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विश्व बैंक की मदद से होगा बाढ़ पीड़ितों का पुनर्वास

Wed, 15 Oct 2014 02:06 AM IST
Updated Wed, 15 Oct 2014 02:06 AM IST
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The World Bank will help the rehabilitation of flood victims

बाढ़ से हुई तबाही के बाद जम्मू कश्मीर के पुनर्निर्माण में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से सहायता लेने की कवायद तेज हो गई है। केंद्र सरकार ने विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक से संपर्क साधा है। उत्तराखंड, तमिलनाडु और बिहार में प्राकृतिक आपदा के बाद इन विदेशी एजेंसियों ने सहायता की थी।

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अब उसी तर्ज पर रियासत में भी पुनर्वास पैकेज देने की कोशिश हो रही है। विश्व बैंक और एशियन विकास बैंक की टीम इस बाबत इसी माह रियासत के दौरे पर आने वाली है। इस मुद्दे पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय और रियासत सरकार में सहमति बन गई है। इस बीच मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर विशेष पैकेज की मांग पर जोर दिया है।
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कश्मीर के संदर्भ में बोझ केंद्र सरकार को ही उठाना पड़ेगा

The World Bank will help the rehabilitation of flood victims

गौरतलब है कि उत्तराखंड हादसे के बाद विश्व बैंक ने लगभग 400 मिलियन डालर के सहायता पैकेज को मंजूरी दी थी। इससे पहले सुनामी से प्रभावित होने के बाद तमिलनाडु और कोशी त्रासदी के बाद बिहार के लिए सहायता पैकेज दिए गए थे। विश्व बैंक ऋण के रूप में सहायता उपलब्ध कराता है लेकिन जम्मू कश्मीर के संदर्भ में इसका अधिक बोझ केंद्र सरकार को ही उठाना पड़ेगा।

विशेष राज्य के दर्जे वाले राज्यों को इस तरह का ऋण 90 प्रतिशत अनुदान के रूप में मिलता है और राज्य सरकार को सिर्फ दस प्रतिशत राशि का कर्ज ही उतारना पड़ता है। वित्त विभाग के सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय वित्त सचिव ने इस संबंध में रियासत के अधिकारियों से बातचीत की है।

रियासत सरकार और केंद्रीय वित्त मंत्रालय में सहमति के बाद अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मदद लेने की कोशिश की जा रही है।

44 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की

The World Bank will help the rehabilitation of flood victims

रियासत सरकार ने केंद्र से 44 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की थी। इतनी बड़ी राशि एकमुश्त देने में केंद्र के समक्ष भी कई दिक्कतें हैं। अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की टीम के दौरे के बाद सहायता की राशि तय की जा सकेगी।

बाढ़ ने जम्मू कश्मीर की अर्थव्यवस्था की चूलें हिला दी हैं। पर्यटन उद्योग को गहरा झटका लगा है। पर्यटकों की आमद लगभग बंद है। इन्फ्रास्ट्रक्चर को हुई भारी क्षति से उबर पाना भी चुनौती बनी हुई है।

मांगें गए पैकेज का अध्ययन कर रहा केंद्र
बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दौरे के क्रम में एक हजार करोड़ की मदद दी थी। इससे पहले आपदा राहत कोष में 1100 करोड़ रुपये खर्च करने को केंद्र ने मंजूरी दे दी थी। मदद की दूसरी किस्त जारी करने से पहले केंद्र सरकार तमाम पहलुओं पर गौर कर आश्वस्त होना चाहती है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय फिलहाल रियासत सरकार द्वारा मांगे गए पैकेज का अध्ययन कर रहा है।

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