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J&K: 30 पंचों-सरपंचों ने दिया इस्तीफा, सबको है सुमन सिंह की तरह मारे जाने का डर
Thu, 10 Jan 2019 10:00 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 10 Jan 2019 10:00 AM IST
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सिख
- फोटो : फाइल
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आतंकी संगठनों की धमकी के बाद भी पंचायत चुनाव में हिस्सा लेकर जीतने वाले सिख समुदाय के 30 पंच-सरपंचों ने बुधवार को सामूहिक इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने गत शुक्रवार को सरपंच राजेंद्र सिंह के भाई सिमरजीत सिंह की आतंकियों द्वारा गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने इस मुद्दे पर आजादी समर्थकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
यह दावा करते हुए आल पार्टीज सिख कोआर्डिनेशन कमेटी (एपीएससीसी) ने कहा कि हालांकि अभी उनके इस्तीफे अभी स्वीकार नहीं हुए हैं। कहा कि त्राल में सिख युवक की हत्या के बाद सुरक्षा कारणों से त्यागपत्र दिया है।
उन्होंने आजादी समर्थकों की चुप्पी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व घाटी में सदियों पुरानी सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
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ज्ञात हो कि गत शुक्रवार को त्राल के खासीपोरा में सरपंच राजेंद्र सिंह के भाई सिमरनजीत सिंह उर्फ सुमन सिंह को आतंकियों ने गोली मार दी थी। घायलावस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया था।
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उन्होंने गत शुक्रवार को सरपंच राजेंद्र सिंह के भाई सिमरजीत सिंह की आतंकियों द्वारा गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने इस मुद्दे पर आजादी समर्थकों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
यह दावा करते हुए आल पार्टीज सिख कोआर्डिनेशन कमेटी (एपीएससीसी) ने कहा कि हालांकि अभी उनके इस्तीफे अभी स्वीकार नहीं हुए हैं। कहा कि त्राल में सिख युवक की हत्या के बाद सुरक्षा कारणों से त्यागपत्र दिया है।
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उन्होंने आजादी समर्थकों की चुप्पी पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व घाटी में सदियों पुरानी सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
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ज्ञात हो कि गत शुक्रवार को त्राल के खासीपोरा में सरपंच राजेंद्र सिंह के भाई सिमरनजीत सिंह उर्फ सुमन सिंह को आतंकियों ने गोली मार दी थी। घायलावस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया था।