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बॉर्डर टूरिज्म पर बीएसएफ की मदद से बनेगी डीपीआर
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जम्मू। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बॉर्डर टूरिज्म की संभावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए कवायद तेज हो गई है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के सलाहकार बसीर अहमद खान ने पर्यटन विभाग के अफसरों के साथ कई बैठकें करने के बाद बॉर्डर टूरिज्म के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें बीएसएफ की भी मदद ली जाएगी। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जम्मू जिले के सुचेतगढ़ और सांबा जिले के बाबा चमलियाल समेत अन्य स्थानों पर व्यापक सुविधाएं देने के निर्देश दिए गए हैं।
बॉर्डर टूरिज्म पर केंद्रित बैठकों में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा को पर्यटक करीब से जाकर देखना चाहते हैं। उनकी उत्सुकता तो है लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं हो पाई हैं। ऐसे में सुचेतगढ़ बॉर्डर पर पर्यटन और बाबा चमलियाल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है।
एलजी के सलाहकार खान ने कहा कि घराना वेटलैंड में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इसे विकसित कर परिंदों को देखने के लिए उत्सुक पर्यटकों को यहां आकर्षित किया जा सकता है। पर्यटन की दृष्टि से वेटलैंड में सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए।
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बॉर्डर टूरिज्म पर केंद्रित बैठकों में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा को पर्यटक करीब से जाकर देखना चाहते हैं। उनकी उत्सुकता तो है लेकिन पर्याप्त सुविधाएं नहीं हो पाई हैं। ऐसे में सुचेतगढ़ बॉर्डर पर पर्यटन और बाबा चमलियाल में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है।
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एलजी के सलाहकार खान ने कहा कि घराना वेटलैंड में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इसे विकसित कर परिंदों को देखने के लिए उत्सुक पर्यटकों को यहां आकर्षित किया जा सकता है। पर्यटन की दृष्टि से वेटलैंड में सुविधाओं को बढ़ाया जाना चाहिए।
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