{"_id":"57769f084f1c1bd42c79af1d","slug":"terrorist-trying-to-infiltrate-into-tangdhar-sector","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर के तंगधार सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Fri, 01 Jul 2016 10:19 PM IST
विज्ञापन
एलओसी
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिला कुपवाड़ा में एलओसी से सटे तंगधार सेक्टर में शुक्रवार की सुबह आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की। इस बीच एलओसी पर सतर्क जवानों ने उनकी इस कोशिश को नाकाम बनाने के लिए मोर्चा संभाल लिया।
इसके साथ ही भीषण मुठभेड़ शुरू हुई। आतंकियों को तलाशने के लिए व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है। जानकारी के अनुसार घुसपैठ की कोशिश तंगधार सेक्टर की ईगल पोस्ट के करीब हुई। फायरिंग सुबह साढ़े सात बजे शुरू हुई, जो करीब एक घंटे तक चली।
सैन्य सूत्रों के अनुसार ईगल पोस्ट के करीब आतंकियों के एक दल ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसमें चार आतंकी थे। इस पर एलओसी पर तैनात 26 राजपूत के सतर्क जवानों ने उन्हें चुनौती दी। इस दौरान आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इसका जवाब भारतीय सेना के जवानों ने भी दिया।
विज्ञापन
इस दौरान यह नहीं पता चल पाया कि आतंकी भाग खड़े हुए या फिर मारे गए या भारतीय सीमा में दाखिल होने में सफल रहे। इसे ध्यान में रखते हुए 26 राजपूत द्वारा सेना के विशेष चार पैरा टूपर्स के साथ मिलकर इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया।
विज्ञापन
इसके साथ ही भीषण मुठभेड़ शुरू हुई। आतंकियों को तलाशने के लिए व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है। जानकारी के अनुसार घुसपैठ की कोशिश तंगधार सेक्टर की ईगल पोस्ट के करीब हुई। फायरिंग सुबह साढ़े सात बजे शुरू हुई, जो करीब एक घंटे तक चली।
विज्ञापन
सैन्य सूत्रों के अनुसार ईगल पोस्ट के करीब आतंकियों के एक दल ने घुसपैठ की कोशिश की, जिसमें चार आतंकी थे। इस पर एलओसी पर तैनात 26 राजपूत के सतर्क जवानों ने उन्हें चुनौती दी। इस दौरान आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इसका जवाब भारतीय सेना के जवानों ने भी दिया।
विज्ञापन
इस दौरान यह नहीं पता चल पाया कि आतंकी भाग खड़े हुए या फिर मारे गए या भारतीय सीमा में दाखिल होने में सफल रहे। इसे ध्यान में रखते हुए 26 राजपूत द्वारा सेना के विशेष चार पैरा टूपर्स के साथ मिलकर इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया।