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जम्मू-कश्मीर में मरीजों के मानवाधिकारों का हनन था अनुच्छेद 370: डॉ. जितेंद्र सिंह
Sun, 15 Sep 2019 01:39 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 15 Sep 2019 01:39 AM IST
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मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 मरीजों के मानवाधिकारों का हनन था। कई कोशिशों के बावजूद राज्य के स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त फैकल्टी की व्यवस्था नहीं हो पाई। इसका मुख्य कारण अनुच्छेद के चलते पाबंदियों से बाहर की फैकल्टी जम्मू-कश्मीर में आने के लिए इच्छुक नहीं होती थी, जिससे मरीजों को उचित इलाज के लिए दूसरे राज्यों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य क्षेत्र में नए बदलाव आएंगे।
देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों की फैकल्टी यहां आने के लिए इच्छा जताएगी। डॉ. सिंह शनिवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में राज्य कैंसर संस्थान के नींव पत्थर समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भवन निर्माण पर जोर देने के साथ फैकल्टी पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। आईआईटी जैसे संस्थानों में भी पर्याप्त फैकल्टी न होने से विद्यार्थी निजी क्षेत्रों का रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. अरुण जेटली जम्मू-कश्मीर के ज्वलंत मुद्दों को लेकर हमेशा गंभीर रहते थे।
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अनुच्छेद 370 हटने से तीन पीढ़ियों की लालसा और प्रतीक्षा खत्म हुई है। देश के कई बड़े स्वास्थ्य संस्थानों से जम्मू-कश्मीर के लिए बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हाउस सर्जनों का स्टाईपैंड 19000 से बढ़ाकर 35000 रुपये किया गया है। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर का हौसला बढ़ा है।
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देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों की फैकल्टी यहां आने के लिए इच्छा जताएगी। डॉ. सिंह शनिवार को कन्वेंशन सेंटर जम्मू में राज्य कैंसर संस्थान के नींव पत्थर समारोह में बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भवन निर्माण पर जोर देने के साथ फैकल्टी पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। आईआईटी जैसे संस्थानों में भी पर्याप्त फैकल्टी न होने से विद्यार्थी निजी क्षेत्रों का रुख करते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. अरुण जेटली जम्मू-कश्मीर के ज्वलंत मुद्दों को लेकर हमेशा गंभीर रहते थे।
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अनुच्छेद 370 हटने से तीन पीढ़ियों की लालसा और प्रतीक्षा खत्म हुई है। देश के कई बड़े स्वास्थ्य संस्थानों से जम्मू-कश्मीर के लिए बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हाउस सर्जनों का स्टाईपैंड 19000 से बढ़ाकर 35000 रुपये किया गया है। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर का हौसला बढ़ा है।