फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Terrorists again going to village after years, had eaten food in this village before the attack

Poonch Terror Attack : आतंकियों ने बरसों बाद फिर किया गांव का रुख, हमले से पहले शींदरा टॉप में खाया था खाना

Thu, 09 May 2024 04:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा मुनीश कुमार, पुंछ
मुनीश कुमार, पुंछ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 09 May 2024 04:36 AM IST
सार

इसका उदाहरण जिले के डन्ना शाहसितार में वायुसेना के वाहनों पर हमला करने वाले आतंकियों का है, जिन्होंने हमले के एक दिन पूर्व रात को पुंछ के गांव शींदरा टाॅप में बंदूक के बल पर एक ग्रामीण मोहम्मद रजाक के घर पर न सिर्फ रात का खाना खाया, बल्कि बचा हुआ भोजन भी अपने साथ लेकर चले गए।

विज्ञापन
Terrorists again going to village after years, had eaten food in this village before the attack
पुंछ जिले में आतंकी हमला (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले में बीते ढाई-तीन साल से आतंकवाद की जड़ें मजबूत करने में जुटे पाकिस्तान परस्त आतंकियों ने बरसों बाद फिर से गांवों का रुख कर घरों में खाना खाने का क्रम शुरू कर दिया है। इसका उदाहरण जिले के डन्ना शाहसितार में वायुसेना के वाहनों पर हमला करने वाले आतंकियों का है, जिन्होंने हमले के एक दिन पूर्व रात को पुंछ के गांव शींदरा टाॅप में बंदूक के बल पर एक ग्रामीण मोहम्मद रजाक के घर पर न सिर्फ रात का खाना खाया, बल्कि बचा हुआ भोजन भी अपने साथ लेकर चले गए।

विज्ञापन


आतंकियों के घर में खाना खाने का खुलासा पुलिस की ओर से आतंकियों का सहयोग करने के आरोप में पूछताछ के लिए उठाए गए लोगों में शामिल मोहम्मद रजाक ने किया। रजाक के बताए गए हूलिए के आधार पर ही सेना ने हमले में शामिल दो आतंकियों के स्केच बनवाकर जारी करने हुए उन पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।
विज्ञापन


इससे पूर्व जिले में पिछले ढाई-तीन वर्षों में आतंकियों की ओर से किसी घर में आकर खाना खाने का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। जिले के भाटादूड़ियां में सैन्य वाहन पर हमला कर पांच जवानों को बलिदान करने वाले आतंकियों ने करीब एक महीने तक गुरसाईं में डेरा डाले रखा था, लेकिन वे इस दौरान खाना खाने कभी किसी के घर में नहीं गए, बल्कि उन्होंने एक महीने तक गांव गुरसाईं के बाहर बने एक गुप्त ठिकाने पर ही शरण ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


ओजीडब्ल्यू निसार उन्हें उसी ठिकाने पर खाने-पीने का सामान पहुंचाता रहा। मगर इस बार आतंकियों के किसी घर में खाना मांगकर खाने के मामले का खुलासा होने से आतंकवाद के उस दौर के दर्द को ताजा करता है जब आतंकवाद के चरम पर होने के समय दहशतगर्द अकसर गांव में आ धमकते थे।

सूत्रों के अनुसार, डन्ना शाहसितार में हमला करने वाले चार में से दो आतंकी ही रजाक के घर खाना खाने पहुंचे थे। आतंकियों के गांव में घुसकर घरों में खाना खाना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। हालांकि आतंकियों के गांव में आने-जाने से उनकी पहचान करना सुरक्षा बलों के लिए आसान हो सकता है।


डन्ना शहसितार में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा बलों द्वारा पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए 18 लोगों में अकील अहमद, कफील अहमद, तसलीम अहमद, सहिल खान, इमतेयाज अहमद, मोहसिन इकबाल सभी निवासी सुरनकोट, खालिद अहमद, रोहिल खान निवासी सेलां, जफर अहमद निवासी चंडीमाडा, जुनैद अहमद, ताहिर अहमद, गुलाम जिलानी, इमरान अहमद, ताहिर अहमद, आफताब अहमद और मोहम्मद रजाक निवासी सुरनकोट के रूप में हुई है। जबकि अन्य आठ लोगों के नामों का खुलासा नहीं हो पाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed