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Jammu News: आतंकी हमले में मारे गए पूर्व सरपंच के जनाजे में उमड़ा जनसैलाब, आतंकवाद के खिलाफ उबाल
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- एजाज अहमद शेख के पार्थिव शरीर को हीरपोरा में किया गया सुपुर्द-ए खाक
- ग्रामीण बोले - एजाज ने किया गांव का विकास
अनंतनाग। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शनिवार रात को आतंकी हमले में मारे गए भाजपा के पूर्व सरपंच एजाज अहमद शेख के जनाजे में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर किसी की जुबान पर आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा और इसे मिटाने की आवाज बुलंद थी। एजाज अहमद शेख के पार्थिव शरीर को रविवार को उनके पैतृक गांव हीरपोरा में सुपुर्द-ए खाक किया गया। जनाजे में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि सरपंच रहते एजाज ने गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया, जिससे काफी सुधार हुआ है। बताया जा रहा है कि एजाज अहमद शेख के तीन बच्चे हैं, इनमें दो बेटियां और एक बेटा है। उनके साथ हुई बर्बरता का पड़ोसी इलाकों के लोगों ने भी शोक व्यक्त किया और कहा कि ऐसी घटनाओं से विकास पर रोक लग सकती है। सरकार को घाटी से आतंकवाद को पूरी तरह से मिटाना होगा।
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युवाओं को 500 रुपये देकर पत्थरबाजी के लिए उकसाया जाता था...
शेख का हाल ही में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जो काफी चर्चित रहा, जिसमें वह बताते हैं कि जब घाटी में पत्थरबाजी होती थी तो हम जैसे भटके युवाओं को पता नहीं था कि किस रास्ते पर जाएं और क्या करें। उस वक्त युवाओं को 500 रुपये देकर पत्थरबाजी के लिए उकसाया जाता था, लेकिन अब वे दिन बीत चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वीडियो की चर्चा की थी। श्रीनगर सीट से लोकसभा चुनाव में अपना वोट डालने के बाद शेख ने कहा था कि हम खुली फिजा में जी रहे हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह पहला मौका है, जब शांतिपूर्ण तरीके से हम लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा ले सके हैं। 2014 से पहले हम वोट डालने से भी डरते थे और अलगाववादियों की तरफ से बहिष्कार की कॉल दी जाती थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
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- ग्रामीण बोले - एजाज ने किया गांव का विकास
अनंतनाग। दक्षिण कश्मीर के शोपियां में शनिवार रात को आतंकी हमले में मारे गए भाजपा के पूर्व सरपंच एजाज अहमद शेख के जनाजे में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर किसी की जुबान पर आतंकवाद के खिलाफ गुस्सा और इसे मिटाने की आवाज बुलंद थी। एजाज अहमद शेख के पार्थिव शरीर को रविवार को उनके पैतृक गांव हीरपोरा में सुपुर्द-ए खाक किया गया। जनाजे में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि सरपंच रहते एजाज ने गांव के विकास के लिए हर संभव प्रयास किया, जिससे काफी सुधार हुआ है। बताया जा रहा है कि एजाज अहमद शेख के तीन बच्चे हैं, इनमें दो बेटियां और एक बेटा है। उनके साथ हुई बर्बरता का पड़ोसी इलाकों के लोगों ने भी शोक व्यक्त किया और कहा कि ऐसी घटनाओं से विकास पर रोक लग सकती है। सरकार को घाटी से आतंकवाद को पूरी तरह से मिटाना होगा।
युवाओं को 500 रुपये देकर पत्थरबाजी के लिए उकसाया जाता था...
शेख का हाल ही में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जो काफी चर्चित रहा, जिसमें वह बताते हैं कि जब घाटी में पत्थरबाजी होती थी तो हम जैसे भटके युवाओं को पता नहीं था कि किस रास्ते पर जाएं और क्या करें। उस वक्त युवाओं को 500 रुपये देकर पत्थरबाजी के लिए उकसाया जाता था, लेकिन अब वे दिन बीत चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस वीडियो की चर्चा की थी। श्रीनगर सीट से लोकसभा चुनाव में अपना वोट डालने के बाद शेख ने कहा था कि हम खुली फिजा में जी रहे हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यह पहला मौका है, जब शांतिपूर्ण तरीके से हम लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा ले सके हैं। 2014 से पहले हम वोट डालने से भी डरते थे और अलगाववादियों की तरफ से बहिष्कार की कॉल दी जाती थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
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