कश्मीर घाटी में आतंकी गुटों में वर्चस्व की जंग तेज होने की आशंका
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इससे माना जा रहा है कि आतंकी गुटों में आपसी टकराव बढ़ सकता है। इस नए समीकरण से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। ज्ञात हो कि अबू इस्माइल अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले का मास्टरमाइंड है। इसकी तलाश में लगातार सुरक्षाबलों की ओर से घेरेबंदी और तलाशी अभियान (कासो) चलाया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि अबू इस्माइल के लश्कर ए तैयबा की कमान संभालने के बाद पूर्व कमांडर अबू दुजाना ने संगठन से किनारा कर लिया है। उसने हिजबुल से अलग हुए आतंकी जाकिर मूसा के संगठन शरिया ए शहादत का दामन थाम लिया है और सेकेंड इन कमान है। हिज्ब से अलग होने के बाद ही जाकिर मूसा ने इस नए संगठन का गठन किया था। यह संगठन घाटी में शरिया राज लागू करने का पक्षधर है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह नया समीकरण सुरक्षा बलों के लिए चुनौती पेश कर सकता है। इससे आपसी वर्चस्व की जंग तेज होने की आशंका है जिसमें अपना दबदबा कायम करने के लिए यह संगठन ज्यादा से ज्यादा घटनाओं को अंजाम दे सकता है।
सुरक्षा बलों के प्रतिष्ठानों तथा ठिकानों पर हमलों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों, नेताओं तथा प्रमुख लोगों को निशाना बनाया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट है कि अबू दुजाना श्रीनगर तथा आस-पास के इलाकों में देखा गया है। जाकिर मूसा का भी श्रीनगर में प्रभाव है।
इस वजह से यह संगठन युवाओं को अपने संगठन में भर्ती कर सकता है। साथ ही इस इलाके में भी आतंकी घटनाओं को अंजाम दे सकता है। इस नए गठजोड़ का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है।