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Jammu News: जम्मू संभाग में नए जोश के साथ तेज होगा ऑपरेशन
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गृहमंत्री के दौरे के बाद पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल, आतंकवाद विरोधी रणनीति पर तेजी से अमल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग में बढ़ रहे आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने व्यापक रणनीति तैयार की है। इसके तहत नए जोश के साथ आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन तेज किया जाएगा।
गृहमंत्री अमित शाह के हालिया जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान तैयार किए गए इस रोडमैप पर अमल करते हुए पुलिस प्रशासन ने दोहरी कार्रवाई की है। एक ओर जहां आतंकवाद विरोधी अभियानों को और अधिक आक्रामक बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल कर नई टीम गठित की गई है। यह कदम विशेष रूप से कठुआ, किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों में बढ़ रही आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
गृहमंत्री के तीन दिवसीय दौरे के ठीक आठ दिन बाद वीरवार को पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक परिवर्तन किए गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी मोहम्मद रईस भट और एसपी ऑपरेशन बसंतगढ़ पृथ्वीपाल सिंह का तबादला। इस रेंज की कमान अब महिला आईपीएस अधिकारी सारा रिजवी को सौंपी गई है। यह फेरबदल आतंकवाद विरोधी अभियान से सीधे जुड़े प्रमुख अधिकारियों को बदलने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
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किश्तवाड़ जिले में हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियों में अचानक आई तेजी ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। इसी कड़ी में पिछले छह महीनों में जिले के दो एसएसपी बदले जा चुके हैं। एसएसपी जावेद इकबाल को महज छह महीने के कार्यकाल के बाद ही हटा दिया गया, जबकि अतिरिक्त एसपी प्रदीप सिंह का भी तबादला कर दिया गया है। ये परिवर्तन पिछले वर्ष और हाल में हुए आतंकी हमलों के संदर्भ में देखे जा रहे हैं।
कठुआ जिले में भी आतंकी घटनाओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है। इसी क्रम में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे एसपी ऑपरेशन बॉर्डर निसार अहमद को भी जिले से हटा दिया गया है। हालांकि रक्षा विशेषज्ञ इन तबादलों को सीधे तौर पर बढ़ती आतंकी घटनाओं से नहीं जोड़ रहे हैं। उनका मानना है कि अधिकारियों के तबादले में कार्यकाल की अवधि, योग्यता और क्षेत्र में उनकी सक्रियता जैसे कई कारक भूमिका निभाते हैं।
पूर्व डीआईजी कुलदीप खुड्डा ने इस संबंध में बताया, अधिकारियों के तबादले एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। तबादला करने वाले अधिकारी विभिन्न कारकों को अलग-अलग वजन देते हैं, जिसका असर अंतिम निर्णय पर पड़ता है।
ये तबादले गृहमंत्री और पुलिस महानिदेशक द्वारा तैयार की गई रणनीति के अनुरूप हैं। आतंकी घटनाओं को कम करने और जनता में विश्वास पैदा करने के लिए योग्य पुलिस अधिकारियों की तैनाती आवश्यक है। गृहमंत्री की श्रीनगर में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए थे। यह फेरबदल उसी दिशा में उठाया गया पहला ठोस कदम है। इन प्रशासनिक परिवर्तनों के साथ ही जम्मू संभाग में आतंकवाद विरोधी अभियानों को नई गति मिलने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नई टीम के साथ आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा और क्षेत्र में शांति व स्थिरता सुनिश्चित की जा सकेगी।
- विजय सागर, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू संभाग में बढ़ रहे आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने व्यापक रणनीति तैयार की है। इसके तहत नए जोश के साथ आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन तेज किया जाएगा।
गृहमंत्री अमित शाह के हालिया जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान तैयार किए गए इस रोडमैप पर अमल करते हुए पुलिस प्रशासन ने दोहरी कार्रवाई की है। एक ओर जहां आतंकवाद विरोधी अभियानों को और अधिक आक्रामक बनाया गया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर फेरबदल कर नई टीम गठित की गई है। यह कदम विशेष रूप से कठुआ, किश्तवाड़ और उधमपुर जिलों में बढ़ रही आतंकी गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
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गृहमंत्री के तीन दिवसीय दौरे के ठीक आठ दिन बाद वीरवार को पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक परिवर्तन किए गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी मोहम्मद रईस भट और एसपी ऑपरेशन बसंतगढ़ पृथ्वीपाल सिंह का तबादला। इस रेंज की कमान अब महिला आईपीएस अधिकारी सारा रिजवी को सौंपी गई है। यह फेरबदल आतंकवाद विरोधी अभियान से सीधे जुड़े प्रमुख अधिकारियों को बदलने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
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किश्तवाड़ जिले में हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियों में अचानक आई तेजी ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंता में डाल दिया है। इसी कड़ी में पिछले छह महीनों में जिले के दो एसएसपी बदले जा चुके हैं। एसएसपी जावेद इकबाल को महज छह महीने के कार्यकाल के बाद ही हटा दिया गया, जबकि अतिरिक्त एसपी प्रदीप सिंह का भी तबादला कर दिया गया है। ये परिवर्तन पिछले वर्ष और हाल में हुए आतंकी हमलों के संदर्भ में देखे जा रहे हैं।
कठुआ जिले में भी आतंकी घटनाओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है। इसी क्रम में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रहे एसपी ऑपरेशन बॉर्डर निसार अहमद को भी जिले से हटा दिया गया है। हालांकि रक्षा विशेषज्ञ इन तबादलों को सीधे तौर पर बढ़ती आतंकी घटनाओं से नहीं जोड़ रहे हैं। उनका मानना है कि अधिकारियों के तबादले में कार्यकाल की अवधि, योग्यता और क्षेत्र में उनकी सक्रियता जैसे कई कारक भूमिका निभाते हैं।
पूर्व डीआईजी कुलदीप खुड्डा ने इस संबंध में बताया, अधिकारियों के तबादले एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। तबादला करने वाले अधिकारी विभिन्न कारकों को अलग-अलग वजन देते हैं, जिसका असर अंतिम निर्णय पर पड़ता है।
ये तबादले गृहमंत्री और पुलिस महानिदेशक द्वारा तैयार की गई रणनीति के अनुरूप हैं। आतंकी घटनाओं को कम करने और जनता में विश्वास पैदा करने के लिए योग्य पुलिस अधिकारियों की तैनाती आवश्यक है। गृहमंत्री की श्रीनगर में हुई सुरक्षा समीक्षा बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए थे। यह फेरबदल उसी दिशा में उठाया गया पहला ठोस कदम है। इन प्रशासनिक परिवर्तनों के साथ ही जम्मू संभाग में आतंकवाद विरोधी अभियानों को नई गति मिलने की उम्मीद है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि नई टीम के साथ आतंकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकेगा और क्षेत्र में शांति व स्थिरता सुनिश्चित की जा सकेगी।
- विजय सागर, सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर
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