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Jammu News: करोड़ों की परियोजना उपेक्षा की शिकार, तवी पार्क में दम तोड़ रहीं सुविधाएं
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जम्मू। शहर की पहचान और पर्यटन गतिविधियों के प्रमुख केंद्रों में शुमार वेयर हाउस तवी पार्क बदहाल व्यवस्था के कारण चर्चा में है। करोड़ों की लागत से विकसित किए गए पार्क की वर्तमान स्थिति पर्यटन विभाग के रखरखाव के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। जगह-जगह क्षतिग्रस्त झूले, जर्जर संरचनाएं और अव्यवस्थित सुविधाएं अनदेखी की गवाही दे रही हैं।
बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए उपकरण विभाग की लापरवाही का शिकार हैं। टूटे-फूटे ट्रेन झूलों की हालत ऐसी है कि वह बेपटरी हो गए हैं। पूरे परिसर में जगह-जगह जलाए कूड़े से पेड़-पौधे झुलसे नजर आ रहे हैं। कुछ खेल उपकरण का तो उपयोग करना भी जोखिम भरा साबित हो सकता है। कई स्थानों पर रंग-रोगन उखड़ चुका है। पार्किंग क्षेत्र की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। अव्यवस्था और देखरेख की कमी के कारण पार्क नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है।
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टिकट के नाम पर लिए जा रहे 10 रुपये
पार्क में घूमने आए अर्जुन थापा, राजकिशोर शर्मा व सतीश सहित अन्य लोगों का कहना है कि हम सभी से टिकट के नाम पर 10 रुपये लिए तो गए लेकिन पार्क में देखने के लिए कुछ नहीं है। इतना ही नहीं, बच्चों के खेलने व कूदने के लिए उपकरण भी सही नहीं है। विभाग की ओर से पार्क को शहर के प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया गया था लेकिन समय पर रखरखाव नहीं होने से चमक फीकी पड़ती जा रही है। गर्मी की छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं लेकिन बदहाल सुविधाएं अनुभव को खराब कर देती हैं। पर्यटन विभाग से लोगों ने मांग की है कि पार्क और पार्किंग क्षेत्र की मरम्मत कराकर नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि करोड़ों रुपये की परियोजना का उद्देश्य पूरा हो सके और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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बच्चों के मनोरंजन के लिए लगाए गए उपकरण विभाग की लापरवाही का शिकार हैं। टूटे-फूटे ट्रेन झूलों की हालत ऐसी है कि वह बेपटरी हो गए हैं। पूरे परिसर में जगह-जगह जलाए कूड़े से पेड़-पौधे झुलसे नजर आ रहे हैं। कुछ खेल उपकरण का तो उपयोग करना भी जोखिम भरा साबित हो सकता है। कई स्थानों पर रंग-रोगन उखड़ चुका है। पार्किंग क्षेत्र की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। अव्यवस्था और देखरेख की कमी के कारण पार्क नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है।
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टिकट के नाम पर लिए जा रहे 10 रुपये
पार्क में घूमने आए अर्जुन थापा, राजकिशोर शर्मा व सतीश सहित अन्य लोगों का कहना है कि हम सभी से टिकट के नाम पर 10 रुपये लिए तो गए लेकिन पार्क में देखने के लिए कुछ नहीं है। इतना ही नहीं, बच्चों के खेलने व कूदने के लिए उपकरण भी सही नहीं है। विभाग की ओर से पार्क को शहर के प्रमुख पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया गया था लेकिन समय पर रखरखाव नहीं होने से चमक फीकी पड़ती जा रही है। गर्मी की छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं लेकिन बदहाल सुविधाएं अनुभव को खराब कर देती हैं। पर्यटन विभाग से लोगों ने मांग की है कि पार्क और पार्किंग क्षेत्र की मरम्मत कराकर नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि करोड़ों रुपये की परियोजना का उद्देश्य पूरा हो सके और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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