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Jammu News: पहाड़ों से काम.. तपती गर्मी से भी आराम सैलानियों को भा रहा वर्क फ्रॉम हिल्स
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- इस गर्मी के सीजन में कश्मीर घाटी में पर्यटकों की संख्या बना सकती है नया रिकॉर्ड
अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। देश के कई राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। तपती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं और यहीं से ही ऑनलाइन अपने काम निपटा रहे हैं। इस गर्मी के सीजन में कश्मीर घाटी में सैलानियों का आगमन और बढ़ने की उम्मीद है, जो नया रिकॉर्ड बना सकता है।
भारत में वर्क फ्रॉम हिल्स का चलन बढ़ने लगा है। होटल शृंखलाओं में हिल स्टेशनों और दूरदराज के इलाकों में आवास (होम स्टे) के लिए पूछताछ व बुकिंग में वृद्धि देखी जा रही है, क्योंकि देश में कई पेशेवर लोग हिल स्टेशनों में ठहरने के दौरान काम को आराम के साथ जोड़ते हैं।
पूरे देश में पर्वतीय स्थलों पर होटलों की ओर से सुविधाओं के उन्नयन को देखते हुए कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं उन्हें दूरस्थ कार्य के लिए एक आदर्श स्थान बनाती हैं। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार, बड़ी संख्या में पर्यटक हिल स्टेशनों की शांत सेटिंग के बीच दूरस्थ कार्य के अवसरों का विकल्प चुन रहे हैं। कश्मीर प्रमुख पहाड़ी स्थलों में से एक है, जहां इस गर्मी के मौसम में पर्यटकों का प्रवाह बढ़ रहा है। ट्रैवल एजेंट गुलाम मुस्तफा ने कहा, जैसे-जैसे दिल्ली, मुंबई और दक्षिणी भारत जैसे महानगरीय केंद्रों सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में पारा सामान्य स्तर से ऊपर बढ़ रहा है, पेशेवर तेजी से अस्थायी रूप से ठंडी जलवायु में स्थानांतरित होने का विकल्प चुन रहे हैं। इस बदलाव के कारण कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता से बल्कि दूरस्थ कार्य के लिए अनुकूल वातावरण के वादे से भी आकर्षित हुई है। ट्रैवल एजेंटों ने दावा किया कि उन्हें उन पेशेवरों से कई पूछताछ की आवश्यकता है, जो हिल स्टेशनों में गेस्ट हाउस और होम स्टे की तलाश करते हैं। एक अन्य ट्रैवल एजेंट उमर अहमद ने कहा, ऐसे पेशेवरों की ओर से भी अच्छी मांग है, जो कश्मीर के अलग-थलग और अज्ञात पहाड़ी स्थलों में होम स्टे व गेस्ट हाउस की तलाश करते हैं। ऐसा लगता है कि वे इंटरनेट कनेक्टिविटी के बारे में अधिक चिंतित हैं।
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टंगमर्ग में होम स्टे में बेंगलुरू व दिल्ली के पर्यटकों ने अगस्त तक की बुकिंग
टंगमर्ग में होम स्टे संचालक बशीर अहमद ने कहा कि पिछले एक महीने से हमारे यहां कई ऐसे मेहमान आए हैं, जो यहां रहते हैं और यहां से ही अपना काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी करीब अगस्त तक बुकिंग है। कुछ लोग बेंगलुरू से और कुछ दिल्ली से हैं, जो गर्मी से बचने के लिए यहां से अपना काम करते हैं। बशीर ने कहा कि यह चलन कोविड के बाद से शुरू हुआ है जब से कंपनियों ने ''वर्क फ्रॉम होम'' का चलन शुरू किया था।
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हवाई मार्ग से रोजाना घाटी
पहुंच रहे 8000 से अधिक यात्री
ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, पर्यटक अनदेखे कश्मीर को देखने के लिए तेजी से घाटी के कम-ज्ञात स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। ऑफबीट गंतव्यों की ओर बदलाव यात्रियों के बीच विशिष्ट पर्यटक सर्किटों से दूर, अद्वितीय और प्रामाणिक अनुभवों की तलाश करने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आंकड़ों के अनुसार, औसतन प्रतिदिन 8000 से अधिक यात्री हवाई अड्डे पर आते हैं। यात्रियों में एक बड़ा हिस्सा पर्यटकों का है। फरवरी के दौरान औसतन 70 उड़ानों के मुकाबले, वर्तमान में हवाई अड्डे पर 94 उड़ानें संचालित हो रही हैं।
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अमृतपाल सिंह बाली
श्रीनगर। देश के कई राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर चल रहा है। तपती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं और यहीं से ही ऑनलाइन अपने काम निपटा रहे हैं। इस गर्मी के सीजन में कश्मीर घाटी में सैलानियों का आगमन और बढ़ने की उम्मीद है, जो नया रिकॉर्ड बना सकता है।
भारत में वर्क फ्रॉम हिल्स का चलन बढ़ने लगा है। होटल शृंखलाओं में हिल स्टेशनों और दूरदराज के इलाकों में आवास (होम स्टे) के लिए पूछताछ व बुकिंग में वृद्धि देखी जा रही है, क्योंकि देश में कई पेशेवर लोग हिल स्टेशनों में ठहरने के दौरान काम को आराम के साथ जोड़ते हैं।
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पूरे देश में पर्वतीय स्थलों पर होटलों की ओर से सुविधाओं के उन्नयन को देखते हुए कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाएं उन्हें दूरस्थ कार्य के लिए एक आदर्श स्थान बनाती हैं। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार, बड़ी संख्या में पर्यटक हिल स्टेशनों की शांत सेटिंग के बीच दूरस्थ कार्य के अवसरों का विकल्प चुन रहे हैं। कश्मीर प्रमुख पहाड़ी स्थलों में से एक है, जहां इस गर्मी के मौसम में पर्यटकों का प्रवाह बढ़ रहा है। ट्रैवल एजेंट गुलाम मुस्तफा ने कहा, जैसे-जैसे दिल्ली, मुंबई और दक्षिणी भारत जैसे महानगरीय केंद्रों सहित भारत के विभिन्न हिस्सों में पारा सामान्य स्तर से ऊपर बढ़ रहा है, पेशेवर तेजी से अस्थायी रूप से ठंडी जलवायु में स्थानांतरित होने का विकल्प चुन रहे हैं। इस बदलाव के कारण कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता से बल्कि दूरस्थ कार्य के लिए अनुकूल वातावरण के वादे से भी आकर्षित हुई है। ट्रैवल एजेंटों ने दावा किया कि उन्हें उन पेशेवरों से कई पूछताछ की आवश्यकता है, जो हिल स्टेशनों में गेस्ट हाउस और होम स्टे की तलाश करते हैं। एक अन्य ट्रैवल एजेंट उमर अहमद ने कहा, ऐसे पेशेवरों की ओर से भी अच्छी मांग है, जो कश्मीर के अलग-थलग और अज्ञात पहाड़ी स्थलों में होम स्टे व गेस्ट हाउस की तलाश करते हैं। ऐसा लगता है कि वे इंटरनेट कनेक्टिविटी के बारे में अधिक चिंतित हैं।
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टंगमर्ग में होम स्टे में बेंगलुरू व दिल्ली के पर्यटकों ने अगस्त तक की बुकिंग
टंगमर्ग में होम स्टे संचालक बशीर अहमद ने कहा कि पिछले एक महीने से हमारे यहां कई ऐसे मेहमान आए हैं, जो यहां रहते हैं और यहां से ही अपना काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी करीब अगस्त तक बुकिंग है। कुछ लोग बेंगलुरू से और कुछ दिल्ली से हैं, जो गर्मी से बचने के लिए यहां से अपना काम करते हैं। बशीर ने कहा कि यह चलन कोविड के बाद से शुरू हुआ है जब से कंपनियों ने ''वर्क फ्रॉम होम'' का चलन शुरू किया था।
हवाई मार्ग से रोजाना घाटी
पहुंच रहे 8000 से अधिक यात्री
ट्रैवल एजेंटों के अनुसार, पर्यटक अनदेखे कश्मीर को देखने के लिए तेजी से घाटी के कम-ज्ञात स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। ऑफबीट गंतव्यों की ओर बदलाव यात्रियों के बीच विशिष्ट पर्यटक सर्किटों से दूर, अद्वितीय और प्रामाणिक अनुभवों की तलाश करने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है। श्रीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आंकड़ों के अनुसार, औसतन प्रतिदिन 8000 से अधिक यात्री हवाई अड्डे पर आते हैं। यात्रियों में एक बड़ा हिस्सा पर्यटकों का है। फरवरी के दौरान औसतन 70 उड़ानों के मुकाबले, वर्तमान में हवाई अड्डे पर 94 उड़ानें संचालित हो रही हैं।