आतंकी सज्जाद बोला तुमसे बेहतर ट्रेनिंग मिली है मुझे
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अब तक जिंदा हाथ लगे तीन पाकिस्तानी आतंकियों में से सज्जाद सबसे खतरनाक नजर आ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि कसाब और नावेद को जहां आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए भेजा गया था वहीं सज्जाद को लश्कर के कमजोर होते नेटवर्क को मजबूत करने का जिम्मा सौंपा गया था।
लश्कर के टॉप कमांडरों के साथ इसके सीधे ताल्लुकात हैं। यही वजह है कि गुफा में फेंके गए चिली बम और आंसू गैस से बेहाल सज्जाद पकड़ा तो गया लेकिन अब उसने पूछताछ कर रही एजेंसियों के अफसरों को तेवर दिखाना शुरू कर दिया है।
सूत्रों की मानें तो सज्जाद ने इन अफसरों से कहा है कि मेरी तर्बियत (ट्रेनिंग) तुम लोगों से कई गुना बेहतर ढंग से हुई है। हमें टैक्नोलॉजी में माहिर करने के साथ-साथ ज़ेहनी तौर पर भी इतना मजबूत बनाया जाता है कि मैं हफ्ते-हफ्ते भर तक खाने-पीने को कुछ न मिले तब भी लड़ता रह सकता हूं। नावेद ने जहां पूछताछ में ज्यादा पैंतरे नहीं दिखाए थे, वहीं सज्जाद बड़ी चालाकी से पेश आ रहा है।
दूसरे दिन से ही तेवर दिखाने लगा है पाक आतंकी
बावजूद इसके अब तक की पूछताछ से इतना तो साफ हो गया है कि कश्मीर में अपने कमजोर होते निजाम से लश्कर के आकाओं के होश उड़े हुए हैं।
कयूम नजर की बगावत और लश्कर-ए-इसलाम संगठन बना लेने के बाद लश्कर को यह निहायत जरूरी लगने लगा कि अगर नजर का खात्मा न किया गया तो यह सिलसिला बढ़ भी सकता है।
इसके अलावा हुर्रियत नेताओं और मोबाइल टावरों पर हुए हमलों ने लश्कर के स्लीपर सेलों और लोकल मददगारों को भी नाराज कर दिया। ऐसे में डैमेज कंट्रोल और आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए लश्कर में लोकल लड़कों की भर्ती के अहम् मिशन पर सज्जाद को भेजा गया था।
इन शातिर मंसूबों के साथ बारत आया था सज्जाद
लश्कर की बदकिस्मती से वह घुसपैठ के अगले ही दिन दबोच लिया गया। सूत्रों का कहना है कि लश्कर के आगामी कैलेंडर में तीन बातों पर जोर है। एक, शांत समझे जाने वाले इलाकों में आतंकी हमले, दो - कयूम का खात्मा और नये लड़कों को लश्कर से जोड़ना, तीन- बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) द्वारा किसी हौलनाक कारनामे को अंजाम दिलाना।
अपने दो-दो जिंदा आतंकी भारतीय एजेंसियों के पास होने से बौखलाए पाकिस्तान को समझ नहीं आ रहा कि वह इन हालात से कैसे निपटे। नावेद को निशाना बनाने के उसके मंसूबे भी कामयाब नहीं हो पाए। एनआईए के आला अफसर भी आईजी मुकेश सिंह के नेतृत्व में सज्जाद से राज उगलवाने श्रीनगर पहुंच चुके हैं।
भारत के लिए मौजूदा वक्त में सबसे अच्छी बात यह है कि घाटी में हिजबुल और जैश का नेटवर्क करीब-करीब ध्वस्त हो चुका है। पीओके में लांचिंग पैड पर मौजूद ट्रेंड आतंकी भी घुसपैठ में बार-बार नाकाम हो रहे हैं। नावेद और सज्जाद से मिली जानकारी के आधार पर लोकल मददगारों को तेजी से दबोचा जा रहा है। इसके चलते आतंकियों को हवाला के जरिये पैसा पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है।