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Jammu News: राजोरी में दो घोड़ों ने चार लोगों को काटा, जीएमसी में उपचाराधीन
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रैबीज संक्रमण की आशंका, पशुपालन विभाग की निगरानी में दोनों घोड़े
संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। शहर के वार्ड-13 पीर कांजू में वीरवार सुबह दो घोड़ों ने चार लोगों को काट लिया जिनका उपचार जीएमसी जम्मू में किया गया। पीड़ितों की हालत स्थिर है लेकिन वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। आशंका जताई जा रही है कि घोड़ों में रैबीज संक्रमण की समस्या हो सकती है। फिलहाल दोनों घोड़े पशुपालन विभाग की निगरानी में हैं।
क्षेत्र के एक निजी स्कूल में जब घोड़ों के काटने की सूचना मिली तो स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने डीसी से संपर्क किया। डीसी ने तत्काल विशेष टीमें गठित कर क्षेत्र में भेजीं। पशुपालन विभाग, फाॅरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स, नगर परिषद और पुलिस की टीमें माैके पर पहुंचीं और घोड़ों को बेहोश किया। पशुपालन विभाग के डॉ. मजहर ने बताया कि फिलहाल घोड़ों को बेहोश कर सार्वजनिक स्थान से हटाया गया है। उनकी जांच की जा रही है। पशुपालन विभाग के जिला अधिकारी डॉ. नजीब खान ने बताया कि कई बार घोड़ों या अन्य पशुओं को किसी कारण कहीं कोई घाव आ जाता है तो उनके मालिक उन्हें खुले में छोड़ देते हैं। उन्हें इन्फेक्शन हो जाता है। उन्होंने बताया कि इन घोड़ों को रैबीज है या नहीं इसकी पुष्टि अभी नहीं की जा सकती है। जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
राजोरी। शहर के वार्ड-13 पीर कांजू में वीरवार सुबह दो घोड़ों ने चार लोगों को काट लिया जिनका उपचार जीएमसी जम्मू में किया गया। पीड़ितों की हालत स्थिर है लेकिन वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। आशंका जताई जा रही है कि घोड़ों में रैबीज संक्रमण की समस्या हो सकती है। फिलहाल दोनों घोड़े पशुपालन विभाग की निगरानी में हैं।
क्षेत्र के एक निजी स्कूल में जब घोड़ों के काटने की सूचना मिली तो स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों ने डीसी से संपर्क किया। डीसी ने तत्काल विशेष टीमें गठित कर क्षेत्र में भेजीं। पशुपालन विभाग, फाॅरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स, नगर परिषद और पुलिस की टीमें माैके पर पहुंचीं और घोड़ों को बेहोश किया। पशुपालन विभाग के डॉ. मजहर ने बताया कि फिलहाल घोड़ों को बेहोश कर सार्वजनिक स्थान से हटाया गया है। उनकी जांच की जा रही है। पशुपालन विभाग के जिला अधिकारी डॉ. नजीब खान ने बताया कि कई बार घोड़ों या अन्य पशुओं को किसी कारण कहीं कोई घाव आ जाता है तो उनके मालिक उन्हें खुले में छोड़ देते हैं। उन्हें इन्फेक्शन हो जाता है। उन्होंने बताया कि इन घोड़ों को रैबीज है या नहीं इसकी पुष्टि अभी नहीं की जा सकती है। जांच के बाद ही कुछ कहा जाएगा।
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