मसर्रत आलम के दो सहयोगी पीएससी के तहत गिरफ्तार
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श्रीनगर में शुक्रवार को पुलिस ने अलगाववादी नेता मसर्रत आलम के दो सहयोगी
गिरफ्तार किए गए युवक जावेद अहमद नाइकू और सुहैल अहमद कलवाल 'जम्मू कश्मीर मुस्लिम लीग' के सक्रिय सदस्य हैं। 'जम्मू कश्मीर मुस्लिम लीग' वहीं संगठन है जिसका मुखिया मसर्रत आलम है।
जावेद और सुहैल को श्रीनगर के जैना कदल इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के खिलाफ मजिस्ट्रेट ने 9 जून को गिरफ्तार के आदेश जारी किए थे। गिरफ्तारी के बाद जावेद को श्रीनगर की सेंट्रल जेल में और सुहैल को कुपवाड़ा की उप जेल में रखा गया है।
मसर्रत आलम फिलहाल पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत जम्मू की कोट भलवाल जेल में कैद किया गया है।
मसर्रत की शिफ्टिंग का राज्य सरकार ने किया विरोध
अलगाववादी मसर्रत आलम को जम्मू की कोट भलवाल जेल से श्रीनगर सेंट्रल जेल या फिर कश्मीर संभाग की किसी अन्य जेल में स्थानांतरित करने का राज्य सरकार ने विरोध किया है।
हाईकोर्ट ने दो जून को राज्य सरकार को यह निर्देश दिया था कि मसर्रत को स्थानांतरित करने पर 11 जून तक विचार करे। मसर्रत ने श्रीनगर सेंट्रल जेल या फिर कश्मीर की किसी भी जेल में शिफ्ट किए जाने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी।
गृह विभाग की ओर से कोर्ट में दाखिल अनुपालन रिपोर्ट में कहा गया है कि मसर्रत को शिफ्ट किए जाने से कानून व्यवस्था में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों पर गलत प्रभाव पड़ेगा। खासकर पर्यटन सीजन तथा आगामी अमरनाथ यात्रा पर।
रिपोर्ट में कहा गया है कि याचिकाकर्ता का तर्क मेरिट पर खरा नहीं उतरता है। खासकर कानून व्यवस्था की स्थिति में। ऐसे में उसके आवेदन पर विचार नहीं किया जा सकता।
हुर्रियत (जी) के अध्यक्ष सैय्यद अली शाह गिलानी के स्वागत में आयोजित रैली में पाकिस्तानी झंडे लहराने तथा पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने पर उसे 17 अप्रैल को हब्बाकदल स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। बाद में पीएसए में उसे कोट भलवाल जेल भेज दिया गया।