसके बाद बीते साल राशि जारी हुई, लेकिन पूरे वार्ड में काम नहीं हो पाया है। इस बार भी पाइपलाइन बिछाने के काम में देरी हो रही है।
- प्रीत्तम सिंह, पार्षद, वार्ड-55
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पेयजल किल्लत का मुख्य कारण पुराने पाइप हैं। जब तक इन्हें बदला नहीं जाएगा, तब तक पेयजल किल्लत दूर नहीं होगी। नगर निगम बजट मुहैया करवाए।
- अमित गुप्ता, पार्षद, वार्ड-19
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बजट मिल चुका है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। टेंडर खुलने के बाद वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। पुराने पाइपों को बीते साल भी बदला गया है। कुल 37 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है।
- विजय गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग
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- प्रति वार्ड होना है 10-10 लाख रुपये का काम, जरूरत एक-एक करोड़ की
सतीश वालिया
जम्मू। शहर में पेयजल पाइपलाइन बिछाने का काम अभी तक फाइलों में अटका है। कुल 37 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जानी है। जलशक्ति विभाग ने मई से जून तक तीन बार टेंडर आमंत्रित किए, लेकिन एक भी फाइनल नहीं हुआ। शहर में 50 साल पुराने पाइप बदले जाने हैं। इनमें जगह-जगह लीकेज से पानी व्यर्थ बह रहा है। हर वार्ड में पाइप डालने के लिए एक-एक करोड़ रुपये की जरूरत है, लेकिन पांच से दस लाख में काम निपटा दिया जा रहा है। पिछले साल पांच-पांच लाख का काम हुआ, इस बार भी हर वार्ड को दस-दस लाख रुपये ही जारी हुए हैं।
लीकेज से नलों में पानी का प्रेशर कम हो जा रहा है। इससे लोगों की जरूरत पुरी नहीं हो पाती। कुछ पाइपें नालियों में हैं। इनमें गंदा पानी आता है। बीते साल 2022 में पाइप बदलने के लिए राशि जारी हुई थी। इस बार भी अप्रैल में ही बजट मिल गया था, लेकिन टेंडर नहीं हो पाए। विभाग के अनुसार तीन बार टेंडर करवाए गए। तीनों ही बार शर्तों को ठेकेदारों द्वारा पूरा नहीं किया गया। अब इसी माह चौथी बार टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। जहां पर नई पाइपलाइन बिछाई गई है। उन इलाकों में पेयजल आपूर्ति सुचारू है। मौजूदा समय में तालाब तिल्लो, जानीपुर, न्यू प्लॉट, बाहु फोर्ट, राजीव नगर, प्रेम नगर, पलौड़ा, मट्ठी, कुंजवानी, सैनिक कॉलोनी आदि इलाकों में पेयजल किल्लत है।
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रोजाना 75 लाख गैलेन पानी व्यर्थ बह रहा
शहर में 50 साल पुराने पाइपों के कारण जलशक्ति विभाग को 30 फीसदी का नुकसान हो रहा है। लीकेज के कारण हर रोज 75 लाख गैलेन पानी व्यर्थ वह जाता है। शहर में दो करोड़ 50 लाख गैलेन पानी की आपूर्ति की जा रही है। इससे भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा
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इन इलाकों में भी पेयजल किल्लत
पुराने शहर के जुलाका मोहल्ला, मस्तगढ़, लोअर मस्तगढ़, ढक्की सराजन, लिंक रोड, सर्कुलर रोड और आसपास इलाकों में पेयजल किल्लत है। पीरखो में ट्यूबवेल की मोटर खराब थी। पानी की आपूर्ति शाम को हो पाई। बुधवार सुबह लोगों को पानी नहीं मिला। इससे परेशानी आई है।
पुराने पाइप बदलने का काम धीमी गति से चल रहा है। इस बार बजट मिलने के बावजूद टेंडर फाइनल नहीं हुए हैं। इस कारण काम शुरू नहीं हो पाया है। लोग पेयजल किल्लत से परेशान हैं।
- द्वारका चौधरी, पार्षद, वार्ड-46
कई बार सदन में मसले को उठाया गया। इसके बाद बीते साल राशि जारी हुई, लेकिन पूरे वार्ड में काम नहीं हो पाया है। इस बार भी पाइपलाइन बिछाने के काम में देरी हो रही है।
- प्रीत्तम सिंह, पार्षद, वार्ड-55
पेयजल किल्लत का मुख्य कारण पुराने पाइप हैं। जब तक इन्हें बदला नहीं जाएगा, तब तक पेयजल किल्लत दूर नहीं होगी। नगर निगम बजट मुहैया करवाए।
- अमित गुप्ता, पार्षद, वार्ड-19
बजट मिल चुका है। टेंडर प्रक्रिया चल रही है। टेंडर खुलने के बाद वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। पुराने पाइपों को बीते साल भी बदला गया है। कुल 37 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जानी है।
- विजय गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग