सेना की फायरिंग में दो युवाओं की मौत, पथराव
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बड़गाम में सेना की फायरिंग में सोमवार को दो युवकों फैज़ल अहमद और मेहराज अहमद डार की मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से घाटी में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इसके विरोध में युवकों ने सुरक्षाबलों पर पथराव किया है। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सेना ने इस घटना की जांच के लिए कोर्ट आफ इंक्वायरी (सीओआई) के आदेश जारी कर दिए हैं। एसएसपी (पीसीआर) इम्तियाज हुसैन ने बताया कि इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फायरिंग में घायल हुए युवकों की पहचान जाहिद अहमद नक्काश और शकीर अहमद भट के रूप में की गई है। चारों युवक बड़गाम जिले के नौगाम इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।
सेना ने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए
युवकों की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने सेना के विरोध में बड़ी देर तक नारेबाजी और प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव भी किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई थी।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं। इस घटना के तुरंत बाद सैन्य प्रवक्ता कर्नल बृजेश पांडे ने पहली जानकारी में आतंकियों की फायरिंग में दो जवानों के शहीद होने की जानकारी दी थी।
बाद में सेना की फायरिंग में दो युवाओं की मौत की पुष्टि होने के बाद उन्होंने बताया कि सेना को इंटेलिजेंस एजेंसियों से जानकारी मिली थी कि एक निजी सफेद कार में बड़गाम के छत्तरगाम इलाके से होते हुए कुछ आतंकी श्रीनगर के नौगाम इलाके से पुलवामा जिले की ओर जा रहे हैं।
विरोध में लोगों ने सेना के खिलाफ किया प्रदर्शन
इसके चलते सेना की ओर से वाहनों की जांच के लिए इस रूट पर तीन अलग-अलग नाके लगाए गए थे। दो नाका पर सेना के जवानों द्वारा रुकने का इशारा किए जाने के बावजूद सफेद कार (जेके01आर/0321) नहीं रुकी थी।
यहां तक कि सेना की ओर से छत्तरगाम में लगाए गए नाके को भी कार सवार युवाओं ने तोड़ दिया था। इसके चलते जवानों ने वाहन पर फायरिंग कर दी। इस हादसे में दो युवाओं की जान चली गई।
सैन्य प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में युवाओं की मौत पर दुख जताया गया। वहीं मामले को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त रोष बना हुआ है।
आतंकियों के चक्कर में गई बेगुनाहों की जान
बताते चलें कि घाटी में हाल फिलहाल आतंकियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। जिसके चलते सेना लगातार उनके खिलाफ आपरेशन चला रही है। इसी कड़ी में पिछले कुछ समय में सेना ने 80 के करीब आतंकवादियों को मार गिराया है।
लेकिन इसका खामियाजा आम नागरिकों को भी भुगतना पड़ रहा है। ताजा घटना इसी का उदाहरण है, जहां सेना ने आतंकियों के शक में आम नागरिकों को मार गिराया। वहीं घटना की सूचना पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके थे।
मामले को लेकर सेना काफी सतर्कता बरत रही है। दूसरी ओर घायलों की सूचना मिलते ही अस्पताल में उनके परिजनों का तांता लगना शुरू हो गया था। सेना के रवैये को लेकर परिजनों में काफी आक्रोश है।