जम्मू-कश्मीरः गृह मंत्रालय में धूल फांक रही फाइल, केपीएस अफसरों के प्रमोशन में हो सकती है और देरी
जम्मू कश्मीर पुलिस कैडर के 2008 बैच के 35 केपीएस अफसरों को प्रमोशन के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। पिछले पांच महीने से अफसरों की प्रमोशन संबंधित फाइल गृह मंत्रालय के पास पड़ी है। इस पर मुहर नहीं लग रही।
अब जबकि केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया है, तो ऐसे में अफसरों की प्रमोशन फाइल का मामला और आगे लटक सकता है। सूत्रों की मानें तो 31 अक्तूबर के बाद जम्मू-कश्मीर में कई बदलाव संभव हैं। ऐसे में 11 साल से प्रमोशन का इंतजार करने वाले अफसरों का इंतजार बढ़ सकता है।
जानकारी के अनुसार लगभग पांच महीने पहले डीजीपी की ओर से प्रमोशन की फाइल गृह मंत्रालय को सौंप दी गई थी। इसमें विजिलेंस की क्लीयरेंस सहित तमाम रिपोर्ट शामिल हैं। अधिकारियों के पूरे रिकार्ड की वेरिफिकेशन कराने के बाद डीजीपी ने प्रमोशन की सिफारिश कर दी थी। लेकिन अब भी यह फाइल धूल फांक रही है।
2008 के बाद हर साल मिले अफसर, कोर्ट में चल रहा मामला
2008 के बाद हर साल मिले अफसर
2008 से पहले जम्मू-कश्मीर में चार साल के बाद केपीएस अफसर बनते रहे हैं। 2008 के बाद से ही हर साल परीक्षाएं हुई और केपीएस अफसर बने। इस समय इन अफसरों को तीन ग्रेड मिल जाने थे, लेकिन अभी तक पहली प्रमोशन ही नहीं मिली है।
कोर्ट में चल रहा मामला
ओन पे ग्रेड प्रमोशन की सीनियरिटी लिस्ट बननी है। इसकी प्रक्रिया जारी है। पुलिस मुख्यालय को इसकी सूचना भी है और अगस्त महीने में इसका डाटा भी भेजा गया था। इस मामले में कोर्ट का स्टे लगा हुआ है, इसलिए प्रमोशन का मामला लंबित पड़ा है। शालीन काबरा, गृह सचिव, जेके