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Vaishno Devi: मां के दर्शन की आस में कटड़ा में सन्नाटा छाई, बारिश और भूस्खलन से 22वें दिन भी बंद रही यात्रा
Tue, 16 Sep 2025 06:06 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Tue, 16 Sep 2025 06:06 PM IST
सार
वैष्णो देवी यात्रा लगातार 22 दिनों से भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बंद है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यापारियों को बड़ा नुकसान हो रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से मार्ग खुलने तक यात्रा रोक रखी है और जल्द सुधार का आश्वासन दिया है।
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यात्री पंजीकरण केंद्र के बाहर लगा ताला।
- फोटो : अभिषेक बड़ू
विस्तार
धर्मानगरी कटड़ा सहित मां वैष्णो देवी के पवित्र दरबार में पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन होने के कारण यात्रा पर गंभीर असर पड़ा है। भारी बारिश के कारण मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन और फिसलन की स्थिति बनी हुई है जिस वजह से सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने यात्रा को लगातार बंद रखा है। जानकारी के अनुसार यह यात्रा लगातार 22वें दिन भी स्थगित रही।
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प्रशासन और श्राइन बोर्ड का कहना है कि जैसे ही मौसम में सुधार होगा और मार्ग सुरक्षित घोषित किए जाएंगे उसी क्षण से श्रद्धालुओं को भवन की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है इसलिए बिना पूर्ण सुरक्षा जांच के यात्रा शुरू करना संभव नहीं है।
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यात्रा बंद रहने से जहां श्राइन बोर्ड स्थानीय होटल, व्यापारी और मजदूर वर्ग को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर देशभर से आए श्रद्धालु भी मायूस हो रहे हैं। इसके बावजूद कम संख्या में ही सही श्रद्धालुओं का आस्था और विश्वास बरकरार है।
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लगातार श्रद्धालु धर्मनगरी कटड़ा पहुंच रहे हैं और भवन मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि जब तक मां का बुलावा होगा और मौसम अनुमति देगा वे धैर्यपूर्वक यहीं रुककर मां के दर्शनों की प्रतीक्षा करेंगे ।
मुंबई और उत्तर प्रदेश से आए कोई श्रद्धालियों का कहना है कि पिछले दो ढाई महीना से रेलवे की बुकिंग करवा रखी थी | जिसके कारण मां के दर्शनों के लिए आना पड़ा कुछ समय रुक कर देखेंगे अगर मां ने बुलाया होगा तो जरूर जाएंगे अगर नहीं बुलाया होगा तो वापस घरों की ओर रुक कर देंगे |
स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रा बंद होने से पूरा आर्थिक ढांचा प्रभावित हो गया है। होटल और रेस्टोरेंट खाली पड़े हैं, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी मजदूरों के पास रोजगार की भारी समस्या खड़ी हो गई है। वहीं प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया जा रहा है कि मार्ग साफ करने का काम लगातार जारी है और जल्द ही यात्रा सामान्य हो जाएगी।