शिक्षक ये काम करेंगे तो बच्चों कौन पढ़ाएगा
विद्यार्थियों को शिक्षा देने वाले बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) बने शिक्षक एक बार फिर से व्यस्त हो गए हैं। इनको अब वोटर कार्ड को आधार कार्ड के साथ जोड़ने का काम सौंपा गया है। सभी काम में जुट भी चुके है।
इस काम के लिए इनको कई बार स्कूल से गैरहाजिर भी होना पड़ रहा है, जिसके कारण विद्यार्थियों की शिक्षा एक बार फिर से प्रभावित होने लगी है। 2014 में लोकसभा व विधानसभा में बीएलओ बने शिक्षकों ने महीनों काम किया था।
इससे पहले जनगणना का काम भी बीएलओ से ही करवाया गया था। इन कार्यों में शिक्षकों के व्यस्त रहने के कारण सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शिक्षा बुरी तरह से प्रभावित हुई थी। अब एक बार फिर से इन बीएलओ को प्रशासन ने व्यस्त कर दिया है।
300 शिक्षक को बनाया गया बीएलओ
जम्मू संभाग में बीएलओ को आधार कार्ड को वोटर कार्ड से जोड़ने का काम करवाया जा रहा है। सात अप्रैल से सभी बीएलओ ने इसको लेकर काम शुरू कर दिया है। आठ व नौ अप्रैल को प्रशासन की तरफ से बैठकों को आयोजन करके इनको दिशा निर्देश दिए गए।
12 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर का शिविर लगाकर विस्तृत जानकारी दी गई। अब यह सभी शहर व ग्रामीण इलाकों में पहुंच कर लोगों को इसकी जानकारी दे रहे हैं। सात अगस्त तक सभी बीएलओ को अपना काम पूरा करके रिपोर्ट प्रशासन के पास जमा करवानी है।
जम्मू जिले में करीब 300 शिक्षक बीएलओ बनकर काम कर रहे हैं। सभी जिलों में इनकी संख्या 250-300 के बीच है। जब इन बीएलओ इस काम के लिए स्कूल से गैरहाजिर होना पड़ता है तो विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होती है।
वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास तो यह भी जानकारी नहीं है कि कितने शिक्षकों को बीएलओ बनाकर प्रशासन के आदेश पर काम कर रहे हैं।