सीमा पार बार बार देखे जा रहे थे आतंकियों के दो समूह
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खुफिया एजेंसियों के सूत्रों की मानें तो हीरानगर सेक्टर के सामने पड़ते पाकिस्तान के गांवों में आतंकियों के दो समूह बार बार दिखने की सूचनाएं मिल रही थीं। पांच से छह और सात से आठ की संख्या में दो अलग अलग समूह कई दफा अपनी पोजीशन बदलते देखे गए।
बाकायदा धार्मिक स्थल, प्रमुख इमारतों का हवाला देकर हथियारबंद आतंकियों की मूवमेंट और ठिकाने बदलने के क्रम के बारे में इनपुट जारी किए गए। सूत्रों के अनुसार समझा जाता है कि एक समूह घुसपैठ में कामयाब रहा है जबकि आतंकियों की ज्यादा संख्या वाला दूसरा समूह अब ट्रैक नहीं हो पा रहा है।
सीमा पार के हालात पर नजर रखने वाली खुफिया एजेंसियां दिसंबर के अंत या फिर जनवरी महीने में आतंकी हमले की साजिश का इनपुट जारी कर रही थीं।
पारंपरिक रूटों पर सख्ती देख टारगेट बदल रहे आतंकी
भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ के पारंपरिक रूटों पर कड़े पहरे से आतंकियों को अपना टारगेट बदलना पड़ रहा है। हाल के महीनों में रियासत के पड़ोसी राज्य पंजाब में दो आतंकी हमले इसकी जसदीक करते हैं।
कभी घुसपैठ के लिए सेफ पैसेज रहे कठुआ जिले के दरियाई नालों पर सीमा सुरक्षा बल, सेना और एसओजी सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों का पहरा कड़ा होने की वजह से आतंकियों के लिए घुसपैठ करना मुमकिन नहीं हो पा रहा।
घुसपैठ के रूट की पहली संभावना कठुआ जिले के दरियाई नालों से जताई जा रही थी। जबकि यह इनपुट साथ लगते पंजाब के सुरक्षातंत्र को भी प्रेषित कर दिया गया। खुफिया सूत्रों ने बताया कि जम्मू कश्मीर की सरहद में आने वाली भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा घेरे को पहले से ज्यादा कड़ा किया गया है।
आईबी पर घुसपैठ के लिहाज से कठुआ जिले के दरियाई नाले सबसे ज्यादा संवेदनशील रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ समय में सीमा से सटे इलाकों में झाड़ियों और सरकंडे की सफाई की गई है।
इसके अलावा निगरानी तंत्र को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कई स्थानों पर चौकियां बनाई गई हैं। उस पर बीएसएफ के बाद सीमा के भीतरी इलाके में सेना और एसओजी द्वारा दरियाई नाले समय समय पर खंगाले जा रहे हैं।