कश्मीर: लाइट इंफेंट्री रेजिमेंटल सेंटर पहुंची स्वर्णिम विजय मशाल
केंद्र सरकार की तरफ से वर्ष 2021 को स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में नामित किया गया है और राष्ट्र ने भारत-पाक युद्ध के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में उत्सव की शुरुआत की है। इसके परिणामस्वरूप द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा सैन्य आत्मसमर्पण हुआ था। 16 दिसंबर, 2020 को नेशनल वार मेमोरियल नई दिल्ली में आयोजित उद्घाटन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।
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दिसंबर, 1971 में पाकिस्तानी सेना पर भारतीय सशस्त्र बलों की निर्णायक और ऐतिहासिक जीत की स्मृति में दिल्ली से रवाना हुई स्वर्णिम विजय मशाल रविवार को श्रीनगर पहुंची। जम्मू-कश्मीर लाइट इंफेंट्री रेजिमेंटल सेंटर में सैनिकों और युद्ध के नायकों द्वारा विजय मशाल ग्रहण की गई। इस दौरान गजब का उत्साह देखने को मिला। एक रिटायर्ड सैनिक ने कहा कि मैं युद्ध के दौरान एक प्लाटून कमांडर था। आज यहां आकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
As part of celebrations of 50 years of India's victory over Pakistan in 1971 war, Victory Flame was received by soldiers & war veterans at J&K Light Infantry Regimental Centre in Srinagar today
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"I was a platoon commander during the war. I feel honoured to be here,"a veteran said pic.twitter.com/q1yU3c8NNg— ANI (@ANI) June 20, 2021