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प्रापर्टी टैक्स लगाने का हो रहा विरोध
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सांबा। जम्मू-कश्मीर सरकार ने म्यूनिसिपल काउंसिल के आधीन आने वाली भूमि, मकान, दुकान पर अब प्रापर्टी टैक्स लगाने का कानून बना कर लागू कर दिया है। इसका पार्षदों ने विरोध किया है।
जम्मू-कश्मीर म्यूनिसिपल कमेटी एक्ट-2020 के अनुसार काउंसिल के अधीन आने वाले मकान, दुकान, खाली पडे़ प्लाट पर अब प्रापर्टी टैक्स देना होगा। इसको लेकर लोगों के साथ काउंसिल के पार्षद भी परेशान दिखे।
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जब से म्यूनिसिपल काउंसिल के चुनाव हुए हैं वार्ड को बिजली पानी की समस्या ही मुक्त नहीं कर पाए हैं। विकास के नाम पर भी फंड नहीं उपलब्ध हो रहे हैं। ऐसे में लोगों पर प्रापर्टी टैक्स थोप कर सरकार लोगों पर अधिक बोझ डाल रही है।
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-रजनी संबयाल, पार्षद
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केंद्र सरकार ने पहले से ही जम्मू-कश्मीर में टोल प्लाजा लगा कर लोगों पर भारी बोझ डाल दिया है। ऐसे में एक और बोझ लोगों पर पडे़गा। उनके अनुसार टोल प्लाजा तो लगाए गए, लेकिन सड़कों की आज भी दयनीय हालत है। ऐसे ही प्रापर्टी टैक्स लगाकर धन सरकार ले जाएगी, विकास कागजों तक ही सीमित रहेगा।
-माहेशवर राज, पार्षद
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प्रापर्टी टैक्स से म्यूनिसिपल काउंसिल के दायरे में रहने वाले लोगों को एक नया टैक्स थोपा गया है। जो सही नहीं है। इससे आम लोग अधिक प्रभावित होंगे। सरकार तो कह रही है कि टैक्स से अधिक आय होगी। अधिक विकास होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। केवल लोगों पर आर्थिक बोझ ही डाला जा रहा है।
-उत्तम चंद, पार्षद
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प्रापर्टी टैक्स से मध्यम वर्गीय परिवार पर पडे़गा बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। शहरी क्षेत्र में प्रापर्टी टैक्स लगाए जाने से सबसे अधिक दिक्कतें मध्यम वर्गीय परिवार पर पडे़गी। महंगाई और रोजगार की कम संभावनाओं के बीच लोगों को कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ेगी।
प्रीतम लाल ने कहा कि पहले ही महंगाई की मार से हर कोई परेशान है। अब प्रापर्टी टैक्स लगाए जाने से लोगों की दिक्कतों में बढ़ोतरी होगी। इस समय खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। पेट्रोलियम पदार्थों सहित रसोई गैस सिलिंडर में भी दिन ब दिन बढ़ोतरी हो रही है। लोगों के पास दिन ब दिन आय के साधन कम हो रहे हैं। पढे़ लिखे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।
जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के बाद टोल पर टोल लगा लोगों को परेशान किया जा रहा है। अग प्रापर्टी टैक्स लगाए जाने पर लोगों को परेशानी उठानी पडे़गी। इन लोगों के पास अधिक प्रापर्टी है और वह इसका टैक्स नहीं भर रहे। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों को दिक्कत न हो।
योगराज शर्मा ने कहा कि बेनामी प्रापर्टी होने पर ऐसे लोगों की सरकार को सूची बनाकर पहले उन पर प्रापर्टी टैक्स लगाए जाएं जो आजादी के बाद आय का अधिक साधन नहीं होने पर प्रापर्टी खरीद कर सरकार को टैक्स नहीं भर रहे। सरकार को प्रापर्टी टैक्स लगाते समय मध्यम वर्गीय लोगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उनको दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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प्रॉपर्टी टैक्स
म्यूनिसिपल कमेटी के नुमाइंदों की अलग-अलग राय
संवाद न्यूज एजेंसी
बाड़ी ब्राह्मणा। शहरी क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स लगाने पर म्यूनिसिपल कमेटी के नुमाइंदों की अलग-अलग राय है। यह आदेश लागू होने के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी असमंजस की स्थिति है। कई लोग इसे विकास की रफ्तार समझ रहे हैं। तो इस आदेश को शहरी क्षेत्रों में थोपने की कोशिश की जा रही है और पैसा इकट्ठा करने की बात की जा रही है।
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ऐसा कोई आदेश सरकार द्वारा अमल में नहीं लाया जा सकता है, जिससे गरीब लोगों की परेशानी बढ़े। फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगाना चाहिए। असल में यह अफवाह फैलाई जा रही है जिसको लोगों को नजरअंदाज कर देना चाहिए।
-पूरन चंद, अध्यक्ष, म्यूनिसिपल कमेटी, बाड़ी ब्राह्मणा
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प्रॉपर्टी टैक्स लागू किए जाने के आदेश का पालन करता हूं। इससे शहरी क्षेत्रों में विकास की जो रफ्तार धीमी पड़ी है। उसको रफ्तार मिलेगी। लोग हर सुविधा पाना चाहते हैं लेकिन उसके बदले में कोई योगदान नहीं देना चाहते।
-बक्शी, पार्षद, वार्ड-3
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एक गरीब मजदूर दिहाड़ी लगाकर अपना गुजर बसर करता है। वह सरकार को प्रापर्टी टैक्स कहां से देगा। शहरी क्षेत्रों में रहने वाला हर कोई अमीर व्यक्ति नहीं होता। प्रॉपर्टी टैक्स को लागू नहीं करना चाहिए।
-सुजाता देवी, पार्षद, वार्ड-1
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सरकार का यह आदेश जमीनी स्तर पर काम करने से पहले लागू नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा उल्टी फेर है। ऐसा भी हो सकता है कि जो लोग ज्यादा प्रॉपर्टी के मालिक हैं वे उस तरह का टैक्स सरकार को दे ही ना पाएं।
-वचन लाल, पार्षद, वार्ड-11
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प्रापर्टी टैक्स लागू किए जाने के आदेश पर सरकार किस तरह से तय करेगी कि किस व्यक्ति को कितना टैक्स लगाया जाएगा, क्योंकि अगर शहर में किसी के पास 20 लाख की प्रॉपर्टी है और आमदनी 20 हजार है तो वह अपना प्रॉपर्टी टैक्स किस लिहाज से सरकार को दे पाएगा।
-चिंकल थापा, स्थानीय निवासी
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जम्मू-कश्मीर म्यूनिसिपल कमेटी एक्ट-2020 के अनुसार काउंसिल के अधीन आने वाले मकान, दुकान, खाली पडे़ प्लाट पर अब प्रापर्टी टैक्स देना होगा। इसको लेकर लोगों के साथ काउंसिल के पार्षद भी परेशान दिखे।
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जब से म्यूनिसिपल काउंसिल के चुनाव हुए हैं वार्ड को बिजली पानी की समस्या ही मुक्त नहीं कर पाए हैं। विकास के नाम पर भी फंड नहीं उपलब्ध हो रहे हैं। ऐसे में लोगों पर प्रापर्टी टैक्स थोप कर सरकार लोगों पर अधिक बोझ डाल रही है।
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-रजनी संबयाल, पार्षद
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केंद्र सरकार ने पहले से ही जम्मू-कश्मीर में टोल प्लाजा लगा कर लोगों पर भारी बोझ डाल दिया है। ऐसे में एक और बोझ लोगों पर पडे़गा। उनके अनुसार टोल प्लाजा तो लगाए गए, लेकिन सड़कों की आज भी दयनीय हालत है। ऐसे ही प्रापर्टी टैक्स लगाकर धन सरकार ले जाएगी, विकास कागजों तक ही सीमित रहेगा।
-माहेशवर राज, पार्षद
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प्रापर्टी टैक्स से म्यूनिसिपल काउंसिल के दायरे में रहने वाले लोगों को एक नया टैक्स थोपा गया है। जो सही नहीं है। इससे आम लोग अधिक प्रभावित होंगे। सरकार तो कह रही है कि टैक्स से अधिक आय होगी। अधिक विकास होगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। केवल लोगों पर आर्थिक बोझ ही डाला जा रहा है।
-उत्तम चंद, पार्षद
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प्रापर्टी टैक्स से मध्यम वर्गीय परिवार पर पडे़गा बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। शहरी क्षेत्र में प्रापर्टी टैक्स लगाए जाने से सबसे अधिक दिक्कतें मध्यम वर्गीय परिवार पर पडे़गी। महंगाई और रोजगार की कम संभावनाओं के बीच लोगों को कई प्रकार की दिक्कतें उठानी पड़ेगी।
प्रीतम लाल ने कहा कि पहले ही महंगाई की मार से हर कोई परेशान है। अब प्रापर्टी टैक्स लगाए जाने से लोगों की दिक्कतों में बढ़ोतरी होगी। इस समय खाद्य पदार्थों की कीमतें आसमान छू रही हैं। पेट्रोलियम पदार्थों सहित रसोई गैस सिलिंडर में भी दिन ब दिन बढ़ोतरी हो रही है। लोगों के पास दिन ब दिन आय के साधन कम हो रहे हैं। पढे़ लिखे युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा।
जम्मू-कश्मीर पीपुल सेक्युलर फोरम के प्रधान कुंदन लाल शर्मा ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने के बाद टोल पर टोल लगा लोगों को परेशान किया जा रहा है। अग प्रापर्टी टैक्स लगाए जाने पर लोगों को परेशानी उठानी पडे़गी। इन लोगों के पास अधिक प्रापर्टी है और वह इसका टैक्स नहीं भर रहे। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए ताकि मध्यम वर्गीय परिवार के लोगों को दिक्कत न हो।
योगराज शर्मा ने कहा कि बेनामी प्रापर्टी होने पर ऐसे लोगों की सरकार को सूची बनाकर पहले उन पर प्रापर्टी टैक्स लगाए जाएं जो आजादी के बाद आय का अधिक साधन नहीं होने पर प्रापर्टी खरीद कर सरकार को टैक्स नहीं भर रहे। सरकार को प्रापर्टी टैक्स लगाते समय मध्यम वर्गीय लोगों का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि उनको दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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प्रॉपर्टी टैक्स
म्यूनिसिपल कमेटी के नुमाइंदों की अलग-अलग राय
संवाद न्यूज एजेंसी
बाड़ी ब्राह्मणा। शहरी क्षेत्र में प्रॉपर्टी टैक्स लगाने पर म्यूनिसिपल कमेटी के नुमाइंदों की अलग-अलग राय है। यह आदेश लागू होने के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी असमंजस की स्थिति है। कई लोग इसे विकास की रफ्तार समझ रहे हैं। तो इस आदेश को शहरी क्षेत्रों में थोपने की कोशिश की जा रही है और पैसा इकट्ठा करने की बात की जा रही है।
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ऐसा कोई आदेश सरकार द्वारा अमल में नहीं लाया जा सकता है, जिससे गरीब लोगों की परेशानी बढ़े। फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लगाना चाहिए। असल में यह अफवाह फैलाई जा रही है जिसको लोगों को नजरअंदाज कर देना चाहिए।
-पूरन चंद, अध्यक्ष, म्यूनिसिपल कमेटी, बाड़ी ब्राह्मणा
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प्रॉपर्टी टैक्स लागू किए जाने के आदेश का पालन करता हूं। इससे शहरी क्षेत्रों में विकास की जो रफ्तार धीमी पड़ी है। उसको रफ्तार मिलेगी। लोग हर सुविधा पाना चाहते हैं लेकिन उसके बदले में कोई योगदान नहीं देना चाहते।
-बक्शी, पार्षद, वार्ड-3
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एक गरीब मजदूर दिहाड़ी लगाकर अपना गुजर बसर करता है। वह सरकार को प्रापर्टी टैक्स कहां से देगा। शहरी क्षेत्रों में रहने वाला हर कोई अमीर व्यक्ति नहीं होता। प्रॉपर्टी टैक्स को लागू नहीं करना चाहिए।
-सुजाता देवी, पार्षद, वार्ड-1
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सरकार का यह आदेश जमीनी स्तर पर काम करने से पहले लागू नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा उल्टी फेर है। ऐसा भी हो सकता है कि जो लोग ज्यादा प्रॉपर्टी के मालिक हैं वे उस तरह का टैक्स सरकार को दे ही ना पाएं।
-वचन लाल, पार्षद, वार्ड-11
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प्रापर्टी टैक्स लागू किए जाने के आदेश पर सरकार किस तरह से तय करेगी कि किस व्यक्ति को कितना टैक्स लगाया जाएगा, क्योंकि अगर शहर में किसी के पास 20 लाख की प्रॉपर्टी है और आमदनी 20 हजार है तो वह अपना प्रॉपर्टी टैक्स किस लिहाज से सरकार को दे पाएगा।
-चिंकल थापा, स्थानीय निवासी