जम्मू कश्मीर की अदालतों में तीन लाख केस लंबित
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रियासत के कानून, न्याय और संसदीय मामलों के मंत्री सैयद बशरत बुखारी नई दिल्ली में देश के मुख्य न्यायाधीश (नामित) तीर्थ सिंह ठाकुर से मिले। इस दौरान मंत्री ने रियासत की वर्तमान न्याय प्रक्रिया और न्यायिक ढांचे का स्तर ऊंचा करने के मुद्दे पर उनसे विचार-विमर्श किया।
मंत्री ने कहा कि रियासत की विभिन्न अदालतों में लगभग तीन लाख केस लंबित पड़े हैं। न्याय के प्रभावशाली प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि राज्य सरकार और अदालतें मिलकर कार्य करें।
रियासत में अदालतों और जजों की संख्या बढ़ाना लोगों को समय पर न्याय दिलाने के क्रम में पहला कदम है। अदालतों में सूचना तकनीक का उपयोग करते हुए बेहतर न्यायिक ढांचा तैयार करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना पर किया विचार
अदालतों का रिकार्ड पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड करने के लिए केंद्र प्रायोजित ई-कोर्ट प्रोजेक्ट को रियासत में प्रभावशाली ढंग से लागू करने के लिए मंत्री ने मुख्य न्यायाधीश (नामित) से हस्तक्षेप करने और दिशा-निर्देश देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सितंबर 2014 में जम्मू-कश्मीर में आई बाढ़ से अदालतों का रिकार्ड भी बुरी तरह नष्ट हुआ है। ऐसे में न्यायिक रिकार्ड को सुरक्षित करने के लिए इसका डिजिटिलाइजेशन करना जरूरी है।
ताकि भविष्य में ऐसी किसी आपदा का सामना न करना पड़े। उन्होंने रियासत में प्रस्तावित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित करने के संबंध में भी जस्टिस ठाकुर से विचार विमर्श किया।