रहस्यमयी कारणों से सरकार गठन में हो रही देर: उमर
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पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भाजपा-पीडीपी गठबंधन सरकार के गठन में हो रही देर के कारण नहीं समझ पा रहे हैं। उमर ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि पीडीपी ने पीडीपी-भाजपा के ‘गठबंधन के एजेंडे’ को पवित्र दस्तावेज घोषित कर दिया है।
आगे लिखा कि पीडीपी प्रधानमंत्री और भाजपा की तारीफें भी कर रही है तो फिर देर क्यों हो रही है इसके कारण समझ से परे हैं। उमर की ओर से यह टिप्पणी रविवार को पीडीपी के कोर ग्रुप की बैठक के बाद पार्टी की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान पर थी।
इसमें पीडीपी की ओर से स्पष्ट किया गया था कि भाजपा के साथ गठबंधन का एजेंडा एक पवित्र दस्तावेज है और साथ ही यह भी कहा गया था कि पीडीपी की ओर से सरकार गठन के लिए कोई नई शर्तें नहीं रखी गईं हैं।
रियासत में अनिश्चितता और अराजकता का माहौल
उमर ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि शायद पीडीपी की थोड़ी सी साख बचाने को यह कवायद की जा रही है। उन्होंने लिखा कि यह दुखद है कि दो राजनीतिक दलों के गठबंधन के पास पूरा बहुमत होने के बावजूद रियासत की अवाम लोकतांत्रिक सरकार के अधिकार से महरूम है।
लिखा कि इससे रियासत में अनिश्चितता, अस्थिरता और अराजकता का माहौल है। आगे लिखा कि महबूबा के पास दो विकल्प हैं। या तो वे सरकार बनाकर जम्मू-कश्मीर की अवाम से किए गए वादे पूरे करें अथवा भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ दें।
उन्होंने लिख कि मैं महबूबा को जायज सी निराशा के साथ उनके सियासी खेलों के लिए शुभकामनाएं देता हूं, क्योंकि इस सब से आम लोगों का नुकसान होता है जोकि राजनीतिक अस्थिरता के कारण कई परेशानियां झेलते हैं।