बकरीद पर घर आए जवान का आतंकियों ने किया अपहरण, जानिए इससे पहले दहशतगर्दों ने कब-कब की कायरता
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बकरीद पर घर आए सेना के जवान का आतंकियों ने रविवार देर शाम अपहरण कर लिया। टेरिटोरियल आर्मी (टीए) में तैनात जवान की गाड़ी को भी दहशतगर्दों ने फूंक दिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जवान 162 टीए में दक्षिणी कश्मीर के बालापुर में 12 सेक्टर हेडक्वार्टर में तैनात था।
जानकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर लाइट इंफेंट्री (जैकलाई) में तैनात जवान शाकिर मंजूर बकरीद की छुट्टियों में घर आया था। रविवार देर शाम आतंकी जिले के रामभामा इलाके में उसके घर पहुंच गए। जबरन घर में घुसकर उन्होंने उसका अपहरण कर लिया।
जवान को अपने साथ ले जाते समय आतंकियों ने बाहर खड़ी उसकी कार (नंबर जेके22बी 3968) को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद परिवार वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी परिवार वालों से घटना की जानकारी हासिल की है।
पांच अगस्त से पहले सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के निर्देश
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की पहली वर्षगांठ पांच अगस्त से पहले आतंकियों ने व्यापक पैमाने पर हिंसा की साजिश रची है। इनपुट है कि सीमा पार से सुरक्षाबलों पर हमले के साथ ही पुलिसकर्मियों, सेना के जवानों और एसपीओ को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी हमले का षड्यंत्र रचा गया है। पिछले कुछ दिनों से लगातार आतंकियों और उनके कमांडरों के मारे जाने से पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं में बौखलाहट है। इसी वजह से हमले के निर्देश दिए गए हैं।
औरंगजेब और उमर फैय्याज का भी किया गया था अपहरण
आतंकियों ने इससे पहले जून 2018 में बकरीद पर घर आ रहे पुंछ निवासी जवान औरंगजेब का दक्षिणी कश्मीर के शादीमर्ग इलाके से अपहरण कर लिया था। बाद में जवान की हत्या कर दी थी। इसी तरह शादी के सिलसिले में घर गए लेफ्टिनेंट उमर फैय्याज की आतंकियों ने नौ मई, 2017 को अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी। हत्या से पहले उसे काफी यातनाएं दी गई थीं। इन दो घटनाओं के अलावा एसपीओ, पुलिसकर्मियों और जवानों के अपहरण की और भी कई घटनाएं हुई हैं।
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