जम्मू-कश्मीर के सांबा में सीमा पर मिली सुरंग, बोरियों ने खोली पाकिस्तान की घिनौनी साजिश की पोल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Sat, 29 Aug 2020 02:31 PM IST
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सांबा में सीमा पर मिली सुरंग
सांबा में सीमा पर मिली सुरंग - फोटो : ani

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सांबा के सीमावर्ती गांव बैन ग्लाड की सीमा पर एक सुरंग मिली है। बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) ने जेसीबी मशीन से खुदाई का काम शुरू कर दिया है। सीमा से पचास मीटर दूर मिली इस सुरंग में पाकिस्तान निर्मित बोरियां बरामद हुई हैं। जिनमें बालू (रेत) भरी हुई थी। बता दें कि इससे पहले भी सीमा से सटे कई इलाकों में सुरंग मिल चुकी हैं।

बीएसएफ जम्मू के आईजी ने कहा कि हमें सांबा क्षेत्र में एक सुरंग के बारे में इनपुट मिल रहे थे। इसके मद्देनजर विशेष टीमों को इसका पता लगाने के लिए निर्देश दिए गए थे। एक विशेष टीम को सुरंग मिली। यह सुरंग शून्य रेखा से लगभग 150 गज लंबी है। सुरंग के मुहाने को सैंडबैग द्वारा बंद किया गया था।


अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरंग मिलने से पाकिस्तान की आतंकियों को भारतीय सीमा में भेजने की एक और करतूत सामने आई है। यह कोई पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान की शह पर बनाई गई सुरंग का पता लगा है। इससे पहले भी सात बार सुरंग मिल चुकी है। एलओसी पर सख्ती के बाद पाकिस्तान ने आतंकियों को धकेलने के लिए दोबारा से अंतरराष्ट्रीय सीमा का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। पुलवामा हमले में शामिल आतंकी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा से ही घुसपैठ कर दाखिल हुए थे। इसकी पुष्टि एनआईए की ओर से दाखिल चार्जशीट में हो चुकी है।

यह भी पढ़ें- ऑपरेशन जदूरा और किलूराः 16 घंटे में शकूर सहित सात आतंकियों का सफाया, सीमा पार बौखलाहट का माहौल

बीएसएफ ने चलाया था ऑपरेशन सुदर्शन

नगरोटा हमले के बाद जिसमें आतंकियों के अंतरराष्ट्रीय सीमा से घुसपैठ की खबरें आई थी, बीएसएफ की ओर से बार्डर इलाकों में ऑपरेशन सुदर्शन चलाया गया था। इसके तहत बार्डर से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों तथा ढोक (झोपड़ी) में रहने वालों की सूची बनाई गई थी। यह फुलप्रूफ इंतजाम करने की कोशिश की गई थी कि यदि घुसपैठ की कोशिश हो तो उसका आसानी से पता लगाया जा सके। 



बरसात का महीना सुरंग बनाने को मुफीद

बरसात का महीना सुरंग बनाने के लिए मुफीद होता है क्योंकि मिट्टी गीली होती है। इससे सुरंग खोदने में आसानी रहती है। साथ ही इसकी भनक भी नहीं लग पाती है। सुरंग बनाने में लकड़ी के सपोर्ट का भी इस्तेमाल किया जाता है ताकि वह गिर न सके। पिछले दिनों पकड़ी गई सुरंग में भी लकड़ी के सपोर्ट का इस्तेमाल किया गया था।

बॉर्डर इलाकों में लगातार एंटी टनलिंग का काम जारी है। इसी वजह से पाकिस्तान की मौजूदा साजिश का पर्दाफाश हुआ है। सुरंग बिना पाकिस्तान की मदद के नहीं खोदी जा सकती है। 
-एनएस जमवाल, आईजी-बीएसएफ, जम्मू

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