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बजट 2023: केंद्रीय बजट समावेशी और विकासशील, जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों ने आयकर छूट का किया स्वागत
Thu, 02 Feb 2023 03:10 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 02 Feb 2023 03:10 PM IST
सार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश केंद्रीय बजट को समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने समावेशी और विकासशील बताया है। उन्होंने सात लाख रुपये की आमदनी पर कोई आयकर कर नहीं लगाने के फैसले का स्वागत किया है।
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बजट पर चर्चा करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से पेश केंद्रीय बजट को समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों ने समावेशी और विकासशील बताया है। उन्होंने सात लाख रुपये की आमदनी पर कोई आयकर कर नहीं लगाने के फैसले का स्वागत किया है। इसके अलावा अन्य घोषणाओं को भी मध्यम वर्ग और देश के हित में बताया गया है। हालांकि अमर उजाला कार्यालय में बुधवार को बजट पर हुई लाइव चर्चा में विशेषज्ञों ने कुछ कमियों को भी गिनाया है।
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जेएंडके चार्टेड अकाउंटेंट शाखा एनआईआरसी आफ आईसीएआई के पूर्व चेयरमैन सीए ललित कुमार ने कहा कि केंद्रीय बजट में सरकार ने लगभग सभी क्षेत्रों को छूने की कोशिश की है। सामाजिक योजना में कैदियों के जुर्माने के बारे में सरकार एक फंड के तहत प्रोत्साहित कर रही है। जिसके बारे में पहले कभी नहीं सोचा गया था। शोध आधारित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। फार्मा में शोध पर जोर दिया जा रहा है। विश्वविद्यालयों में फार्मा को लाया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी पर ध्यान दिया जा रहा है। युवाओं को सशक्त बनाने पर काम किया जा रहा है। सरकार की नीति नकदी को कम करना है। एमएसएमई क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया गया है। कोआपरेटिव क्षेत्र को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें कोआपरेटिव उत्पादन वाली इकाइयों को राहत दी गई है। आयकर कर छूट स्लैब में प्रत्येक ढाई लाख रुपये के ऊपर वित्तीय लाभ मिलेगा। निजी कर्मचारियों की लीव इन कैश मामलों में भी राहत दी गई है।
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ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के प्रधान दीपक गुप्ता ने नई आयकर कर स्लैब का स्वागत करते हुए कहा कि यह कर्मचारियों की लंबे समय से मांग थी। एमएसएमई क्षेत्र को एक साल तक आयकर कर छूट दी गई है। ग्रामीण आवास योजना के तहत प्रधानमंत्री 66 प्रतिशत बजट बढ़ाया है, इससे जरूरतमंद लोगों के लिए छत सुनिश्चित होगी। रेलवे का बजट बढ़ाने से इसकी अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उच्चतम कर श्रेणी में कर 42.6 प्रतिशत से घटाकर 39 प्रतिशत किया गया है। ग्रामीण स्कूलों में 38 हजार शिक्षकों को देना सही कदम है।
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चैंबर आफ ट्रेडर्स फेडरेशन के प्रधान नीरज आनंद ने बताया कि विकेंद्रीकरण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इज आफ डुइंग बिजनेस के लिए कई अड़चनों को दूर किया गया है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होने के साथ विश्वास बढ़ेगा। डिजिटल लेनदेन बढ़ने से व्यापार बढ़ेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी को बढ़ावा दिया जा रहा है। आय बढ़ेगी तो सरकार के पास पैसा बढ़ेगा। लाजिस्टिक सेवाएं मजबूत होंगी। एमएसएमई क्रेडिट गारंटी सराहनीय कदम है। सरकार बाजार में जितना सरलपन लाएगी उससे व्यापार में वृद्धि होगी। पीपीपी मोड से भी व्यापार को रफ्तार मिलेगी।
कृषि विभाग जम्मू के निदेशक केके शर्मा ने कहा कि ग्रामीण विकास और युवाओं पर बजट केंद्रित किया गया है। उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। नाबार्ड के तहत विशेष फंड का प्रावधान किया गया है। किसान उत्पादन से हटकर व्यापार की दिशा में काम करेंगे। ग्रामीण युवाओं को उद्यमिता का मौका दिया जा रहा है। ड्रोन तकनीक का विस्तार होने से कृषि क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी। कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फार एग्रीकल्चर से किसानों को खाद बीज से लेकर मार्केट और स्टार्टअप्स की जानकारी मिल सकेगी। एग्रीकल्चर एक्सीलरेटर फंड के जरिए गांवों में युवाओं को स्टार्ट अप शुरू करने का मौका मिलेगा। सरकार ने कृषि क्रेडिट कार्ड (केसीसी) 20 लाख करोड़ बढ़ाने की घोषणा की है।कुलमिलाकर इस बजट से भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेगा।
कनक मंडी ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान अनूप मित्तल ने कहा कि आयकर कर छूट को मध्यम वर्ग के लिए बताया है। लेकिन इसमें जीएसटी पर ध्यान केंद्रित नहीं किया गया है। उम्मीद है कि जीएसटी में भी कारोबारियों को और राहत दी जाए।
जम्मू कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि आयकर कर छूट की स्लैब में प्रत्येक ढाई लाख से जो छूट दी जा रही है उसे और बढ़ाया जाना चाहिए था। इससे विशेषतौर पर कर्मचारियों को अधिक राहत मिली।
लोअर हरि मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान राजेश दीवान ने कहा कि कोविड से सबसे अधिक कारोबारी प्रभावित हुए हैं, ऐसे में सरकार को बाजार में कमाई के साधन पर और ध्यान देना चाहिए। कारोबारियों के लिए अन्य राहत भरी नीतियां लाई जानी चाहिए थीं।
नार्दन रेलवे इंप्लाइज यूनियन के पदाधिकारी प्रकाश चंद्र ने कहा कि रेलवे को नौ गुणा अधिक बजट मिला है, जिससे इसे चुनावी बजट भी कहा जा सकता है। वहीं यूनियन के सचिव शैंबर सिंह ने कहा कि बजट में भविष्य के लिए हमारी पुरानी पेंशन बहाल नहीं की गई है। जम्मू में डिवीजन को लेकर भी कोई चर्चा नहीं की गई है, जिसकी लंबे समय से मांग रही है। आयकर की सीमा पर दस लाख तक की सीमा मिली है, लेकिन इसे भी दस लाख तक किया जाना चाहिए था।
रणवीर हायर सेकेंडरी स्कूल परेड के वरिष्ठ लेक्ररार संदीपन गुप्ता का कहना है कि सरकार पूंजीगत व्यय में 33 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे भविष्य में जीडीपी भी बढ़ेगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह युवा शक्ति के लिए बजट है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ श्वेता कोहली ने इस बजट को आक्रामक बजट करार दिया है। बजट में लक्ष्य को निर्धारित करना अच्छी बात है। नए फंड लाए जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र मजबूत होगा। ढांचे पर ध्यान केंद्रित करने से देश का विकास होगा। देश में डेटा नीति लाई जा रही है। इससे हमें अपनी कमियों को दूर करने में मदद मिलेगी। एमएएसएमई के साथ स्टार्टअप पर ध्यान दिया गया है। युवाओं में कौशल विकास का विस्तार होगा। व्यापार के सरलीकरण से निवेश को बढ़ावा मिलेगा। बजट चर्चा में कमलजीत साहनी, एसके गुप्ता और मोहम्मद सलीम शामिल रहे।