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कश्मीर में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरे से पस्त होंगे अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार के मंसूबे
बृजेश कुमार सिंह,अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 09 Apr 2017 08:33 AM IST
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कश्मीर में तैनात जवान
- फोटो : File Photo
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अलगाववादियों की लोकसभा उपचुनाव के बहिष्कार की धमकी और लगातार हो रहे आतंकी हमलों के मद्देनजर चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने रणनीति बदलते हुए चुनाव के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया है ताकि मतदाताओं को डराया धमकाया नहीं जा सके और वे बिना किसी डर भय के वोटिंग कर सकें।
सुरक्षा एजेंसियों को इस बात के इनपुट मिले हैं कि मतदान के लिए निकलने वाले मतदाताओं को डराया धमकाया जा सकता है। इसके लिए अलगाववादियों और आतंकी तंजीमों की ओर से गांव-गांव में लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बैठक कर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने की रणनीति बनाई। पहला घेरा गांव में होगा जो लोगों को डराने धमकाने की घटनाओं पर नजर रखेगा।
दूसरा घेरा गांव से मतदान केंद्र के बीच होगा ताकि रास्ते में मतदाताओं को धमकी न दी जा सके। तीसरा घेरा मतदान केंद्रों पर होगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे काफी हद तक निर्भीक मतदान संपन्न कराने में सफलता मिलेगी। बैठक में यह भी तय किया गया है कि यदि कोई मतदान करने का इच्छुक है तो उसके लिए किसी प्रकार की बाधा सामने नहीं आने दी जाए, इस प्रकार की व्यवस्था करनी है।
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सुरक्षा एजेंसियों को इस बात के इनपुट मिले हैं कि मतदान के लिए निकलने वाले मतदाताओं को डराया धमकाया जा सकता है। इसके लिए अलगाववादियों और आतंकी तंजीमों की ओर से गांव-गांव में लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बैठक कर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाने की रणनीति बनाई। पहला घेरा गांव में होगा जो लोगों को डराने धमकाने की घटनाओं पर नजर रखेगा।
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दूसरा घेरा गांव से मतदान केंद्र के बीच होगा ताकि रास्ते में मतदाताओं को धमकी न दी जा सके। तीसरा घेरा मतदान केंद्रों पर होगा। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे काफी हद तक निर्भीक मतदान संपन्न कराने में सफलता मिलेगी। बैठक में यह भी तय किया गया है कि यदि कोई मतदान करने का इच्छुक है तो उसके लिए किसी प्रकार की बाधा सामने नहीं आने दी जाए, इस प्रकार की व्यवस्था करनी है।
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सैन्य ठिकानों की सुरक्षा बढ़ाई
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
- फोटो : Amar Ujala
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) शांतमनु का कहना है कि श्रीनगर सीट के लिए 1559 मतदान केंद्र हैं। प्रत्येक केंद्र पर एक-एक सेक्शन अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती रहेगी। सुरक्षा बलों की टीम लगातार गश्त करेगी।
230 केंद्रों से वेब कास्टिंग की जाएगी। मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान के लिए आगे आना चाहिए। ज्ञात हो कि श्रीनगर और अनंतनाग सीट के लिए केंद्र सरकार की ओर से 200 अतिरिक्त कंपनियां भेजी गई हैं। 25 कंपनियां आर्म्ड फोर्स की भी लगाई गई हैं।
चुनाव में गड़बड़ी के इनपुट के बाद घाटी में सभी सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। श्रीनगर शहर में भी सुरक्षा घेरा कड़ा किया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। एलओसी पर भी जवानों की सतर्कता बढ़ाई गई है ताकि घुसपैठ को रोका जा सके।
230 केंद्रों से वेब कास्टिंग की जाएगी। मतदाताओं को निर्भीक होकर मतदान के लिए आगे आना चाहिए। ज्ञात हो कि श्रीनगर और अनंतनाग सीट के लिए केंद्र सरकार की ओर से 200 अतिरिक्त कंपनियां भेजी गई हैं। 25 कंपनियां आर्म्ड फोर्स की भी लगाई गई हैं।
चुनाव में गड़बड़ी के इनपुट के बाद घाटी में सभी सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। श्रीनगर शहर में भी सुरक्षा घेरा कड़ा किया गया है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। एलओसी पर भी जवानों की सतर्कता बढ़ाई गई है ताकि घुसपैठ को रोका जा सके।