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अवैध निर्माण की अनुमति दे दी, नपे
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 19 Dec 2015 11:25 PM IST
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विजिलेंस जम्मू ने जम्मू नगर निगम के दो पूर्र्व सीनियर टाउन प्लानरों के खिलाफ नियमों को ताक पर रखकर इमारतें बनाने की अनुमति देने पर मामला दर्ज किया है।
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आरोप है कि दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश की और गांधीनगर जैसे पॉश इलाके में जम्मू मास्टर प्लान को नजरअंदाज कर लोगों को लाभ पहुंचाया।
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इसमें सुरिंदर शर्मा और फरजाना नक्शबंदी शामिल है। जिन लोगों को इन अधिकारियों ने लाभ पहुंचाया। इनके खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पांच साल पहले शुरू हुई जांच के बाद अब जाकर विजिलेंस ने इन अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। विजिलेंस के पास 4 मई, 2010 को इस बात की शिकायत पहुंची थी कि नगर निगम ने अवैध निर्माणों की अनुमित दी है।
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पहले मामले में नगर निगम ने गांधी नगर के रहने वाले पवन दुबे के 4000 स्क्वेयर फीट को ग्राउंड, फर्स्ट, सेकेंड फ्लोर बनाने की अनुमति दी।
इसमें विजिलेंस ने पाया कि बिना संबंधित विभाग की एनओसी, नगर निगम के इमारत अधिकारी, बिना किसी माप प्रक्रिया के इमारत बनाने वाले पवन दुबे की वेरिफिकेशन कर दी।
हालांकि इस इमारत के प्लान को 27 जून, 2009 को मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन तब इसके मालिक पवन दुबे नहीं थे। इसी तरह से दो और 4000 स्क्वेयर फीट वाली इमारतों की भी मास्टर प्लान को नजरअंदाज कर कर अनुमति दी गई।
विजिलेंस ने पाया कि तब रहे नगर निगम केे सीनियर टाउन प्लान सुरिंदर शर्मा ने अपने साथियों के साथ मिलकर यह साजिश की और जम्मू मास्टर प्लान को नजरअंदाज कर पवन दुबे को लाभ पहुंचाया।
इसी तरह 14 जून, 2012 को जांच गठित हुई। इसमें पाया गया श्रीनगर के रहने वाले ओवेस बुरजा को गांधी नगर में अपना आवास बनाने के लिए अवैध रूप से अनुमति दी गई।
इसे लेकर तब रही सीनियर टाउन प्लानर फरजाना नक्शबंदी ने भी नियमों को ताक पर रखकर काम किया। इन लोगों के खिलाफ 5(1)(डी) आरएंडडब्लयू 5(2), जेएंडके पब्लिक एक्ट 2006 के तहत मामला दर्ज किया है।