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Jammu News: छत्रगलां में आतंकी हमले से बनी में भी दहशत
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- पर्यटन पर भी पड़ेगा असर, सरथल और भद्रवाह के बीच ठप रहा यातायात
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। 1992 में सरथल में नई बनी पुलिस पोस्ट पर आतंकियों ने हमला कर दिया। यह वह दौर था जब आतंकवाद चरम पर था। इसके बाद सेना की तैनाती के बीच दो दशक में इलाके से आतंक का खात्मा कर दिया गया। लेकिन अब हालात एक बार फिर खराब नजर आ रहे हैं। कठुआ जिले के बनी और डोडा जिले के भद्रवाह के अंतिम छोर छत्रगलां में सेना और पुलिस पोस्ट पर आतंकी हमले ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर अलर्ट कर दिया है। इस इलाके में संदिग्धों की मौजूदगी नई नहीं है। बसंतगढ़ में सुरक्षाबलों की आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद से लगातार बनी के ढग्गर से लेकर लोआंग और छत्रगला से लेकर सियोज धार के इलाके बेहद संवेदनशील माने जा रहे थे।
हाल फिलहाल के मामलों के बाद स्थानीय लोग भी आतंकी गतिविधियां बढ़ने और इसमें स्थानीय मदद की आशंका जताने के साथ ही सेना की बनी में फिर तैनाती को लेकर लगातार मांग कर रहे थे। दरअसल लखनपुर से पुल डोडा तक सैद्धांतिक रूप से मंजूर हुए नेशनल हाईवे के पास आतंकियों के इस हमले ने साफ कर दिया है कि चिनाब घाटी के साथ-साथ उनका मकसद कठुआ जिले के पहाड़ी इलाकों में भी दहशत फैलाना है। बनी से भद्रवाह को जोड़ने वाले मार्ग पर छत्रगलां टॉप कठुआ और भद्रवाह की सीमा है। ऐसे में आए दिन लोग जहां पर्यटन के लिहाज से भी पहुंचते हैं। साथ ही बनी और भद्रवाह के बीच सफर करने वाले लोग इसी रूट का इस्तेमाल करते रहे हैं। इस इलाके में आतंकियाें ने अपनी मौजूदगी दर्ज करवाकर पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी दहशत फैलाने का काम किया है। छत्रगलां हमले के बाद बनी कसबे समेत आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पर्यटन के लिए सरथल पहुंचे लोगों को सुबह जैसे ही आतंकी घटना की जानकारी मिली वो भी वापस लौट लिए। उधर, स्थानीय दुकानदार भी दिन भर निराश दिखे। उनका कहना है कि इस तरह की घटना का सीधा असर पर्यटन और यहां के रोजगार पर पड़ेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। 1992 में सरथल में नई बनी पुलिस पोस्ट पर आतंकियों ने हमला कर दिया। यह वह दौर था जब आतंकवाद चरम पर था। इसके बाद सेना की तैनाती के बीच दो दशक में इलाके से आतंक का खात्मा कर दिया गया। लेकिन अब हालात एक बार फिर खराब नजर आ रहे हैं। कठुआ जिले के बनी और डोडा जिले के भद्रवाह के अंतिम छोर छत्रगलां में सेना और पुलिस पोस्ट पर आतंकी हमले ने सुरक्षा एजेंसियों को एक बार फिर अलर्ट कर दिया है। इस इलाके में संदिग्धों की मौजूदगी नई नहीं है। बसंतगढ़ में सुरक्षाबलों की आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद से लगातार बनी के ढग्गर से लेकर लोआंग और छत्रगला से लेकर सियोज धार के इलाके बेहद संवेदनशील माने जा रहे थे।
हाल फिलहाल के मामलों के बाद स्थानीय लोग भी आतंकी गतिविधियां बढ़ने और इसमें स्थानीय मदद की आशंका जताने के साथ ही सेना की बनी में फिर तैनाती को लेकर लगातार मांग कर रहे थे। दरअसल लखनपुर से पुल डोडा तक सैद्धांतिक रूप से मंजूर हुए नेशनल हाईवे के पास आतंकियों के इस हमले ने साफ कर दिया है कि चिनाब घाटी के साथ-साथ उनका मकसद कठुआ जिले के पहाड़ी इलाकों में भी दहशत फैलाना है। बनी से भद्रवाह को जोड़ने वाले मार्ग पर छत्रगलां टॉप कठुआ और भद्रवाह की सीमा है। ऐसे में आए दिन लोग जहां पर्यटन के लिहाज से भी पहुंचते हैं। साथ ही बनी और भद्रवाह के बीच सफर करने वाले लोग इसी रूट का इस्तेमाल करते रहे हैं। इस इलाके में आतंकियाें ने अपनी मौजूदगी दर्ज करवाकर पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी दहशत फैलाने का काम किया है। छत्रगलां हमले के बाद बनी कसबे समेत आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पर्यटन के लिए सरथल पहुंचे लोगों को सुबह जैसे ही आतंकी घटना की जानकारी मिली वो भी वापस लौट लिए। उधर, स्थानीय दुकानदार भी दिन भर निराश दिखे। उनका कहना है कि इस तरह की घटना का सीधा असर पर्यटन और यहां के रोजगार पर पड़ेगा।
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