कश्मीर में खुलेगा पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय
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केंद्र सरकार द्वारा जम्मू में आईआईटी की स्थापना के ऐलान के बाद अब कश्मीर में पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
यह विश्वविद्यालय शेर-ए-कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय जम्मू और श्रीनगर में स्थापित पशु चिकित्सा विभागों को जोड़ कर बनाया जा सकता है।
इस विश्वविद्यालय को राज्य सरकार फंड मुहैया कराएगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में मुख्य सचिव इकबाल खाड़े की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है।
सरकार ने किया उच्चस्तरीय कमेटी का गठन
सूत्रों के मुताबिक राज्य भेड़ एवं पशुपालन विभाग इस कमेटी को अपनी सेवाएं देगा। मुख्य सचिव इकबाल खांडे की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में योजना एवं विकास विभाग के प्रशासनिक सचिव, वित्त विभाग के प्रशासनिक सचिव आदि होंगे।
इसके अलावा शेरे कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय जम्मू के कुलपति, शेरे कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय कश्मीर के कुलपति, भेड़ एवं पशुपालन विभाग के प्रशासनिक सचिव भी कमेटी में होंगे।
वहीं स्कास्ट कश्मीर पशु चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर सलीम इकबाल, स्कास्ट जम्मू कुलपति के ओएसडी प्रो. प्रमोद बडु को भी कमेटी में बतौर विशेषज्ञ सदस्य शामिल किया गया है।
किसानों और ग्रामीणों को मिलेगा फायदा
पशुपालन राज्य मंत्री स्वतंत्रत प्रभार नजीर गुरैजी का कहना है कि जम्मू कश्मीर में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए पशु चिकित्सा सेवा को पुख्ता बनाया जाना जरूरी है। स्कास्ट कश्मीर में पशमीना गोट का क्लोन स्थानीय वैज्ञानिकों ने तैयार किया था।
उन्होंने बताया कि अगर अलग से राज्य में पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थापित हो जाता है तो इसका सीधे तौर पर फायदा पशुपालन से जुड़े रियासत के लाखों लोगों खासकर किसानों और ग्रामीणों को होगा।
इसलिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की हिदायत पर पशु चिकित्सा विवि खोलने की कवायद शुरू हुई है। इसके लिए कार्यवाही शुरू कर दी गई है।