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Jammu News: शव घर पहुंचते ही मच गई चीख-पुकार
Sun, 17 Aug 2025 02:28 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Sun, 17 Aug 2025 02:28 AM IST
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विजयपुर मृतक अशोक कुमार के घर लोग पहुंचे
विजयपुर। चिशोती गांव में बादल फटने से विजयपुर के गांव संगवाल निवासी अशोक कुमार की मौत हो गई। उनका शव घर पहुंचते ही चीख पुकार मच गई।
बता दें कि अशोक कुमार मचैल माता के दर्शन कर परिवार के साथ घर लौट रहे थे और अचानक बादल फट गया। अशोक कुमार मलबे में फंस गए थे। गंभीर हालत में स्थानीय लोगों ने उन्हें पहले किश्तवाड़ सरकारी अस्पताल पहुंचाया और इलाज शुरू कर दिया। इसके बाद अशोक कुमार (35) पुत्र बूटी राम को जीएमसी जम्मू लाया गया। मगर जीएमसी में उन्होंने दम तोड़ दिया। पत्नी प्रवीण कुमारी और बेटा रोहित कुमार सुरक्षित हैं।
अशोक कुमार के बेटे रोहित कुमार ने बताया कि हम तीनों एक साथ खड़े थे और पापा लंगर खाने चले गए। इतनी देर में बादल फट गया और पापा पानी में बह गए हमें मामूली सी चोट आई, लेकिन हम दोनों की जान बच गई। गांव के पूर्व सरपंच सुभाष चंद्र ने बताया कि अशोक कुमार का एक बेटा है। अशोक कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। इस समय उनका बेटा निजी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ रहा है और अब घर में कमाने वाला कोई नहीं रहा। शनिवार को अशोक कुमार का शव घर पहुंचते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
मृतक की पत्नी परवीन देवी बेसुध होकर मात्र शव को देख रही थी। ग्रामीणों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने कहा कि इस समय उनके घर में कमाने वाला कोई नहीं। इसलिए उनके परिवार की मदद की जाए। इस मौके पर राजनेता, पुलिस प्रशासन वहां पर पहुंचे हुए थे।
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बाद में देविका घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से अशोक कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।
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बता दें कि अशोक कुमार मचैल माता के दर्शन कर परिवार के साथ घर लौट रहे थे और अचानक बादल फट गया। अशोक कुमार मलबे में फंस गए थे। गंभीर हालत में स्थानीय लोगों ने उन्हें पहले किश्तवाड़ सरकारी अस्पताल पहुंचाया और इलाज शुरू कर दिया। इसके बाद अशोक कुमार (35) पुत्र बूटी राम को जीएमसी जम्मू लाया गया। मगर जीएमसी में उन्होंने दम तोड़ दिया। पत्नी प्रवीण कुमारी और बेटा रोहित कुमार सुरक्षित हैं।
अशोक कुमार के बेटे रोहित कुमार ने बताया कि हम तीनों एक साथ खड़े थे और पापा लंगर खाने चले गए। इतनी देर में बादल फट गया और पापा पानी में बह गए हमें मामूली सी चोट आई, लेकिन हम दोनों की जान बच गई। गांव के पूर्व सरपंच सुभाष चंद्र ने बताया कि अशोक कुमार का एक बेटा है। अशोक कुमार मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। इस समय उनका बेटा निजी स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ रहा है और अब घर में कमाने वाला कोई नहीं रहा। शनिवार को अशोक कुमार का शव घर पहुंचते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
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मृतक की पत्नी परवीन देवी बेसुध होकर मात्र शव को देख रही थी। ग्रामीणों ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने कहा कि इस समय उनके घर में कमाने वाला कोई नहीं। इसलिए उनके परिवार की मदद की जाए। इस मौके पर राजनेता, पुलिस प्रशासन वहां पर पहुंचे हुए थे।
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बाद में देविका घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से अशोक कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा।