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जम्मू-कश्मीरः 2025 तक सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल होगा प्रदेश, नीति को मंजूरी
Sat, 21 Mar 2020 12:31 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 21 Mar 2020 12:31 AM IST
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कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
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प्रदेश को वर्ष 2025 तक देश की सबसे पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर पर्यटन नीति 2020 को प्रशासनिक परिषद ने मंजूरी दे दी है। आगामी वैश्विक निवेशक सम्मेलन के मद्देनजर बाहरी निवेश आकर्षित करने के लिए उपराज्यपाल जीसी मुर्मू की अध्यक्षता में परिषद ने शुक्रवार को उद्योग, ऊर्जा, और आयुष देखभाल निवेश नीति को भी स्वीकृति प्रदान कर दी।
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पर्यटन राज्य के तौर पर नई पर्यटन नीति में संबंधित क्षेत्रों के 4 हजार सेवा प्रदाताओं को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर के स्थानीय पर्व-त्योहारों का कैलेंडर तैयार होगा। रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए हर शहर में पर्व-त्योहारों के आयोजन का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रचार प्रसार किया जाएगा।
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प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की बैठक में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जम्मू-कश्मीर पर्यटन नीति-2020, जम्मू-कश्मीर उर्जा नीति, जल एवं सौर ऊर्जा नीति और आयुष देखभाल निवेश नीति को मंजूरी दी गई। निवेशक शिखर सम्मेलन के लिए 14 क्षेत्र चिह्नित किए गए हैं। इनमें 13 सेक्टरों के लिए एक छतरी के नीचे नीतियां एमएसएमई, बड़ी और मेगा इकाइयों के लिए बनाई जा रही हैं।
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बंद पावर प्लांट के लिए निवेश पर जोर
जम्मू और कश्मीर कैप्टिव पावर नीति -2020 में केंद्र शासित प्रदेश में बंद पावर प्लांट को दोबारा से शुरू करने के लिए निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। यह न केवल उद्योगपतियों को अपनी लोड डिमांड को पूरा करने के लिए सक्षम करेगा, बल्कि आवश्यकता अनुसार उन्हें ग्रिड में सरप्लस बिजली बेचने के लिए भी सक्षम करेगा। यह कदम उद्योगपतियों को चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति के साथ औद्योगिक विकास की दिशा में पहल होगा।
ग्रीन और क्लीन पावर उत्पादन के लिए नीति
जम्मू-कश्मीर जल और सौर ऊर्जा नीति ग्रीन और क्लीन पावर उत्पादन को बढ़ावा देगा। इसमें हाइड्रो और सोलर एनर्जी का उपयोग किया जाएगा। अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेशकों की भागीदारी के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा। सौर ऊर्जा स्रोत का उपयोग बढ़ाएगा जो पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए एक उपयुक्त निवेश का माहौल बनाने सहायता करेगा। इससे स्वच्छ विकास तंत्र का लाभ उठाने, सार्वजनिक-निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने, अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश जुटाने, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और कौशल वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा नागरिकों में पर्यावरणीय चेतना, ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता के लिए जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम करेगा।
हर्बल उद्योग की स्थापना के लिए नीति
जम्मू व कश्मीर आयुष देखभाल निवेश नीति-2020 का उद्देश्य नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण आयुष देखभाल सेवाएं प्रदान करना है। इसका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में औषधीय पौधों के क्षेत्र को बढ़ावा देना, प्रदेश में हर्बल उद्योग स्थापित करने के लिए औषधीय पौधों का संरक्षण, विपणन और प्रसंस्करण करना है। इससे पहले प्रशासनिक परिषद ने अपनी पिछली बैठक में जम्मू और कश्मीर के लिए वूल-प्रोसेसिंग और हैंडलूम-हस्तशिल्प, औषधि, शिक्षा और पोल्ट्री क्षेत्र के लिए चार नीतियों को अपनाने को मंजूरी दी थी।
दूध उत्पादन बढ़ाने को 25 फीसदी सब्सिडी
जम्मू। प्रशासनिक परिषद ने डेयरी कोआपरेटिव सोसाइटीज योजना को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत डेयरी कोआपरेटिव सोसाइटीज को 50 फीसदी लोन और पूंजी का 20 फीसदी सरकार देगी। 25 फीसदी की सब्सिडी भी दी जाएगी। इस प्रकार से डेयरी से खर्च का लाभार्थी को महज पांच फीसदी ही देना होगा। इस योजना को नेशनल कोआपरेटिव डेवलपमेंट कारपोरेशन की मदद से कार्यान्वित किया जाएगा। योजना के लिए एपेक्स स्तरीय निगरानी कमेटी भी बनाई गई है।