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स्वाइन फ्लू की दहशत में देसी नुस्खों का सहारा

Sun, 22 Feb 2015 02:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू Updated Sun, 22 Feb 2015 02:05 PM IST
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tips to cure swine flu

देश के अन्य राज्यों की तरह जम्मू-कश्मीर में भी दहशत का सबब बने स्वाइन फ्लू से दहशत का माहौल बन गया है। जिले भर के चिकित्सा संस्थानों में महज स्क्रीनिंग तक सीमित स्वाइन फ्लू रोकथाम के इंतजामों के बीच देसी नुस्खों का सहारा ही राहत दे रहा है। ऐसे में गली-मोहल्ले की पंसारी की दुकान घर का वैद्य साबित हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के इंडियन सिस्टम्स ऑफ मेडिसिन विंग ने स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए देसी नुस्खों का प्रचार करना शुरू कर दिया है।

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ऐसे में लोग देसी नुस्खों को अपनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। इस बीच देसी नुस्खों में बताई जा रही सामग्री की बिक्री में अचानक उछाल आ गया है। घर-घर पहुंच रहे इन नुस्खों को अपनाने में लोग खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। दरअसल राज्य में स्वाइन फ्लू संक्रमण की वजह से मौत के मामले प्रकाश में आने से सकते में आए स्वास्थ्य विभाग ने कई तरह की एहतियात बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
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जिले के तमाम चिकित्सा संस्थानों में स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मामलों की पहचान कर उन्हें फौरन जम्मू रेफर करने की हिदायतें जारी की गई हैं। जिला अस्पताल में तो बाकायदा दो आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। लेकिन इस सब के बीच कठुआ जिले में स्वाइन फ्लू की दवा अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाई है। उधर देसी नुस्खों की सामग्री धड़ाधड़ बिकने लगी है। पंसारी कारोबारी कपिल ठप्पा ने बताया कि इन दिनों देसी कपूर की बिक्री में अचानक बढ़ोत्तरी हो गई है। स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए देसी नुस्खों को अपनाने के लिए लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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जिले में अभी तक किसी मामले की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग के पास केवल स्क्रीनिंग की ही व्यवस्था है। न तो यहां टेस्ट संभव है और न ही दवाइयां ही उपलब्ध हैं। ऐसे में संदिग्ध मामले आने पर उसे जीएमसी जम्मू रेफर करने की व्यवस्था है।
डॉ आरके सांगड़ा, सीएमओ कठुआ

देसी कपूर और इलायची बनी रामबाण दवा
आईएसएम के मेडिकल आफिसर डॉ. विशाल विकास उब्बट ने बताया कि स्वाइन फ्लू की चुनौती से निपटने के लिए आयुर्वेद में बताए गए देसी नुस्खे बेहद कारगर हैं। श्वास नली से शरीर में दाखिल होने वाले संक्रमण से बचने के लिए देसी कपूर और इलायची को सूती कपड़े में बांधकर उसे कुछ मिनट बाद सूंधते रहने से स्वाइन फ्लू का संक्रमण बेअसर हो जाएगा। इसी तरह से खाली पेट अर्क का सेवन करना भी लाभकारी है।


अर्क के लिए 7 इलायची, 7 लौंग, 7 तुलसी के पत्ते, अदरक का छोटा टुकड़ा, दालचीनी, एक चौथाई चम्मच हल्दी और एक चौथाई चम्मच काला नमक चार कप पानी में उबाल लें। उबालकर जब अर्क एक कप रह जाए तो उसे बोतल में डालकर रख लें। इससे प्रतिदिन सुबह खाली पेट दो चम्मच सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता में व्यापक लाभ मिलता है, जिससे स्वाइन फ्लू का संक्रमण बेअसर हो जाएगा।

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