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जम्मू-कश्मीर; आतंकियों के मददगार इमाम पर पीएसए रहेगा बरकरार, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
Sat, 15 May 2021 12:07 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
जेएनएफ, जम्मू
जेएनएफ, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sat, 15 May 2021 12:07 AM IST
सार
जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और संजय डार वाली खंडपीठ ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई की। याचिका को खारिज करते हुए पीएसए को बरकरार रखा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आतंकियों के समर्थक इमाम पर लगे पीएसए को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। इमाम अब्दुल हमीद मीर पर आतकियों के समर्थक होने का आरोप है और उनका साथ देने पर प्रशासन ने मीर पर पीएसए लगाया था। मीर ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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2017 में मीर के घर आतंकियों के छिपे होने की सूचना आई थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने मीर के घर को घेर कर सर्च ऑपरेशन चलाया। सुरक्षाबलों ने मीर के घर पर तीन आतंकियों को पाया और मुठभेड़ में तीनों को मार गिराया गया। इस दौरान आतंकियों से गोला बारूद भी बरामद किया गया। मुठभेड़ में एक महिला भी मारी गई थी।
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इसे लेकर पुलिस ने केस दर्ज किया और जांच में पाया गया कि आतंकी उक्त इमाम के घर रुके थे। इमाम ने आतंकियों को बचाने के लिए स्थानीय युवकों को उकसाया भी और युवकों ने सुरक्षाबलों पर पथराव भी किया। इमाम एक मस्जिद में नमाज अता कराता था। कोर्ट ने पाया कि इमाम ने आतंकियों का साथ दिया और आतंकियों की मदद करने के लिए स्थानीय युवकों को भड़काया भी। लिहाजा उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
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हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति पर लगे पीएसए को हटाने का आदेश दिया है। रियाज अहमद भट्ट ने पीएसए को कोर्ट में चुनौती दी थी। जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और संजय डार वाली खंडपीठ ने मामले पर शुक्रवार को सुनवाई की। रियाज पर एक विस्फोट में शामिल होने का आरोप था। कोर्ट ने महसूस किया गवाहों के आधार पर आरोपी पर कोई आरोप साबित नहीं हो रहा। लिहाजा उस पर लगे पीएसए को हटाया जा रहा है।