जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस फैला सकते हैं आतंकी, सतर्क रहें और उन्हें पनाह न देंः मेजर जनरल ए सेनगुप्ता
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पिछले दो सप्ताह में चार नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। शुक्रवार रात को पुख्ता जानकारी मिलने के बाद शनिवार सुबह सुरक्षाबलों ने कुलगाम जिले में इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों का सफाया कर दिया। आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में हथियार और असलहा बरामद हुआ है।
वहीं विक्टर फोर्स के जीओसी मेजर जनरल ए. सेनगुप्ता ने अमर उजाला के साथ बात करते हुए बताया कि हाल ही में कुलगाम के नादिमर्ग इलाके में दो स्थानीय लोगों की दर्दनाक हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से इनपुट मिल रहे थे कि चार से पांच आतंकी इलाके में स्थानीय लोगों से जबरन खाने-पीने, रहने के साथ-साथ पैसों की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग पहले से संक्रमित हैं या संक्रमित हुए लोगों के संपर्क में रहे हैं, ऐसे लोगों से भी आतंकी जबरन खाना मांग रहे हैं। इतना ही नहीं ऐसे लोगों के संपर्क में भी आतंकी आ रहे हैं। ऐसे हालात में इन आतंकियों के जरिए घाटी में संक्रमण फैल सकता है। जीओसी मेजर जनरल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी आतंकी को पनाह मत दें। साथ ही इलाके में आतंकियों के पाए जाने पर सूचना दें।
सेना की रणनीति है कि इलाके में सभी आतंकियों को जल्द मार गिराया जाए
जीओसी के अनुसार सेना की यह रणनीति है कि इलाके में सभी आतंकियों को जल्द मार गिराया जाए ताकि इनके जरिए वायरस न फैल पाए। आतंकी एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहते हैं। इस वजह से संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना हर समय आवाम की मदद के लिए तैयार है।
वहीं, सेनगुप्ता ने बताया कि कल रात सूचना मिली कि आतंकी, इलाके में लोगों से जबरन पनाह मांग रहे हैं। आनन-फानन में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया गया। जवानों ने इलाके की घेराबंदी करनी शुरू की। इसी दौरान खुद को घिरा देख आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। जवानों ने मोर्चा संभाला।
कई घंटे चली इस मुठभेड़ में चार आतंकियों को मार गिराने में सफलता मिली। मारे गए आतंकी हिजबुल के हैं। इनके पास से एक एसएलआर, एक एके-47, एक इंसास राइफल और एक पिस्टल मिली है। बता दें कि इंसास और एसएलआर सुरक्षाबलों द्वारा इस्तेमाल की जाती है।