देश को आज समर्पित होगी बगलिहार-दो परियोजना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को 450 मेगावाट क्षमता की बगलिहार-दो परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। अंडर ग्राउंड पावर हाउस पर आधारित यह प्रतिष्ठित परियोजना रियासत की अपनी पनबिजली परियोजना है। डेढ़ सौ मेगावाट की तीन यूनिटों के लिए 130 मीटर लंबी टेल रेस टनल को तैयार किया गया है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिनाब दरिया पर बनी 450 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता वाली बगलिहार-दो परियोजना बनकर पूरी तरह से तैयार है। तीनों यूनिटों की सफल टेस्टिंग के बाद बिजली उत्पादन जारी है और परियोजना को उत्तरी ग्रिड से भी जोड़ा जा चुका है।
रन द वाटर स्कीम के अंतर्गत
बगलिहार-दो पनबिजली परियोजना के लिए चिनाब दरिया पर 143 मीटर हाई कंक्रीट ग्रेविटी डैम बनाया गया है। पाकिस्तान से सिंधु जल समझौते की वजह से बगलिहार-दो परियोजना भी रन द वाटर स्कीम के अंतर्गत है। इस वजह से सर्दी के मौसम में परियोजना से क्षमता के अनुसार पनबिजली उत्पादन नहीं हो पाएगा। इसकी मुख्य वजह चिनाब दरिया में सर्दी के मौसम में जल स्तर का कम होना है।
बगलिहार-दो परियोजना के चीफ इंजीनियर अब्दुल वाहिद का कहना है कि बगलिहार-एक परियोजना की तरह से चरण दो परियोजना भी अंडर ग्राउंड पावर हाउस पर आधारित है। तीनों यूनिटों की सफल टेस्टिंग के बाद यहां से बिजली का उत्पादन शुरू हो चुका है। उत्तरी ग्रिड से तीनों यूनिटों को जोड़ा जा चुका है।