फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   three new Lows

Jammu News: अब यातायात नियम तोड़ने समेत छह तरह के अपराधों पर करनी होगी सामुदायिक सेवा

विज्ञापन
three new Lows
- भारतीय न्याय संहिता में सामुदायिक सेवा का किया गया है प्रावधान
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। देश की आपराधिक न्याय प्रणाली अब बदल चुकी है। एक जुलाई से लागू हुए तीन नए कानूनों में सामुदायिक सेवा का प्रावधान रखा गया है। भारतीय न्याय संहिता में छह तरह के अपराधों में सामुदायिक सेवा का प्रावधान है। इनके लिए जेल की सजा के बजाय सामुदायिक सेवा की सजा दी जा सकती है। बीएनएस की धारा 4(एफ) में इन्हें शामिल किया गया है।
भारतीय न्याय संहिता में रखे छह अपराधों में छोटी चोरी, बर्बरता, सार्वजनिक उपद्रव, यातायात नियमों का उल्लंघन, पर्यावरण उल्लंघन और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना शामिल है। रेड लाइट, बिना हेलमेट और ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाते पकड़े जाने पर पुलिस सिर्फ जुर्माना लगाकर नहीं छोड़ेगी। इसमें यातायात व्यवस्था को बनाए रखने में पुलिस पकड़े गए व्यक्ति को लगा सकती है, जिससे उसमें यातायात नियमों के प्रति समझ बढ़ेगी।
विज्ञापन

--------
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया तो पेड़-पौधों की करनी पड़ेगी सेवा
पर्यावरण नियमों का उल्लंघन (पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना) किया तो सजा के रूप में पेड़ लगाने या फिर पौधों को पानी देने जैसी सजा दी जाएगी। पांच हजार रुपये से कम की चोरी में आरोपी से सार्वजनिक स्थलों पर किसी तरह की सेवा करवाई जा सकती है। छोटे अपराधों में सामुदायिक सेवा की व्यवस्था पहले विदेशों में हुआ करती थी, लेकिन भारतीय न्याय संहिता में इसका प्रावधान किया गया है। इससे इस तरह के अपराधों में शामिल लोगों में सामाजिक भावना को भी विकसित किया जा सकेगा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के वकील रजत रमित गौतम ने कहा कि सामुदायिक सेवा का प्रावधान पहले विदेशों में होता था, लेकिन अब यहां पर भी है। ऐसे मामले थाने या चौकी स्तर पर ही हाल हो जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed