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Tourism: जम्मू कश्मीर में नई ऊंचाइयां छू रहा पर्यटन, इस साल जून तक एक करोड़ से अधिक ने देखा धरती का स्वर्ग
Thu, 25 Jul 2024 12:19 PM IST
गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: गुलशन कुमार
Updated Thu, 25 Jul 2024 12:19 PM IST
सार
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, पर्यटन प्रदेश में नई ऊंचाइयां छू रहा है। 2014 से 2023 और 2024 में तो रिकॉर्ड बना है। जबकि 2004 से 2014 के कालखंड में लोग जम्मू-कश्मीर जाने से डरते थे।
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कश्मीर में घूमने पहुंचे पर्यटक
- फोटो : बासित जरगर
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विस्तार
जम्मू कश्मीर में पर्यटन कारोबार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। इस साल जून तक एक करोड़ से अधिक लोगों ने धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर को देखने पहुंचे।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, पर्यटन प्रदेश में नई ऊंचाइयां छू रहा है। 2014 से 2023 और 2024 में तो रिकॉर्ड बना है। जबकि 2004 से 2014 के कालखंड में लोग जम्मू-कश्मीर जाने से डरते थे।
अब 2023 में ही 2.11 करोड़ पर्यटकों के आने का रिकॉर्ड है। 2024 में जून तक ही 1.2 करोड़ पर्यटक यहां जा चुके हैं। इसमें बड़े पैमाने पर विदेशी भी शामिल हैं। कोरोना काल में जरूर यह थोड़ा घटे थे।
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2020 में 34 लाख पर्यटक आ सके थे। 2021 में 1.13 करोड़ तो 2022 में 1.8 करोड़ पर्यटक आए जो लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन लोगों के जीवन का आधार बन गया है। पांच लाख लोगों को इससे सालाना लाभ मिल रहा है।
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए 58,477 करोड़ की परियोजनाएं
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास और प्रधानमंत्री पैकेज लागू करने को लेकर पूछे सवाल पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा, पैकेज 2015 में दिया गया था। इसमें 15 मंत्रालयों ने 58,477 करोड़ रुपये दिए थे, जिससे 53 परियोजनाएं शुरू की गई थीं। इनमें से 35 परियोजनाएं या तो पूरी हो गई हैं या अंतिम चरण में हैं। इससे प्रदेश के विकास को नई दिशा और स्थिरता मिलेगी। पीओके और पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को भी इससे लाभ दिया गया।
वोट की राजनीति के चलते पंडितों को विस्थापित होना पड़ा
पुनर्वास के सवाल पर मंत्री राय ने कहा, कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार किया गया। वोट की राजनीति के चलते उन्हें विस्थापित होना पड़ा। केंद्र सरकार उनके लिए प्रदेश में छह हजार घर जिलावार बनवा रही है। फ्लैटनुमा इन घरों में दो हजार पूरे हो गए हैं। छह हजार पदों की भर्तियों में से 5724 की पूरी हो गई है। बची 377 भर्तियों पर काम चल रहा है। एनसीपी की फौजिया खान ने अनियंत्रित पर्यटन के कारण प्रदूषण और स्वच्छता को लेकर पूछे सवाल पर राय ने कहा, प्रदेश में सरकार पर्यावरण और वहां की नर्सेगिक सुंदरता का विशेष ख्याल रख रही है।
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा, पर्यटन प्रदेश में नई ऊंचाइयां छू रहा है। 2014 से 2023 और 2024 में तो रिकॉर्ड बना है। जबकि 2004 से 2014 के कालखंड में लोग जम्मू-कश्मीर जाने से डरते थे।
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अब 2023 में ही 2.11 करोड़ पर्यटकों के आने का रिकॉर्ड है। 2024 में जून तक ही 1.2 करोड़ पर्यटक यहां जा चुके हैं। इसमें बड़े पैमाने पर विदेशी भी शामिल हैं। कोरोना काल में जरूर यह थोड़ा घटे थे।
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2020 में 34 लाख पर्यटक आ सके थे। 2021 में 1.13 करोड़ तो 2022 में 1.8 करोड़ पर्यटक आए जो लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में पर्यटन लोगों के जीवन का आधार बन गया है। पांच लाख लोगों को इससे सालाना लाभ मिल रहा है।
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए 58,477 करोड़ की परियोजनाएं
कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास और प्रधानमंत्री पैकेज लागू करने को लेकर पूछे सवाल पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने कहा, पैकेज 2015 में दिया गया था। इसमें 15 मंत्रालयों ने 58,477 करोड़ रुपये दिए थे, जिससे 53 परियोजनाएं शुरू की गई थीं। इनमें से 35 परियोजनाएं या तो पूरी हो गई हैं या अंतिम चरण में हैं। इससे प्रदेश के विकास को नई दिशा और स्थिरता मिलेगी। पीओके और पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को भी इससे लाभ दिया गया।
वोट की राजनीति के चलते पंडितों को विस्थापित होना पड़ा
पुनर्वास के सवाल पर मंत्री राय ने कहा, कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार किया गया। वोट की राजनीति के चलते उन्हें विस्थापित होना पड़ा। केंद्र सरकार उनके लिए प्रदेश में छह हजार घर जिलावार बनवा रही है। फ्लैटनुमा इन घरों में दो हजार पूरे हो गए हैं। छह हजार पदों की भर्तियों में से 5724 की पूरी हो गई है। बची 377 भर्तियों पर काम चल रहा है। एनसीपी की फौजिया खान ने अनियंत्रित पर्यटन के कारण प्रदूषण और स्वच्छता को लेकर पूछे सवाल पर राय ने कहा, प्रदेश में सरकार पर्यावरण और वहां की नर्सेगिक सुंदरता का विशेष ख्याल रख रही है।